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किसान आंदोलन : कुंडली बॉर्डर पर डटी खापों ने भी एसकेएम के फैसले पर लगाई मुहर
Sun, 21 Nov 2021 06:36 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, सोनीपत
अमर उजाला नेटवर्क, सोनीपत
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 21 Nov 2021 06:36 AM IST
सार
दहिया, आंतिल व सरोहा खापों ने सभी मांग पूरी होने के बाद ही टेंट हटाने का लिया निर्णय।
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किसानों में खुशी का माहौल
- फोटो : अमर उजाला/एएनआई
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीन कृषि कानून वापस लेने की घोषणा के बाद भी जहां एसकेएम बाकी मांगें पूरी होने के बाद ही आंदोलन समाप्त करने की बात कह रहा है, वहीं आंदोलन का शुरुआत से ही समर्थन कर रही खापों के प्रतिनिधियों ने भी उनके साथ रहने की ताल ठोक दी है। खाप पदाधिकारियों ने भी एसकेएम के साथ सुर मिलाते हुए कहा है कि किसान मोर्चा के निर्णय का इंतजार करेंगे। उनके निर्णय के बाद ही धरनास्थल से टेंट हटाएंगे।
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कुंडली बॉर्डर पर अन्य मोर्चों के अलावा दहिया, आंतिल व सरोहा समेत आधा दर्जन खापों के पंडाल लगे हुए हैं और वह लगातार धरने में शामिल हैं। एसकेएम समन्वय समिति की बैठक में शनिवार को अभी धरना समाप्त नहीं करने के संकेत दिए गए हैं। इसे लेकर रविवार को होने वाली बैठक को काफी अहम बताया जा रहा है। इसके साथ ही खाप नेताओं ने भी आगे आकर कहा है कि वह तब तक यहां डटे रहेंगे जब तक संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य यहां से जाने का निर्णय नहीं ले लेते।
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एसकेएम का निर्णय ही हमें भी मान्य : आंतिल
कुंडली बॉर्डर पर चल रहे आंतिल खाप के धरने पर मौजूद आंतिल चौबीसी के प्रधान हवा सिंह आंतिल ने कहा कि उनकी खाप किसानों के साथ है और किसानों के हर निर्णय को उनका समर्थन है। संयुक्त किसान मोर्चा जो निर्णय लेगा, उसी के अनुसार खाप अपना फैसला लेगी। फिलहाल मोर्चा ने धरना जारी रखने का मन बनाया है तो खाप भी धरना जारी रखेगी। किसानों की बाकी मांगें पूरी होने के बाद ही अपने टेंट हटाएंगें। हवा सिंह ने कहा कि किसानों ने सरकार की मरोड़ तोड़ी है और यह किसानों की सबसे बड़ी जीत है, लेकिन किसानों को तसल्ली तब होगी, जब संसद में पूरी औपचारिकता के साथ कानूनों को रद्द किया जाएगा। इसके साथ ही एमएसपी की गारंटी का कानून भी बनाना होगा। साथ ही आंदोलन में शहीद किसानों के परिजनों को भी मुआवजा दिया जाना चाहिए। आंदोलन में दर्ज मुकदमे तुरंत रद्द किए जाएं।
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एसकेएम के आदेश के बाद ही जाएंगे वापस : सरोहा
कुंडली बॉर्डर पर सरोहा बाराह खाप के धरनास्थल पर खाप पदाधिकारी सतीश सरोहा की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में सतीश सरोहा ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा की जो मीटिंग हुई है उसमें अभी तक सभी विषयों पर गहराई से चर्चा नहीं हो सकी। इसलिए रविवार को फिर एसकेएम की बैठक का आयोजन किया जाएगा। खाप सदस्यों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि जब तक संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से कोई आदेश नहीं आ जाता तब तक धरना जारी रहेगा। हालांकि सभी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तीनों कृषि कानून वापस लेने पर धन्यवाद किया। इसके साथ ही कहा कि जब तक एमएसपी पर गारंटी का कोई कानून नहीं बन जाता, धरने के दौरान शहीद हुए किसानों के बारे में कोई प्रतिक्रिया नहीं आ जाती और सभी किसानों के मुकदमे वापस नहीं होते तब तक धरना जारी रहेगा। सतीश सरोहा ने कहा कि जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब उन्होंने खुद व अन्य प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के साथ मिलकर तत्कालीन प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर एमएसपी की गारंटी की मांग थी। अब तो वह खुद प्रधानमंत्री हैं। वह अपनी ही एमएसपी गारंटी की मांग पर कानून क्यों नहीं बना रहे। उनके साथ अमर सिंह, अत्तर सिंह, जिले सिंह, महेंद्र सिंह, कुलदीप सिंह, महासिंह मौजूद रहे।
किसान एकता बनाए रखें, सरकार पर भरोसा नहीं : दहिया
कुंडली बॉर्डर पर धरने में शामिल दहिया खाप के पदाधिकारी धर्मबीर दहिया ने साफ लफ्जों में कहा कि सरकार पर अभी कोई भरोसा नहीं है। किसान अपनी एकता बनाए रखें और संयुक्त किसान मोर्चा के अगले निर्णय का इंतजार करें। उन्होंने कहा कि दहिया खाप के सभी पदाधिकारी लगातार आंदोलन में शामिल हैं और वह आंदोलनरत किसानों को अनेक प्रकार की मदद भी पहुंचा रहे हैं। सर्दी-गर्मी से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। जब तक उनकी सभी मांगें नहीं मानी जाती, तब तक वह यहां डटे रहेंगें। किसान मोर्चा के संतुष्ट होने तक खापें अपने स्तर पर कोई निर्णय नहीं लेंगी।