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Sonipat News: कफ सिरप, दर्द निवारक दवाओं की है किल्लत, डिलिवरी हट तक नहीं
Sat, 28 Dec 2024 10:20 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 28 Dec 2024 10:20 PM IST
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सोनीपत। नीति आयोग के सदस्य डॉ. विनोद कुमार पॉल व सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के सचिव अमित यादव ने शनिवार को तीन स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया तो स्वास्थ्य विभाग के दावों की पोल खुल गई। यहां कफ सिरप से लेकर दर्द निवारक दवाओं तक की किल्लत मिली। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जटवाड़ा में डिलिवरी हट तक नहीं मिला।
शनिवार को टीम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची और चिकित्सकों व स्टाफ कर्मियों से बात कर वहां की व्यवस्थाओं की जांच की। इस दौरान दो स्वास्थ्य केंद्र में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ही नहीं मिले। टीम ने गांव जाखौली स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भी दौरा किया। गांव रायपुर स्थित हेल्थ वेलनेस सेंटर में स्टाफ ने बताया कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के अभाव में खुद सफाई करते हैं। चतुर्थ श्रेणी कर्मी की नियुक्ति के लिए मांग भेजी है। नीति आयोग के सदस्य डॉ. विनोद कुमार पॉल दवाओं की जानकारी लेने लगे तो उपायुक्त डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि अस्पतालों में खांसी के लिए कफ सिरप और दर्द निवारक दवाओं की किल्लत रहती है। लघु सचिवालय में लगाए जा रहे समाधान शिविर में इन दवाओं की मांग आ रही है। इसको लेकर मुख्यालय अवगत करा रखा है। टीम के साथ एनएचएम हरियाणा के निदेशक डॉ. जितेंद्र कादियान, एसडीएम अमित कुमार, सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहुजा, एसएमओ डॉ. अनविता कौशिक भी मौजूद रहीं।
मानसिक रोगियों को नहीं मिलता टेली मानस सेवा का लाभ
राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के लिए टेली मानस सेवा की शुरुआत कर रखी है। इस सेवा के बारे में आयोग के सदस्य डॉ. विपिन कुमार पॉल ने जानकारी ली तो स्वास्थ्य केंद्र की इंचार्ज डॉ. दीपांशी ने बताया कि टेली मानस सेवा ज्यादा व्यस्त रहता है। इससे मानसिक रोगियों को रेफर करना पड़ता है।
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शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डिलिवरी की व्यवस्था नहीं
टीम जटवाड़ा स्थित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुंची। वहां केंद्र इंचार्ज डॉ. शैलजा ने बताया कि 70 हजार की आबादी पर सात एएनएम काम कर रही हैं। अस्पताल में डिलिवरी हट की सुविधा नहीं है। गर्भवती को डिलिवरी के लिए नागरिक अस्पताल में भेजना पड़ता है। लैब टेस्ट की सुविधा है।
नेत्र रोग विशेषज्ञ ने छोड़ दी थी नौकरी
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों की आंखों की जांच के लिए नेत्र विशेषज्ञ नहीं है। उप सिविल सर्जन डॉ. नीरज यादव ने बताया कि यहां पर एनएचएम के जरिए नेत्र विशेषज्ञ की नियुक्ति की थी, बाद में उन्होंने नौकरी छोड़ दी थी। यहां की चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी छोटूराम धर्मशाला में संचालित स्वास्थ्य केंद्र में डेपुटेशन पर गई हुई है।
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शनिवार को टीम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची और चिकित्सकों व स्टाफ कर्मियों से बात कर वहां की व्यवस्थाओं की जांच की। इस दौरान दो स्वास्थ्य केंद्र में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ही नहीं मिले। टीम ने गांव जाखौली स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भी दौरा किया। गांव रायपुर स्थित हेल्थ वेलनेस सेंटर में स्टाफ ने बताया कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के अभाव में खुद सफाई करते हैं। चतुर्थ श्रेणी कर्मी की नियुक्ति के लिए मांग भेजी है। नीति आयोग के सदस्य डॉ. विनोद कुमार पॉल दवाओं की जानकारी लेने लगे तो उपायुक्त डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि अस्पतालों में खांसी के लिए कफ सिरप और दर्द निवारक दवाओं की किल्लत रहती है। लघु सचिवालय में लगाए जा रहे समाधान शिविर में इन दवाओं की मांग आ रही है। इसको लेकर मुख्यालय अवगत करा रखा है। टीम के साथ एनएचएम हरियाणा के निदेशक डॉ. जितेंद्र कादियान, एसडीएम अमित कुमार, सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहुजा, एसएमओ डॉ. अनविता कौशिक भी मौजूद रहीं।
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मानसिक रोगियों को नहीं मिलता टेली मानस सेवा का लाभ
राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के लिए टेली मानस सेवा की शुरुआत कर रखी है। इस सेवा के बारे में आयोग के सदस्य डॉ. विपिन कुमार पॉल ने जानकारी ली तो स्वास्थ्य केंद्र की इंचार्ज डॉ. दीपांशी ने बताया कि टेली मानस सेवा ज्यादा व्यस्त रहता है। इससे मानसिक रोगियों को रेफर करना पड़ता है।
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शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डिलिवरी की व्यवस्था नहीं
टीम जटवाड़ा स्थित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुंची। वहां केंद्र इंचार्ज डॉ. शैलजा ने बताया कि 70 हजार की आबादी पर सात एएनएम काम कर रही हैं। अस्पताल में डिलिवरी हट की सुविधा नहीं है। गर्भवती को डिलिवरी के लिए नागरिक अस्पताल में भेजना पड़ता है। लैब टेस्ट की सुविधा है।
नेत्र रोग विशेषज्ञ ने छोड़ दी थी नौकरी
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों की आंखों की जांच के लिए नेत्र विशेषज्ञ नहीं है। उप सिविल सर्जन डॉ. नीरज यादव ने बताया कि यहां पर एनएचएम के जरिए नेत्र विशेषज्ञ की नियुक्ति की थी, बाद में उन्होंने नौकरी छोड़ दी थी। यहां की चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी छोटूराम धर्मशाला में संचालित स्वास्थ्य केंद्र में डेपुटेशन पर गई हुई है।