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यमुना के घाट भी हुए जानलेवा, चाचा-भतीजे की मौत और बेटे के डूबने से परिवार में पसरा मातम

Sat, 10 Sep 2022 01:06 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 10 Sep 2022 01:06 AM IST
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The ghats of Yamuna were also fatal, the death of uncle-nephew and drowning of son spread mourning in the family
सोनीपत की सुंदर सांवरी में परिवार के तीन सदस्यों के डूबने के बाद विलाप करते परिजन। संवाद - फोटो : Sonipat
यमुना के घाट भी अब सुरक्षित नहीं है। यमुना में लगातार हो रहे खनन के कारण जगह-जगह गहरे गड्ढे हो गए हैं। यह यमुना में स्नान करने पहुंच रहे श्रद्धालुओं के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। शुक्रवार को गणपति विसर्जन के दौरान बेगा और मिमारपुर घाट पर 4 लोग डूब गए। इनमें पिता-पुत्र समेत तीन एक ही परिवार के हैं। जबकि बेगा घाट पर एक युवक को भी अपनी जान गंवानी पड़ी। एक ही परिवार के चाचा-भतीजा की मौत व बेटे के डूबने से परिवार में मातम पसरा हुआ है।
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गणपति विसर्जन को देखते हुए यमुना घाटों पर कोई इंतजाम नहीं किए गए थे। इसके बावजूद भी लोगों के लिए यमुना घाट पर इंतजाम करने के बजाय प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यमुना में विसर्जन की अनुमति नहीं है। फिर भी लोग यमुना में पहुंचकर अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। विसर्जन को गए लोगों का कहना है कि धार्मिक आयोजनों पर यमुना में स्नान करने की प्रथा है। हर बार घाटों पर लोगों का जमावड़ा लगता है और हादसे घटित होते हैं। इसके बावजूद भी प्रशासन घाटों पर इंतजाम करने की तरफ गंभीर नहीं है। अगर गणपति विसर्जन से पहले घाटों पर व्यवस्था पुख्ता कर दी जाती तो इस हादसे को रोका जाता सकता था।
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दिनभर मना उत्सव, शाम को पसरा मातम
सुंदर सांवरी मोहल्ले में गणपति विसर्जन को लेकर लोग सुबह से ही उत्साहित थे। लोगों ने भगवान गणेश की मूर्ति को लेकर ढोल-नगाड़ों के साथ शहर में नाचते-गाते हुए शोभायात्रा निकाली। दिनभर उत्सव जैसा माहौल बना रहा। दोपहर बाद लोग नाचते-गाते यमुना के मीमारपुर घाट पर पहुंचे तो मूर्ति विसर्जन के दौरान सुंदर सांवरी निवासी पिता-पुत्र व भतीजा गहरे पानी में डूब गए। पिता-पुत्र सहित परिवार के तीन सदस्यों के यमुना में डूबने की सूचना से मोहल्ले में मातम पसर गया। बड़ी संख्या में लोग मीमारपुर घाट पर पहुंचे और तलाश शुरू की। जिसमें व्यक्ति व उसके भतीजे का शव मिल गया था।
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पांच बहनों का इकलौता भाई है कार्तिक
गणपति विसर्जन में सुंदर सांवरी से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यमुना घाट पर पहुंचे थे। मिमारपुर घाट पर विसर्जन के समय पिता-पुत्र समेत परिवार के 3 सदस्य डूब गए। इसमें सुनील, उनका बेटा कार्तिक व भतीजा दीपक शामिल हैं। दो सदस्यों के शव मिलने से परिजन विलाप कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि 13 वर्षीय कार्तिक 5 बहनों का इकलौता भाई है। उसके पिता सुनील ऑटो चलाकर परिवार का पालन पोषण करते थे। एक हादसे में परिवार को उजाड़कर रख दिया।
दो माह पहले ही हुई थी सुमित की शादी
गन्नौर के बेगा घाट पर गणपति विसर्जन करने गया रेहड़ा बस्ती निवासी सुमित यमुना नदी में डूब गया। वह प्रतिमा विसर्जन के लिए छह साथियों के साथ यमुना नदी में अंदर गया था। बाद में सुमित की तलाश शुरू की गई तो उसका शव ही मिला। सुमित की महज दो माह पहले ही शादी हुई थी। गणपति विसर्जन पर हुए हादसे में नवविवाहिता के मांग का सिंदूर मिटा दिया। हादसे के बाद परिजनों का रोकर बुरा हाल है।
पहले भी यमुना में हुए हादसे
19 जून : आठ महीने पहले कनाडा जाने से पहले यमुना के मिमारपुर घाट पर पत्नी संग स्नान करने पहुंचे इंजीनियर उमेदगढ़ निवासी संदीप गौतम का शव मिला।
12 जून : रभड़ा से आई पांच साल की बच्ची की डूबने से मौत
9 जून ज्येष्ठ दशहरे पर यमुना के मिमारपुर घाट पर स्नान करने आए चचेरे भाई उत्तर प्रदेश जिला संभल के गांव मुटैना निवासी सुनील (19) व सुनील (20) की मौत हो गई थी। दोनों गन्नौर में किराये पर रहते थे और फैक्ट्री में काम करत थे।
6 अक्तूबर, 21 : फाजिलपुर के किशोर की डूबने से मौत
11 जुलाई, 2021 : ग्यासपुर के युवक की डूबने से मौत हो गई।
26 जुलाई 2020 : मीमारपुर घाट पर स्नान करने गए मलिकपुर निवासी 4 छात्र डूब गए थे। जिनमें दो की मौत हो गई, जबकि दो को निकाल लिया गया था।
25 जून 2019 : बेगा में साथियों के साथ यमुना घाट पर स्नान करने गए दतौली निवासी सतनारायण (24) की मौत हो गई थी।
यमुना में नहीं कोई प्रबंध, विसर्जन पर भी रोक
यमुना नदी के पानी को प्रदूषित करना राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के नियमों का उल्लंघन है। रोक के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु गणेश महोत्सव के समापन पर मूर्ति विसर्जन करने यमुना नदी पर पहुंचे। वहां पर प्रशासन की ओर से किसी भी तरह का कोई प्रबंध नहीं किया गया था। श्रद्धालुओं ने मूर्ति विसर्जन करते हुए एनजीटी के नियमों की धज्जियां उड़ाई। अगर प्रशासन की ओर से कोई कदम उठाया जाता तो चार युवकों को यमुना में डूबने से बचाया जा सकता था। प्रशासन की ढील ने चार लोगों की जिंदगी खत्म कर दी।

यमुना नदी में मूर्ति विसर्जन करना एनजीटी के नियमों का उल्लंघन है। मूर्ति विसर्जन के लिए विभाग से किसी तरह के मंजूरी नहीं ली थी। यमुना में विसर्जन करने से रोकने के लिए जिला प्रशासन की ओर से निगरानी कमेटी का गठन किया जाना चाहिए। तभी यमुना नदी पर मूर्ति विसर्जन जैसे कार्यक्रमों को रोका जा सकता है।
कैलाश चंद्र, उपमंडल अधिकारी, सिंचाई विभाग

 सुमित का फाइल फोटो।

सुमित का फाइल फोटो।- फोटो : Sonipat

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