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Sonipat News: टीन शेड जर्जर, सड़क खस्ताहाल और टूटे प्लेटफाॅर्म पर डाली जा रही फसल

Mon, 07 Oct 2024 07:10 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Mon, 07 Oct 2024 07:10 PM IST
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Tin shed is dilapidated, road is in bad condition and crops are being put on broken platform
सोनीपत। रोहतक राेड स्थित नई अनाज मंडी का टीन शेड जर्जर हो चुका है और सड़कें व प्लेटफॉर्म टूटे हुए हैं।
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धान के सीजन में किसानों को फसल डालने में परेशानी हो रही है। शेड के जर्जर होने से उसमें सुराख हो चुके हैं। ऐसे में बारिश आने पर फसल शेड के नीचे होते हुए भी भीगने से नहीं बच सकेगी। अनाज मंडी में शेड की मरम्मत करने के लिए आढ़तियों की ओर से बार-बार मांग की जा रही है। हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड की ओर से कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।
नई अनाज मंडी का निर्माण वर्ष 2000 में हुआ था। मंडी से टैक्स के रूप में करोड़ों रुपये हर वर्ष मार्केट कमेटी में जमा होते हैं। मार्केट कमेटी के अनुसार हर साल 13 लाख मीट्रिक टन अनाज की आवक होती है। उसके बावजूद अनाज मंडी में सुविधा न के बराबर है। आढ़ती हर सीजन में मंडियों की सुविधा बढ़ाने की मांग करते रहते हैं। उसके बावजूद समस्या का समय पर समाधान नहीं हो पाता। साथ ही किसानों का कहना है कि चावल का निर्यात कम होने के कारण किसानों को धान का भाव पिछले साल से 800 रुपये कम मिल रहा है। एक साल पहले प्राइवेट मिलर्स ने किसानों से 3800 रुपये प्रति क्विंटल तक बासमती धान खरीदा था। इस बार किसानों को 3000 रुपये प्रति क्विंटल तक ही धान खरीदा जा रहा है। बाजार में कीटनाशक व खरपतवार की दवाइयों के दाम दोगुने हो गए हैं। प्रतिवर्ष धान की फसल उगाने के लिए लागत बढ़ रही है, लेकिन दाम कम मिल रहे हैं।
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मंडी में टीन शेड की बेहतर व्यवस्था की जानी चाहिए। टिन शेड जर्जर होने के कारण बारिश में किसानों को परेशानी हो जाती है। बारिश के दौरान शेड के नीचे पड़ी धान की ढेरियां भी भीग जाती है।
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-नरेंद्र कुमार, गांव बड़ौली

सड़कों पर गड्ढे होने से किसानों को मंडी में फसल लेकर आने में दिक्कत होती है। अधिकारियों की ओर से टूटे पड़े प्लेटफार्म की मरम्मत तक नहीं कराई जा रही है। उनकी लापरवाही से किसानों को गड्ढों में फसल उतारनी पड़ रही है।
- मनदीप , गांव भठगांव

मंडी में सुविधाओं का अभाव है। सरकार की ओर से मंडी में खराब व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाना चाहिए। मंडी में सफाई न होने के कारण जगह-जगह गंदगी के ढेर लग रहे है।
- प्रवीन, गांव जाखौली

मंडी की व्यवस्था में सुधार लाने के लिए कई बार अधिकारियों को पत्र लिखा जा चुका हैं। अधिकारियों की ओर से जल्द समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया जाता है। उसके बाद अधिकारी व्यवस्था को ठीक करने में कोई कार्रवाई नहीं कर रहे।

- संजय वर्मा, आढ़ती एवं पूर्व वाइस चेयरमैन, मार्केट कमेटी
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मंडी में मरम्मत करने के लिए मुख्यालय चार करोड़ रुपये का एस्टीमेट भेज दिया था। मुख्यालय से एस्टीमेट पर कुछ ऑब्जेक्शन (आपत्ति) लगकर आए हैं, उन ऑब्जेक्शन को दूर करके दोबारा एस्टीमेट भेज दिया जाएगा।
मनीष कुमार, उपमंडल अभियंता, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड, सोनीपत
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