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अलोकतांत्रिक थी किसानों की गिरफ्तारी : कोहाड़
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फोटो 11- सोनीपत के नई अनाज मंडी स्थित किसान विश्राम गृह में जिलास्तरीय बैठक के दौरान मौजूद किसा
सोनीपत। भारतीय किसान नौजवान यूनियन के आह्वान पर नई अनाज मंडी स्थित किसान विश्राम गृह में जिलास्तरीय बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता जिलाध्यक्ष वीरेंद्र शामड़ी व संचालन विजय सरोहा ने किया। किसानों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) सहित 12 सूत्रीय मांगों को लेकर रोष जताया। जेल में 10 दिन रहकर लौटे किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ व देशपाल दहिया का स्वागत किया गया।
अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि केंद्र सरकार के साथ 19 मार्च को चंडीगढ़ में बैठक के बाद वापसी में अलोकतांत्रिक तरीके से किसान नेताओं को गिरफ्तार किया गया। शंभू, दातासिंह वाला व खनौरी बॉर्डर पर किसानों के मोर्चे को खदेड़ दिया गया। पुलिस की मौजूदगी में किसानों का सामान चोरी हो गया। इस बात को लेकर निंदा प्रस्ताव पारित किया गया है। अगर भाजपा व पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार को लगता है कि वह अनैतिक तरीके से किसानों की आवाज को दबाने का काम करेंगे तो वह आगे भी जेलों में जाने के लिए तैयार हैं।
जगजीत सिंह डल्लेवाल ने प्रण लिया था कि जब तक किसानों को जेलों से बाहर नहीं निकाला जाता, वह पानी की बूंद भी नहीं पीएंगे। इसके बाद 28 मार्च को उन्हें जेल से बाहर निकाला गया तो डल्लेवाल ने पानी पीया। उनका अनशन जारी है। 4 मई को केंद्र सरकार के साथ अगली बैठक तय की गई है। मई में ही हरियाणा में किसान महापंचायत की जाएगी। इसमें जगजीत सिंह डल्लेवाल भी शामिल होंगे। बैठक में सतीश सरोहा, रणबीर कोहाड़, अजीत दहिया, शक्ति दहिया, बिजेंद्र मटिंडू, इंद्रजीत राणा, विकास सोहटी, राजेंद्र, बेदी दहिया, रामनिवास निजामपुर, हंसबीर खर्ब, बिजेंद्र माहरा, चुन्नी हलालपुर, रणबीर भूकर व प्रवेश दहिया मौजूद रहे।
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केजरीवाल चित्र लगाकर करते हैं ड्रामा
अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि आप नेता अरविंद केजरीवाल अपने कार्यालय में भगत सिंह व डॉ. भीमराव आंबेडकर के चित्र लगाकर दिखाना चाहते हैं कि वह बड़े क्रांतिकारी व देशभक्त हैं। यह उनका केवल ड्रामा है। महान लोगों के चित्र लगाने का मतलब इनके दिखाए मार्ग पर चलना है, लेकिन वह केवल अपनी राजनीति चमका रहे हैं। एमएसपी कानून का मतलब देश के किसानों की आर्थिक आजादी की लड़ाई है। जब कानून बनेगा, तभी किसानों को आर्थिक अधिकार मिलेंगे। हमारी मांग हरियाणा व पंजाब सरकार से नहीं, केंद्र सरकार से है। एमएसपी कानून बनने तक किसानों की लड़ाई जारी रहेगी।
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अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि केंद्र सरकार के साथ 19 मार्च को चंडीगढ़ में बैठक के बाद वापसी में अलोकतांत्रिक तरीके से किसान नेताओं को गिरफ्तार किया गया। शंभू, दातासिंह वाला व खनौरी बॉर्डर पर किसानों के मोर्चे को खदेड़ दिया गया। पुलिस की मौजूदगी में किसानों का सामान चोरी हो गया। इस बात को लेकर निंदा प्रस्ताव पारित किया गया है। अगर भाजपा व पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार को लगता है कि वह अनैतिक तरीके से किसानों की आवाज को दबाने का काम करेंगे तो वह आगे भी जेलों में जाने के लिए तैयार हैं।
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जगजीत सिंह डल्लेवाल ने प्रण लिया था कि जब तक किसानों को जेलों से बाहर नहीं निकाला जाता, वह पानी की बूंद भी नहीं पीएंगे। इसके बाद 28 मार्च को उन्हें जेल से बाहर निकाला गया तो डल्लेवाल ने पानी पीया। उनका अनशन जारी है। 4 मई को केंद्र सरकार के साथ अगली बैठक तय की गई है। मई में ही हरियाणा में किसान महापंचायत की जाएगी। इसमें जगजीत सिंह डल्लेवाल भी शामिल होंगे। बैठक में सतीश सरोहा, रणबीर कोहाड़, अजीत दहिया, शक्ति दहिया, बिजेंद्र मटिंडू, इंद्रजीत राणा, विकास सोहटी, राजेंद्र, बेदी दहिया, रामनिवास निजामपुर, हंसबीर खर्ब, बिजेंद्र माहरा, चुन्नी हलालपुर, रणबीर भूकर व प्रवेश दहिया मौजूद रहे।
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केजरीवाल चित्र लगाकर करते हैं ड्रामा
अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि आप नेता अरविंद केजरीवाल अपने कार्यालय में भगत सिंह व डॉ. भीमराव आंबेडकर के चित्र लगाकर दिखाना चाहते हैं कि वह बड़े क्रांतिकारी व देशभक्त हैं। यह उनका केवल ड्रामा है। महान लोगों के चित्र लगाने का मतलब इनके दिखाए मार्ग पर चलना है, लेकिन वह केवल अपनी राजनीति चमका रहे हैं। एमएसपी कानून का मतलब देश के किसानों की आर्थिक आजादी की लड़ाई है। जब कानून बनेगा, तभी किसानों को आर्थिक अधिकार मिलेंगे। हमारी मांग हरियाणा व पंजाब सरकार से नहीं, केंद्र सरकार से है। एमएसपी कानून बनने तक किसानों की लड़ाई जारी रहेगी।