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नारी शिक्षा और सशक्तीकरण के उद्देश्य को पूरा करने के लिए विवि प्रयत्नशील : प्रो. सुदेश
Tue, 25 Feb 2025 01:36 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 25 Feb 2025 01:36 AM IST
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फोटो 14- सोनीपत के खानपुर कलां में भगत फूल सिंह की जयंती पर आयोजित हवन कार्यक्रम में महिला विश्
गोहाना। खानपुर कलां स्थित महिला विश्वविद्यालय मात्र शिक्षण संस्थान ही नहीं, महान शिक्षाविद भगत फूल सिंह की तपोस्थली है। यह विश्वविद्यालय उनके बलिदान और प्रेरणा से नारी शिक्षा व सशक्तीकरण में जन भागीदारी का जीवंत उदाहरण है। यह बात बीपीएस महिला विवि की कुलपति प्रो सुदेश ने कही। वह सोमवार को भगत फूल सिंह की जयंती पर यज्ञशाला में आयोजित हवन में आहुति डाल रही थी। शकुंतला देवी ने विधि विधान से यज्ञ संपन्न कराया।
भगत फूल सिंह को नमन करते हुए कुलपति प्रो. सुदेश ने कहा कि यह आयोजन केवल हवन मात्र नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय समुदाय के लिए पुनः संकल्प लेने का अवसर है कि किस प्रकार भगत फूल सिंह ने विषम परिस्थितियों में कठिन संघर्ष कर इस शिक्षा रूपी पौधे को लगाया। उनके निस्वार्थ सेवा के उद्देश्य और संकल्प के परिणाम स्वरूप यह पौधा आज विश्वविद्यालय रूपी वट वृक्ष बन गया है। उन्होंने कहा कि नारी शिक्षा व सशक्तीकरण के उद्देश्य को पूरा करने के लिए विवि लगातार प्रयत्नशील है। भगत फूल सिंह और बहन सुभाषिनी देवी के विचार व नारी शिक्षा में योगदान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए उनसे जुड़े संस्मरण का दस्तावेजीकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। इस अवसर पर शकुंतला देवी ने भगत फूल सिंह के जीवन से जुड़ी यादें साझा कीं। इस दौरान ज्ञानवती, ब्रह्मवती, साहिब कौर, डॉ सुमन दलाल सहित प्राध्यापक, शोधार्थी, विद्यार्थी, गैर शिक्षक कर्मी एवं कन्या गुरुकुल विद्यापीठ की छात्राएं उपस्थित रही।
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भगत फूल सिंह को नमन करते हुए कुलपति प्रो. सुदेश ने कहा कि यह आयोजन केवल हवन मात्र नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय समुदाय के लिए पुनः संकल्प लेने का अवसर है कि किस प्रकार भगत फूल सिंह ने विषम परिस्थितियों में कठिन संघर्ष कर इस शिक्षा रूपी पौधे को लगाया। उनके निस्वार्थ सेवा के उद्देश्य और संकल्प के परिणाम स्वरूप यह पौधा आज विश्वविद्यालय रूपी वट वृक्ष बन गया है। उन्होंने कहा कि नारी शिक्षा व सशक्तीकरण के उद्देश्य को पूरा करने के लिए विवि लगातार प्रयत्नशील है। भगत फूल सिंह और बहन सुभाषिनी देवी के विचार व नारी शिक्षा में योगदान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए उनसे जुड़े संस्मरण का दस्तावेजीकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। इस अवसर पर शकुंतला देवी ने भगत फूल सिंह के जीवन से जुड़ी यादें साझा कीं। इस दौरान ज्ञानवती, ब्रह्मवती, साहिब कौर, डॉ सुमन दलाल सहित प्राध्यापक, शोधार्थी, विद्यार्थी, गैर शिक्षक कर्मी एवं कन्या गुरुकुल विद्यापीठ की छात्राएं उपस्थित रही।
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