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सफाई व्यवस्था पर पार्षदों का हंगामा, कंपनी प्रतिनिधि को बैठक से बाहर निकाला
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सोनीपत। निगम पार्षदों ने हाउस की बैठक में शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर अधिकारियों व कंपनी पर अपना गुस्सा उतारा। बैठक में सफाई के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। पार्षदों ने नगर निगम और जेबीएम कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की। इस बीच जेबीएम कंपनी के मुख्य प्रबंधक राजेंद्र सिंह ने सफाई देने की कोशिश की तो पार्षदों ने उनको बैठक से बाहर निकाल दिया।
बैठक में प्रस्ताव पारित हुआ कि शहर से कचरा प्वाइंट खत्म न होने तक कंपनी के भुगतान पर रोक लगाई जाएगी, साथ ही कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने के लिए प्रदेश सरकार को लिखा जाएगा। इसमें विधायक सुरेंद्र पंवार व जयवीर सिंह ने मामले को विधानसभा में उठाने की बात कही। बैठक में मेयर निखिल मदान के साथ ही पार्षदों ने एक सुर में कहा कि कंपनी सफाई के नाम पर 1.74 करोड़ रुपये नगर निगम से ले रही है, लेकिन शहर में सफाई की स्थिति खराब है।
नगर निगम में सफाई व्यवस्था का काम कर रही कंपनी अपना कार्य मानकों के अनुरूप नहीं कर रही है। शिकायत करने के बाद भी कूड़ा उठाने वाली गाड़ी एक सप्ताह तक नहीं आती है, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है। जेबीएम कंपनी ने निगम को जितनी गाड़ियां व कर्मी बताए हैं, उनमें भी गड़बड़ी की गई है। मेयर और सभी पार्षदों ने फैसला किया कि जेबीएम कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की सिफारिश की जाएगी। वहीं, अब तक कार्यकाल की जांच कर जुर्माना भी वसूला जाएगा।
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पार्षदों ने कंपनी के खिलाफ खोला मोर्चा
पार्षदों ने आरोप लगाया है कि जेबीएम कंपनी ने ठेके की शर्तों के अनुसार कर्मी पूरे नहीं लगाए हुए है तो गाड़ी भी पूरी नहीं है। डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने के लिए गाड़ी एक सप्ताह में एक बार पहुंचती है और इसकी शिकायत करने पर लोगों संग अभद्रता की जाती है। उसके बावजूद पूरे महीने का बिल वसूला जाता है। इसके साथ ही नगर निगम भी करोड़ों रुपये उस पर खर्च कर रहा है। जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पार्षदों के हंगामे के बाद बाद नगर निगम अधिकारियों ने कंपनी के कर्मचारियों की सूची मांगी है जो कचरा उठान में लगे है। वहीं, शहर में निजी एजेंसी की ओर से कार्यरत सफाई कर्मियों की भी सूची मांगी गई है। इसके लिए कंपनी और सफाई शाखा को दो दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। इस पर मेयर निखिल मदान ने कहा कि सफाई कार्य की निगरानी के लिए एक कमेटी गठित की जाए तो कार्य की निगरानी करेगी।
-
वार्डों में समान काम न होने पर भड़के पार्षद
वार्ड पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों में होने वाले विकास को लेकर निगम अधिकारियों को एजेंडे दिए तो वार्डों में समान काम नहीं होने की बात कही। पार्षदों ने कहा कि एक वार्ड में 7 करोड़ रुपये के काम जबकि दूसरे वार्ड में 1 करोड़ रुपये के भी काम नहीं हुए। राई विधायक मोहन लाल बड़ौली ने प्रत्येक वार्ड में पहले 4 करोड़ रुपये के काम करने की बात कही, जिसके चलते अधिकांश पार्षदों ने समर्थन किया।
वार्डों में इस तरह होने हैं काम
वार्ड रुपये (करोड़)
1 3.52
2 1.61
3 3.25
4 7.13
5 3.48
6 2.77
7 4.81
9 6.54
10 2.59
11 3.54
12 2.28
13 2.81
14 6.54
15 3.08
16 2.56
17 2.39
19 4.61
20 2.20
स्टांप ड्यूटी के मिले 88 करोड़ रुपये का निगम ने दिया हिसाब
नगर निगम के खाते में स्टांप ड्यूटी के करीब 88 करोड़ रुपये जमा थे। इसमें से निगम बिजली निगम के बकाया 10 करोड़ रुपये में से 5 करोड़ रुपये के बिल जमा कराएगा, 10 करोड़ रुपये सीएम विंडो की घोषणाओं पर खर्च करेगा। 5 करोड़ रुपये स्टाफ क्वार्टरों पर खर्च करेगा। 1 करोड़ 25 लाख रुपये शमशान घाट पर खर्च हुए। 10 करोड़ रुपये के निगम क्षेत्र में होने वाले विकास कार्य के लिए खर्च किए जाएंगे, जिनके एस्टीमेट तैयार किए जा चुके हैं। अब निगम के पास 33 करोड़ रुपये स्टांप ड्यूटी के बचे हुए हैं।
वर्जन
सफाई व्यवस्था पर पार्षदों ने नाराजगी जताई है। पार्षदों की शिकायत पर संज्ञान लिया जाएगा। कचरा उठाने वाली गाड़ियों पर हेल्पर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। लापरवाही बरतने पर कंपनी पर जुर्माना भी लगाया जाएगा। कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने का निर्णय उच्च स्तर पर ही लिया जाना है। उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट दे दी जाएगी।
- धर्मेंद्र सिंह, आयुक्त, नगर निगम।
वर्जन
शहर के हर वार्ड में डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने के लिए गाड़ियां भेजी जा रही है। हर गाड़ी पर हेल्पर व चालकों की नियुक्ति कर रखी है। सड़कों पर कूड़े के सेकेंडरी प्वाइंट को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है।
- राजेंद्र सिंह, मुख्य प्रबंधक जेबीएम
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बैठक में प्रस्ताव पारित हुआ कि शहर से कचरा प्वाइंट खत्म न होने तक कंपनी के भुगतान पर रोक लगाई जाएगी, साथ ही कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने के लिए प्रदेश सरकार को लिखा जाएगा। इसमें विधायक सुरेंद्र पंवार व जयवीर सिंह ने मामले को विधानसभा में उठाने की बात कही। बैठक में मेयर निखिल मदान के साथ ही पार्षदों ने एक सुर में कहा कि कंपनी सफाई के नाम पर 1.74 करोड़ रुपये नगर निगम से ले रही है, लेकिन शहर में सफाई की स्थिति खराब है।
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नगर निगम में सफाई व्यवस्था का काम कर रही कंपनी अपना कार्य मानकों के अनुरूप नहीं कर रही है। शिकायत करने के बाद भी कूड़ा उठाने वाली गाड़ी एक सप्ताह तक नहीं आती है, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है। जेबीएम कंपनी ने निगम को जितनी गाड़ियां व कर्मी बताए हैं, उनमें भी गड़बड़ी की गई है। मेयर और सभी पार्षदों ने फैसला किया कि जेबीएम कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की सिफारिश की जाएगी। वहीं, अब तक कार्यकाल की जांच कर जुर्माना भी वसूला जाएगा।
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पार्षदों ने कंपनी के खिलाफ खोला मोर्चा
पार्षदों ने आरोप लगाया है कि जेबीएम कंपनी ने ठेके की शर्तों के अनुसार कर्मी पूरे नहीं लगाए हुए है तो गाड़ी भी पूरी नहीं है। डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने के लिए गाड़ी एक सप्ताह में एक बार पहुंचती है और इसकी शिकायत करने पर लोगों संग अभद्रता की जाती है। उसके बावजूद पूरे महीने का बिल वसूला जाता है। इसके साथ ही नगर निगम भी करोड़ों रुपये उस पर खर्च कर रहा है। जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पार्षदों के हंगामे के बाद बाद नगर निगम अधिकारियों ने कंपनी के कर्मचारियों की सूची मांगी है जो कचरा उठान में लगे है। वहीं, शहर में निजी एजेंसी की ओर से कार्यरत सफाई कर्मियों की भी सूची मांगी गई है। इसके लिए कंपनी और सफाई शाखा को दो दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। इस पर मेयर निखिल मदान ने कहा कि सफाई कार्य की निगरानी के लिए एक कमेटी गठित की जाए तो कार्य की निगरानी करेगी।
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वार्डों में समान काम न होने पर भड़के पार्षद
वार्ड पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों में होने वाले विकास को लेकर निगम अधिकारियों को एजेंडे दिए तो वार्डों में समान काम नहीं होने की बात कही। पार्षदों ने कहा कि एक वार्ड में 7 करोड़ रुपये के काम जबकि दूसरे वार्ड में 1 करोड़ रुपये के भी काम नहीं हुए। राई विधायक मोहन लाल बड़ौली ने प्रत्येक वार्ड में पहले 4 करोड़ रुपये के काम करने की बात कही, जिसके चलते अधिकांश पार्षदों ने समर्थन किया।
वार्डों में इस तरह होने हैं काम
वार्ड रुपये (करोड़)
1 3.52
2 1.61
3 3.25
4 7.13
5 3.48
6 2.77
7 4.81
9 6.54
10 2.59
11 3.54
12 2.28
13 2.81
14 6.54
15 3.08
16 2.56
17 2.39
19 4.61
20 2.20
स्टांप ड्यूटी के मिले 88 करोड़ रुपये का निगम ने दिया हिसाब
नगर निगम के खाते में स्टांप ड्यूटी के करीब 88 करोड़ रुपये जमा थे। इसमें से निगम बिजली निगम के बकाया 10 करोड़ रुपये में से 5 करोड़ रुपये के बिल जमा कराएगा, 10 करोड़ रुपये सीएम विंडो की घोषणाओं पर खर्च करेगा। 5 करोड़ रुपये स्टाफ क्वार्टरों पर खर्च करेगा। 1 करोड़ 25 लाख रुपये शमशान घाट पर खर्च हुए। 10 करोड़ रुपये के निगम क्षेत्र में होने वाले विकास कार्य के लिए खर्च किए जाएंगे, जिनके एस्टीमेट तैयार किए जा चुके हैं। अब निगम के पास 33 करोड़ रुपये स्टांप ड्यूटी के बचे हुए हैं।
वर्जन
सफाई व्यवस्था पर पार्षदों ने नाराजगी जताई है। पार्षदों की शिकायत पर संज्ञान लिया जाएगा। कचरा उठाने वाली गाड़ियों पर हेल्पर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। लापरवाही बरतने पर कंपनी पर जुर्माना भी लगाया जाएगा। कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने का निर्णय उच्च स्तर पर ही लिया जाना है। उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट दे दी जाएगी।
- धर्मेंद्र सिंह, आयुक्त, नगर निगम।
वर्जन
शहर के हर वार्ड में डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने के लिए गाड़ियां भेजी जा रही है। हर गाड़ी पर हेल्पर व चालकों की नियुक्ति कर रखी है। सड़कों पर कूड़े के सेकेंडरी प्वाइंट को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है।
- राजेंद्र सिंह, मुख्य प्रबंधक जेबीएम