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Sonipat News: बंदर पकड़ने के लिए पांच बार टेंडर लगाया, नहीं मिला ठेकेदार

Thu, 29 May 2025 12:41 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Thu, 29 May 2025 12:41 AM IST
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Tender floated five times to catch monkeys, no contractor found
सोनीपत। बंदर अब हिंसक होने लगे हैं। पहले भी लोगों पर हमला करने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन अब तो स्कूल के अंदर घुसकर विद्यार्थियों पर हमला कर रहे हैं। ऐसे में बंदरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई। दूसरी तरफ नगर निगम अधिकारियों को बंदरों को पकड़ने के लिए ठेकेदार तक नहीं मिल रहे हैं। निगम प्रशासन की ओर से अब फिर से टेंडर लगाने की बात कही जा रही है।
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नगर निगम क्षेत्र में रहने वाले लोग बंदरों के उत्पात से परेशान हैं। वे बंदरों से बचाव के लिए अपने घरों में जाल तक लगवा रखे हैं। बंदर प्रतिदिन चार-पांच लोगों को काट रहे हैं। अस्पताल में हर महीने करीब 700 मरीज रेबीज का इंजेक्शन लगवाने के लिए पहुंच रहे हैं।
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बंदरों के डर से लोग छत पर भी जाने से डरते हैं। बुधवार को एक बंदर ने क्लास में घुसकर मुरथल अड्डा स्थित पीएमश्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं को भी घायल कर दिया। निगम क्षेत्र में 900 से ज्यादा बंदर घूम रहे हैं।
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शहरवासी निगम अधिकारियों से बंदरों को जल्द से जल्द पकड़वाने की मांग कर रहे हैं। निगम अधिकारियों को नवंबर 2023 से बंदर पकड़ने के लिए एजेंसी नहीं मिल रही है। अधिकारियों की हीलाहवाली की वजह से शहरवासी बंदरों के आतंक से परेशान हो रहे हैं।
बंदरों की मौत होने पर रद्द कर दिया था टेंडर
नगर निगम ने बंदर पकड़ने के लिए पहले टेंडर आवंटित किया था। नगर निगम की तरफ से वेलकम को-ऑपरेटिव सोसाइटी को प्रति बंदर पकड़ने के लिए 1800 रुपये दिए जा रहे थे। जून 2023 में सोसाइटी के कारिंदों ने बंदरों को पकड़कर गढ़ी ब्राह्मणान स्थित एक कमरे के अंदर रखे पिंजरों में बंद कर दिया था। तब बंदरों की भूख-प्यास से मौत हो गई थी। इसके बाद अधिकारियों ने एजेंसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। बंदरों से क्रूरता मामले में कार्रवाई करते हुए नगर निगम ने सोसाइटी का टेंडर रद्द कर दिया था।

बंदरों को पकड़ने के लिए टेंडर पांचवीं बार लगाया जा चुका है। एक एजेंसी आई थी। उसने 1900 रुपये प्रति बंदर पकड़ने की बात कही थी। तत्कालीन आयुक्त ने दोबारा टेंडर लगाने के निर्देश दिए थे। जल्द टेंडर लगाकर बंदरों को पकड़वाया जाएगा।-डॉ. नरेश कुमार, संयुक्त आयुक्त नगर निगम।
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