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Sonipat News: सुरेंद्र सिंह दहिया के सिर फिर सजा प्रधान पद का ताज

Mon, 02 Dec 2024 01:42 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Mon, 02 Dec 2024 01:42 AM IST
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Surendra Singh Dahiya again got the crown of Pradhan post
सोनीपत। प्रमुख संस्था टीकाराम एजुकेशन सोसाइटी का चुनाव रविवार को संपन्न हो गया। इसमें प्रधान पद का ताज एक बार फिर सुरेंद्र सिंह दहिया के सिर सजा। सुरेंद्र सिंह दहिया का पैनल ने चुनाव में लगातार छठी बार विजय हासिल की है। संस्था के अंतर्गत आने वाले शिक्षण संस्थानों की प्रबंधन समिति के चयन के लिए करवाए गए चुनाव में प्रधान, उप प्रधान, सचिव व कार्यकारिणी सदस्यों का चुनाव सर्वसम्मति से किया गया है।
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नवनिर्वाचित प्रधान सुरेंद्र सिंह दहिया ने कहा कि समाज के उत्थान व आमजन को शिक्षित बनाने की दिशा में शिक्षण संस्थाओं की अहम भूमिका रही है। सन् 1934 में स्थापित टीकाराम एजुकेशन सोसाइटी क्षेत्र में शिक्षा के प्रचार-प्रसार की अलख जगा रही है। इस संस्थान से पास आउट विद्यार्थी देश-विदेश में अपनी सफलता का परचम लहरा रहे हैं। सरकार को चाहिए कि वह शिक्षण संस्थानों को प्रोत्साहन दें। जिससे समाज शिक्षित बने और देश के विकास में अपना योगदान दें।
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किसको क्या मिला पद

टीकाराम एजुकेशन सोसाइटी के चुनाव में सभी पदाधिकारियाें का चयन सर्वसम्मति से किया गया है। इसमें रजनीत मलिक को उप प्रधान, भूपेंद्र सिंह दहिया को महासचिव व राजेश लठवाल का कोषाध्यक्ष चुना गया है। इसके साथ ही 11 कार्यकारिणी सदस्य भी निर्विरोध चुने गए हैं। इनमें देवेंद्र दहिया, ओम प्रकाश शास्त्री, महेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, सुरेंद्र आंतिल, आजाद सिंह, धर्मबीर राठी, राजकुमार, विरेंद्र सिंह, अमित दहिया, कृष्ण कुमार, विनोद सिंह व जितेंद्र कुमार शामिल हैं।
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वर्ष 2003 में पहली बार प्रधान बने थे ओम प्रकाश दहिया
नव निर्वाचित प्रधान सुरेंद्र सिंह दहिया के पिता एवं शिक्षाविद स्वर्गीय पूर्व प्राचार्य ओम प्रकाश दहिया वर्ष 2003 में पहली बार टीकाराम एजुकेशन सोसाइटी के प्रधान बने थे। वर्ष 2007 में ओमप्रकाश-सुरेंद्र सिंह दहिया पैनल फिर विजयी रहा था। वर्ष 2011 में भी यही पैनल विजयी रहा। वर्ष 2015 में हरियाणा सरकार ने सोसायटी एक्ट में परिवर्तन कर प्रत्यक्ष के बजाय अप्रत्यक्ष चुनाव कराने का नियम लागू किया। जिसमें आजीवन सदस्य पहले 105 कॉलेजियम प्रतिनिधि चुनते हैं, फिर कॉलेजियम प्रतिनिधि पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों को चुनते हैं। वर्ष 2021 में सुरेंद्र सिंह दहिया पैनल ने 105 में से 100 कॉलेजियम का चुनाव जीता और सुरेंद्र दहिया प्रधान एवं उनके पैनल से पदाधिकारी चुने गए। इस बार 105 कॉलेजियम में से 103 में निर्विरोध सुरेंद्र दहिया पैनल के सदस्य चुने गए और दो कॉलेजियम में भी सुरेंद्र दहिया पैनल के उम्मीदवार विजयी रहे। 105 कॉलेजियम पर सुरेंद्र सिंह दहिया पैनल विजयी रहा।

संस्था का इतिहास
वर्ष 1934 में चौ. टीकाराम की अगुवाई में समाज के सभी वर्गों ने मिलकर छोटूराम जमींदार हाई स्कूल की स्थापना की थी। समिति के आजीवन सदस्य सभी जातियों, धर्मों के हरियाणा, दिल्ली व उत्तर प्रदेश से संबंध रखते हैं। वर्ष 1951 में चौ. टीकाराम की अगुवाई में छोटूराम आर्य महाविद्यालय की स्थापना की गई। वर्ष 1956 में चौ. टीकाराम के देहांत के बाद जो पांच स्कूल व महाविद्यालय समिति ने खोले, उनका नाम चौ. टीकाराम के नाम पर रखा गया। संस्था के अंतर्गत छोटूराम जमींदार स्कूल, छोटू राम आर्य महाविद्यालय, टीका राम शिक्षण महाविद्यालय, टीका राम कन्या स्कूल, टीका राम कन्या महाविद्यालय, टीकाराम मॉडल स्कूल व द गर्ल्स मॉडल स्कूल संचालित हैं। जिनमें करीब 10 हजार विद्यार्थी नर्सरी से पीएचडी तक की शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
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