फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   The struggle of Sumit's father Pratap Singh...

परिवार के साथ मुरथल के ढाबों पर मजदूरी की, बेटे को खेलने से कभी मना तक नहीं किया

Thu, 05 Aug 2021 11:57 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 05 Aug 2021 11:57 PM IST
विज्ञापन
The struggle of Sumit's father Pratap Singh...
सुमित कुमार के पिता प्रताप सिंह - फोटो : Sonipat
सोनीपत। ओलंपिक में 41 साल बाद हॉकी में देश को कांस्य पदक दिलाने वाली टीम के खिलाड़ी सुमित के पिता प्रताप सिंह ने बेटे को ऊंचाई पर ले जाने के लिए ढाबों पर मजदूरी की है। देश को पदक मिलने के बाद प्रताप सिंह गदगद नजर आए। उन्होंने सदैव बेटे को खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित तो किया, लेकिन वह यह तक नहीं जानते थे कि उनका बेटा किस खेल का खिलाड़ी है। ओलंपिक में कांस्य पदक के लिए उसका मैच देखा तो पता लगा कि उसका बेटा हॉकी खेलता है।
विज्ञापन

प्रताप सिंह ने बताया कि वह अपने बेटे जयसिंह व अमित को साथ लेकर मुरथल के ढाबों पर मजदूरी करने के लिए जाता था। सुमित भी एक-दो बार उनके साथ गया, लेकिन ढाबा मालिक ने उम्र कम होने के कारण सुमित को कभी काम करने नहीं दिया। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण सुमित को खिलाड़ी बनाने के लिए उसने अपने दो बेटों के साथ मजदूरी की। वह सुबह ही ढाबे पर काम करने के लिए चले जाते थे। दिनभर काम करते थे। कई बार थक जाते तो सुमित भी हाथ बंटाने को कहता था, लेकिन उन्होंने सदैव उसे खेल में अच्छा करने को प्रेरित किया। उन्होंने कभी बेटे से यह तक नहीं पूछा कि वह किस खेल में भाग लेता है। आज बड़े बेटों के साथ बैठकर मैच देखा तो पता चला कि बेटा हॉकी खेलता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed