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Sonipat News: जिला अस्पताल में साढ़े तीन साल से रेडियोलॉजिस्ट नहीं, पेटी में बंद अल्ट्रासाउंड मशीन
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फोटो 05: सोनीपत के बहालगढ़ रोड स्थित जिला नागरिक अस्पताल। संवाद
सोनीपत। नागरिक अस्पताल में साढ़े तीन साल से रेडियोलॉजिस्ट का पद खाली है। इससे गर्भवती व अन्य मरीजों को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए निजी केंद्रों पर जाना पड़ रहा है। अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट न होने से अल्ट्रसाउंड मशीन पेटी में बंद है। स्वास्थ्य विभाग ने महिला रोग विशेषज्ञ को रोहतक पीजीआई में मशीन चलाने के लिए प्रशिक्षण दिलाया था। अब महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. ज्योत्सना का प्रमोशन हो चुका है, उसकी नियुक्ति नहीं हो सकी।
जिला नागरिक अस्पताल में साढ़े तीन साल से अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं है। सितंबर, 2021 में रेडियोलॉजिस्ट डॉ. रीटा गोयल का रोहतक तबादला हो गया था। इसके बाद अभी तक कोई दूसरे रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हो सकी थी। अस्पताल के अल्ट्रासाउंड केंद्र पर कुछ समय तक ताला लटका रहा, लेकिन बाद में वहां एक्स-रे की सुविधा शुरू कर दी गई थी। स्वास्थ्य विभाग ने अल्ट्रासाउंड मशीन को एक पेटी में सीलबंद करके रख दिया था। अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के अलावा अन्य मरीजों के मुफ्त अल्ट्रासाउंड किए जाते थे। प्राइवेट सेंटर पर अल्ट्रासाउंड कराने के लिए करीब एक हजार रुपये खर्च आता है।
रेडियोलॉजिस्ट ने दो माह के लिए लिया था प्रशिक्षण
जिला नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड केंद्र के संचालन के लिए रेडियोलॉजिस्ट की मांग की जा रही थी। जुलाई 2024 मुख्यालय ने गायनोकॉलोजिस्ट को अल्ट्रासाउंड करने का प्रशिक्षण दिलाने के लिए मंजूरी दी थी। गायनोकॉलोजिस्ट डॉ. ज्योत्सना को प्रशिक्षण के लिए रिलीव करके दो माह के लिए रोहतक स्थित पंडित भगवत दयाल शर्मा पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पीजीआईएमएस) भेजा था। डॉ. ज्योत्सना का अब प्रमोशन हो चुका है, उन्हें स्टेशन मिलना बाकी है। अस्पताल प्रबंधन को रेडियोलॉजिस्ट मिलने का इंतजार है। उसके बाद ही अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा शुरू की जा सकेगी।
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महिलाओं को परेशानी
अस्पताल में रोजाना औसतन 250 महिलाओं की ओपीडी होती है। इनमें से प्रतिदिन 50 गर्भवती को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए लिखा जाता है। स्वास्थ्य विभाग ने गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए निजी अस्पतालों को पैनल पर लिया हुआ है। गर्भवती को नौ माह में दो बार अल्ट्रासाउंड की जरूरत होती है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के नियमानुसार महिला को मुफ्त अल्ट्रासाउंड की सुविधा एक बार ही मिलती है। दोबारा अल्ट्रासाउंड के लिए 800 रुपये का भुगतान करना पड़ता है।
जिला नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड केंद्र शुरू करने के लिए रेडियोलॉजिस्ट की मांग की जा रही है। विभाग ने गायनोकॉलोजिस्ट डॉ. ज्योत्सना को प्रशिक्षण दिलाया था, लेकिन अब उनका भी प्रमोशन हो चुका है।
- डॉ. जयंत आहूजा, सिविल सर्जन, सोनीपत
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जिला नागरिक अस्पताल में साढ़े तीन साल से अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं है। सितंबर, 2021 में रेडियोलॉजिस्ट डॉ. रीटा गोयल का रोहतक तबादला हो गया था। इसके बाद अभी तक कोई दूसरे रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हो सकी थी। अस्पताल के अल्ट्रासाउंड केंद्र पर कुछ समय तक ताला लटका रहा, लेकिन बाद में वहां एक्स-रे की सुविधा शुरू कर दी गई थी। स्वास्थ्य विभाग ने अल्ट्रासाउंड मशीन को एक पेटी में सीलबंद करके रख दिया था। अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के अलावा अन्य मरीजों के मुफ्त अल्ट्रासाउंड किए जाते थे। प्राइवेट सेंटर पर अल्ट्रासाउंड कराने के लिए करीब एक हजार रुपये खर्च आता है।
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रेडियोलॉजिस्ट ने दो माह के लिए लिया था प्रशिक्षण
जिला नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड केंद्र के संचालन के लिए रेडियोलॉजिस्ट की मांग की जा रही थी। जुलाई 2024 मुख्यालय ने गायनोकॉलोजिस्ट को अल्ट्रासाउंड करने का प्रशिक्षण दिलाने के लिए मंजूरी दी थी। गायनोकॉलोजिस्ट डॉ. ज्योत्सना को प्रशिक्षण के लिए रिलीव करके दो माह के लिए रोहतक स्थित पंडित भगवत दयाल शर्मा पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पीजीआईएमएस) भेजा था। डॉ. ज्योत्सना का अब प्रमोशन हो चुका है, उन्हें स्टेशन मिलना बाकी है। अस्पताल प्रबंधन को रेडियोलॉजिस्ट मिलने का इंतजार है। उसके बाद ही अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा शुरू की जा सकेगी।
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महिलाओं को परेशानी
अस्पताल में रोजाना औसतन 250 महिलाओं की ओपीडी होती है। इनमें से प्रतिदिन 50 गर्भवती को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए लिखा जाता है। स्वास्थ्य विभाग ने गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए निजी अस्पतालों को पैनल पर लिया हुआ है। गर्भवती को नौ माह में दो बार अल्ट्रासाउंड की जरूरत होती है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के नियमानुसार महिला को मुफ्त अल्ट्रासाउंड की सुविधा एक बार ही मिलती है। दोबारा अल्ट्रासाउंड के लिए 800 रुपये का भुगतान करना पड़ता है।
जिला नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड केंद्र शुरू करने के लिए रेडियोलॉजिस्ट की मांग की जा रही है। विभाग ने गायनोकॉलोजिस्ट डॉ. ज्योत्सना को प्रशिक्षण दिलाया था, लेकिन अब उनका भी प्रमोशन हो चुका है।
- डॉ. जयंत आहूजा, सिविल सर्जन, सोनीपत