फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   The weather is taking a toll on the health of children, with over 200 infants arriving at the hospital daily.

Sonipat News: मासूमों की सेहत पर मौसम की मार, रोजाना 200 से अधिक नौनिहाल पहुंच रहे अस्पताल

Thu, 02 Jul 2026 12:53 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 02 Jul 2026 12:53 AM IST
विज्ञापन
The weather is taking a toll on the health of children, with over 200 infants arriving at the hospital daily.
फोटो : सोनीपत के नागरिक अस्पताल ​स्थित बाल रोग वार्ड में भर्ती बच्चे। संवाद
सोनीपत। सोनीपत। बदलते मौसम, उमस और दूषित खानपान के कारण बच्चों में डायरिया और पेट संबंधी संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल की बाल रोग ओपीडी में रोजाना 200 से अधिक बच्चे उल्टी, दस्त, बुखार और पेट संबंधी संक्रमण की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। बाल रोग वार्ड में 15 बच्चे भर्ती हैं। चिकित्सकों ने अभिभावकों से बच्चों की खानपान और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की अपील की है।
विज्ञापन

जिला नागरिक अस्पताल में इन दिनों बुखार और दूषित पानी से होने वाले संक्रमण के मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। ओपीडी के बाहर बच्चों को लेकर पहुंचे अभिभावकों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विशाल सैनी ने बताया कि गर्मी और उमस बढ़ने के साथ छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है, जिससे वे संक्रमण की चपेट में जल्दी आ जाते हैं।
विज्ञापन

खुले खाद्य पदार्थों से बढ़ रहा खतरा
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. एमपी शर्मा ने बताया कि बाजार में खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से उल्टी और दस्त के मामले बढ़ रहे हैं। खुले खाद्य पदार्थों पर मक्खियां बैठने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

डॉ. विशाल सैनी ने बताया कि लगातार उल्टी, दस्त, बुखार, सुस्ती और भूख कम लगने जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। लापरवाही से बच्चों में डिहाइड्रेशन की गंभीर स्थिति बन सकती है। उन्होंने बच्चों को उबला या स्वच्छ पानी पिलाने, घर का ताजा भोजन देने और खुले खाद्य पदार्थों से परहेज करने की सलाह दी।

शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करें
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अलंकृता गेरा ने कहा कि शुरुआती लक्षण दिखने पर घरेलू उपचार के बजाय तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए, ताकि बीमारी गंभीर होने से पहले ही उसका उपचार हो सके।
बचाव के उपाय
बच्चों को तेज धूप से बचाएं।
पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ दें।
डायरिया होने पर ओआरएस का घोल पिलाएं।
खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से परहेज करें।
बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed