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Sonipat News: निजी स्कूलों की मनमानी पर सरकारी व्यवस्था भी बेपटरी

Fri, 11 Apr 2025 01:06 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Fri, 11 Apr 2025 01:06 AM IST
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The government system is also derailed due to the arbitrariness of private schools
सोनीपत। नया शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही जिलाभर के निजी विद्यालयों में दाखिला प्रक्रिया जारी है। परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद बच्चों के लिए नई कक्षा की किताबें व शिक्षण सामग्री खरीदने के लिए अभिभावक भागदौड़ कर रहे हैं। महंगी किताबों, शिक्षण सामग्री, वर्दी से लेकर बच्चों के दाखिला प्रक्रिया के लिए अभिभावकों की जेब ढीली करवाई जा रही हैं। ऐसे में निजी स्कूलों की मनमानी के बावजूद सरकारी व्यवस्था बेपटरी नजर आ रही है।
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जिलाभर के निजी स्कूल संचालकों की ओर से चल रही मनमानी पर प्रशासन व शिक्षा विभाग के अधिकारी भी मौन रूप धारण किए हुए हैं। दाखिला प्रक्रिया शुरू हुए 10 दिन बीत जाने के बावजूद प्रशासन व शिक्षा विभाग के अधिकारियों की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया है। ऐसे में बेबस अभिभावक बच्चों का दाखिला व किताबें-कॉपियां, वर्दी महंगे दामों पर खरीदने के लिए मजबूर हैं। निजी स्कूलों में महंगी किताबों, वर्दी, फीस वृद्धि के साथ अभिभावकों से लूट जारी है। निजी स्कूलों में जो पुस्तकें पाठ्यक्रम में लगाई गई हैं, वह बाजार में उपलब्ध नहीं है। स्कूलों में खुली दुकानों पर विक्रेता या बाहर बुक स्टोर संचालक अभिभावकों को किताबें खरीदने के बाद पक्के बिल भी मुहैया नहीं करवाए जा रहे हैं। ऐसे में अभिभावक निजी स्कूलों की मनमानी व बच्चों को शिक्षित करने की आर्थिक जंग के बीच पिस रहे हैं। निजी स्कूलों में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान व प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के पाठ्यक्रम के बजाय निजी प्रकाशकों की किताबों को ही प्राथमिकता दी जा रही है।
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मुख्यमंत्री के नाम शिकायत देने पर भी नहीं हुई कार्यवाही
क्राइम कंट्रोल एंड ह्यूमन राइट्स ऑर्गेनाइजेशन संगठन की ओर से निजी स्कूलों की मनमानी काे लेकर 7 अप्रैल को मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन दिया था। संगठन के पदाधिकारियों ने मांग की थी कि जिस प्रकार सरकार की ओर से सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है, उसी तरह निजी स्कूलों में हो रहे भ्रष्टाचार को भी समाप्त किया जाए। इसके बाद आज पर संगठन के पत्र पर कोई कार्यवाही नहीं की गई है।
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सभी निजी स्कूलों को परिसर में किताब, वर्दी या शिक्षण सामग्री बेचने के लिए काउंटर नहीं खोलने के निर्देश दिए गए हैं। अगर कोई भी स्कूल ऐसा करता है या किसी भी अभिभावक को निर्धारित दुकान से किताब खरीदने के लिए बाध्य कर रहा है तो अभिभावक इसकी शिकायत दे सकते हैं। उसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। -नवीन गुलिया, जिला शिक्षा अधिकारी, सोनीपत।
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