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Sonipat News: सोनीपत व गोहाना के शुगर मिल और केएमपी की आधारशिला पूर्व सीएम ओपी चौटाला की देन
Sat, 21 Dec 2024 12:35 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 21 Dec 2024 12:35 AM IST
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फोटो 36- सोनीपत के सेक्टर-23 में पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के साथ पदम सिंह दहिया
सोनीपत। प्रदेश के पांच बार मुख्यमंत्री रहे पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला का शुक्रवार को 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया। प्रदेश के विकास में उनका अहम योगदान रहा है। सोनीपत के विकास की पटकथा उन्होंने अपने आखिरी कार्यकाल में लिखी थी। सोनीपत व गोहाना शुगर मिल और कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेस-वे की आधारशिला उन्हीं की देन है। इसके अलावा मुरथल में महिला कन्या महाविद्यालय व इंजीनियरिंग कॉलेज की सौगात भी उन्हीं के कार्यकाल में दी गई थी।
पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने वर्ष 2004 में केएमपी की आधारशिला रखी थी। बाद में यह परियोजना वर्षों तक गति नहीं पकड़ पाई। वर्ष 2014 में केंद्र की भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद इसे धरातल पर उतारा था। मुरथल में महिला महाविद्यालय व इंजीनियरिंग कॉलेज बनवाया, जो हुड्डा सरकार में दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के रूप में विकसित हुआ था। ओमप्रकाश चौटाला के कार्यकाल में ही सिमेंट की गलियां बनाने का प्रचलन शुरू हुआ था।
अधिकारियों में रहता था खौफ
इनेलो की जिला लीगल सैल के अध्यक्ष बालकिशन शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री रहते चौधरी ओमप्रकाश चौटाला का प्रदेश भर के अधिकारियों में खौफ रहता था। वह रात के समय किसी भी जिले के उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक के पास फोन कर फीडबैक लेते थे। वह राजनीति से ऊपर उठकर सामाजिक सरोकार निभाते थे। कई वर्ष पहले बरोदा में वरिष्ठ नेता कपूर सिंह नरवाल के पिता का देहांत हुआ था तो इनेलो महासचिव अभय चौटाला पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के प्रतिनिधि के रूप में शोक सभा में शामिल हुए थे। इसके बाद ओमप्रकाश चौटाला स्वयं भी पहुंचे। उन्होंने कहा था कि उनके लिए अपने लोगों से संबंध रखना पहली प्राथमिकता है। कार्यकर्ताओं के काम नहीं होने पर वह अधिकारियों की जमकर खबर लेते थे।
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पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने वर्ष 2004 में केएमपी की आधारशिला रखी थी। बाद में यह परियोजना वर्षों तक गति नहीं पकड़ पाई। वर्ष 2014 में केंद्र की भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद इसे धरातल पर उतारा था। मुरथल में महिला महाविद्यालय व इंजीनियरिंग कॉलेज बनवाया, जो हुड्डा सरकार में दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के रूप में विकसित हुआ था। ओमप्रकाश चौटाला के कार्यकाल में ही सिमेंट की गलियां बनाने का प्रचलन शुरू हुआ था।
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अधिकारियों में रहता था खौफ
इनेलो की जिला लीगल सैल के अध्यक्ष बालकिशन शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री रहते चौधरी ओमप्रकाश चौटाला का प्रदेश भर के अधिकारियों में खौफ रहता था। वह रात के समय किसी भी जिले के उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक के पास फोन कर फीडबैक लेते थे। वह राजनीति से ऊपर उठकर सामाजिक सरोकार निभाते थे। कई वर्ष पहले बरोदा में वरिष्ठ नेता कपूर सिंह नरवाल के पिता का देहांत हुआ था तो इनेलो महासचिव अभय चौटाला पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के प्रतिनिधि के रूप में शोक सभा में शामिल हुए थे। इसके बाद ओमप्रकाश चौटाला स्वयं भी पहुंचे। उन्होंने कहा था कि उनके लिए अपने लोगों से संबंध रखना पहली प्राथमिकता है। कार्यकर्ताओं के काम नहीं होने पर वह अधिकारियों की जमकर खबर लेते थे।
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