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Sonipat News: परीक्षा फीस जमा न करने पर विद्यार्थियों को पेपर देने से रोका, अभिभावकों का प्रदर्शन
Wed, 22 Feb 2023 12:18 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Wed, 22 Feb 2023 12:18 AM IST
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फोटो 19- न्यू जीवन नगर में स्कूल के सामने एकत्रित अभिभावक रोष व्यक्त करते हुए। संवाद
सोनीपत। न्यू जीवन नगर स्थित द्रोण विद्यापीठ स्कूल प्रबंधन ने बकाया फीस जमा नहीं करने पर पहली से 9वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को वार्षिक परीक्षा देने से रोक दिया। जिससे गुस्साए अभिभावकों ने मंगलवार को स्कूल पहुंचकर प्रबंधक के खिलाफ प्रदर्शन किया।
उन्होंने कहा कि चालू शैक्षणिक सत्र की पूरी फीस का भुगतान किया है। केवल कोरोना काल की कुछ फीस ही बकाया है। उसे भी देने से कभी इंकार नहीं किया। इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को परीक्षा में नहीं बैठने दिया। जबकि तीन दिन से वार्षिक परीक्षाएं चल रही हैं। अभिभावकों ने कहा कि उन्होंने बकाया फीस भी धीरे-धीरे जमा करवाने की बात कही, फिर भी बच्चों को परीक्षा में नहीं बैठने दिया गया। बाद में अभिभावक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचकर शिकायत देकर बच्चों की परीक्षा दिलवाने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में सुनील वर्मा, गौरव वर्मा, विनोद कुमार, नवीन वर्मा, ललित वर्मा, तरुण, सपना, धर्मबीर, प्रेम सिंह चौहान सहित अन्य अभिभावक मौजूद रहे।
बॉक्स
पैसे जमा करवाने पर भी नहीं देने दे रहे पेपर
मैं विधवा हूं, मुश्किल से घर का गुजारा चला रही हूं। मेरे तीन बच्चे स्कूल में पहली, तीसरी व पांचवीं कक्षा में पढ़ते हैं। मैंने तीन दिन पहले ही स्कूल में 10 हजार रुपये जमा करवाए हैं। उसके बावजूद बच्चों को पेपर नहीं देने दे रहे रहे। फीस लेनी हो तो बार-बार फोन करते हैं, अब हमारे फोन तक नहीं उठाते। जो फीस बकाया है, उसको भी धीरे-धीरे देंगे, लेकिन बच्चों के पेपर तो लिए जाएं। -सपना, अभिभावक
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एक साथ मांग रहे सारे पैसे
हमारे चार बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं। चालू शैक्षणिक सत्र की पूरी फीस का भुगतान किया है। कोरोना काल के समय की फीस बकाया है। दो दिन पहले ही 10 हजार रुपये जमा करवाए थे। पैसे लेने के बाद कहा कि पूरे पैसे जमा करवाओ, तब परीक्षा देने देंगे। प्रशासन से मांग है कि बच्चों के पेपर दिलवाएं, फीस का भी भुगतान धीरे-धीरे कर देंगे। -आशा, अभिभावक
फीस के लिए बच्चों को किया जा रहा परेशान
स्कूल प्रबंधन की तरफ से फीस को लेकर बच्चों को परेशान किया जा रहा है। परीक्षा में नहीं बैठने देने पर बच्चे मानसिक रूप से परेशान हैं। स्कूल प्रबंधन ने पहले 10 हजार रुपये जमा करवा लिए फिर भी बच्चों को परीक्षा में नहीं बैठा रहे, कहते हैं पहले पूरी फीस जमा करवाओ। जबकि अभिभावक इस साल की पूरी फीस का भुगतान कर चुके हैं। केवल कोरोना काल की शेष है। -प्रेम चौहान, अभिभावक
स्कूल में आए, लेकिन किसी से बात तक नहीं की
-मेरे दो बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं। कोरोना काल के समय की कुछ फीस बकाया है, जिसे धीरे-धीरे भर देंगे। स्कूल प्रबंधन ने बच्चों के पेपर लेने से मना कर दिया है। कहते हैं पहले पूरी फीस का भुगतान करो, जबकि इस साल की पूरी फीस का भुगतान कर दिया है। आज स्कूल में आए थे, लेकिन प्राचार्य ने बात तक नहीं की और स्कूल से निकल गए। हमारी मांग है कि बच्चों के पेपर दिलवाए जाएं। -गौरव वर्मा, अभिभावक
वर्जन
बकाया फीस के भुगतान के लिए अभिभावकों को शुरू से ही बोल रहे हैं। अभिभावकों के पास फोन किए जा रहे हैं। कई अभिभावक तो फोन तक नहीं उठाते। एक फरवरी से एडमिट कार्ड जारी किए जा रहे हैं। अभिभावकों को पता था कि बच्चे को एडमिट कार्ड नहीं मिले, फिर भी फीस का भुगतान नहीं किया। दो साल से फीस बकाया है। पहले किसी की परीक्षा नहीं रोकी। साल की शुरुआत में भी फीस का भुगतान करने को कहा गया था, लेकिन नहीं करवाई। जिसके बाद ठोस निर्णय लेना पड़ा। अब भी अगर अभिभावक 5 मार्च तक फीस का भुगतान करते हैं या आश्वासन देते हैं बच्चों के पेपर करवाने को तैयार हैं। जो पेपर निकल गए हैं, वो भी लिए जाएंगे। -हेमंत, प्रबंधक, द्रोण विद्यापीठ
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उन्होंने कहा कि चालू शैक्षणिक सत्र की पूरी फीस का भुगतान किया है। केवल कोरोना काल की कुछ फीस ही बकाया है। उसे भी देने से कभी इंकार नहीं किया। इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को परीक्षा में नहीं बैठने दिया। जबकि तीन दिन से वार्षिक परीक्षाएं चल रही हैं। अभिभावकों ने कहा कि उन्होंने बकाया फीस भी धीरे-धीरे जमा करवाने की बात कही, फिर भी बच्चों को परीक्षा में नहीं बैठने दिया गया। बाद में अभिभावक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचकर शिकायत देकर बच्चों की परीक्षा दिलवाने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में सुनील वर्मा, गौरव वर्मा, विनोद कुमार, नवीन वर्मा, ललित वर्मा, तरुण, सपना, धर्मबीर, प्रेम सिंह चौहान सहित अन्य अभिभावक मौजूद रहे।
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पैसे जमा करवाने पर भी नहीं देने दे रहे पेपर
मैं विधवा हूं, मुश्किल से घर का गुजारा चला रही हूं। मेरे तीन बच्चे स्कूल में पहली, तीसरी व पांचवीं कक्षा में पढ़ते हैं। मैंने तीन दिन पहले ही स्कूल में 10 हजार रुपये जमा करवाए हैं। उसके बावजूद बच्चों को पेपर नहीं देने दे रहे रहे। फीस लेनी हो तो बार-बार फोन करते हैं, अब हमारे फोन तक नहीं उठाते। जो फीस बकाया है, उसको भी धीरे-धीरे देंगे, लेकिन बच्चों के पेपर तो लिए जाएं। -सपना, अभिभावक
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एक साथ मांग रहे सारे पैसे
हमारे चार बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं। चालू शैक्षणिक सत्र की पूरी फीस का भुगतान किया है। कोरोना काल के समय की फीस बकाया है। दो दिन पहले ही 10 हजार रुपये जमा करवाए थे। पैसे लेने के बाद कहा कि पूरे पैसे जमा करवाओ, तब परीक्षा देने देंगे। प्रशासन से मांग है कि बच्चों के पेपर दिलवाएं, फीस का भी भुगतान धीरे-धीरे कर देंगे। -आशा, अभिभावक
फीस के लिए बच्चों को किया जा रहा परेशान
स्कूल प्रबंधन की तरफ से फीस को लेकर बच्चों को परेशान किया जा रहा है। परीक्षा में नहीं बैठने देने पर बच्चे मानसिक रूप से परेशान हैं। स्कूल प्रबंधन ने पहले 10 हजार रुपये जमा करवा लिए फिर भी बच्चों को परीक्षा में नहीं बैठा रहे, कहते हैं पहले पूरी फीस जमा करवाओ। जबकि अभिभावक इस साल की पूरी फीस का भुगतान कर चुके हैं। केवल कोरोना काल की शेष है। -प्रेम चौहान, अभिभावक
स्कूल में आए, लेकिन किसी से बात तक नहीं की
-मेरे दो बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं। कोरोना काल के समय की कुछ फीस बकाया है, जिसे धीरे-धीरे भर देंगे। स्कूल प्रबंधन ने बच्चों के पेपर लेने से मना कर दिया है। कहते हैं पहले पूरी फीस का भुगतान करो, जबकि इस साल की पूरी फीस का भुगतान कर दिया है। आज स्कूल में आए थे, लेकिन प्राचार्य ने बात तक नहीं की और स्कूल से निकल गए। हमारी मांग है कि बच्चों के पेपर दिलवाए जाएं। -गौरव वर्मा, अभिभावक
वर्जन
बकाया फीस के भुगतान के लिए अभिभावकों को शुरू से ही बोल रहे हैं। अभिभावकों के पास फोन किए जा रहे हैं। कई अभिभावक तो फोन तक नहीं उठाते। एक फरवरी से एडमिट कार्ड जारी किए जा रहे हैं। अभिभावकों को पता था कि बच्चे को एडमिट कार्ड नहीं मिले, फिर भी फीस का भुगतान नहीं किया। दो साल से फीस बकाया है। पहले किसी की परीक्षा नहीं रोकी। साल की शुरुआत में भी फीस का भुगतान करने को कहा गया था, लेकिन नहीं करवाई। जिसके बाद ठोस निर्णय लेना पड़ा। अब भी अगर अभिभावक 5 मार्च तक फीस का भुगतान करते हैं या आश्वासन देते हैं बच्चों के पेपर करवाने को तैयार हैं। जो पेपर निकल गए हैं, वो भी लिए जाएंगे। -हेमंत, प्रबंधक, द्रोण विद्यापीठ

फोटो 19- न्यू जीवन नगर में स्कूल के सामने एकत्रित अभिभावक रोष व्यक्त करते हुए। संवाद

फोटो 19- न्यू जीवन नगर में स्कूल के सामने एकत्रित अभिभावक रोष व्यक्त करते हुए। संवाद

फोटो 19- न्यू जीवन नगर में स्कूल के सामने एकत्रित अभिभावक रोष व्यक्त करते हुए। संवाद

फोटो 19- न्यू जीवन नगर में स्कूल के सामने एकत्रित अभिभावक रोष व्यक्त करते हुए। संवाद

फोटो 19- न्यू जीवन नगर में स्कूल के सामने एकत्रित अभिभावक रोष व्यक्त करते हुए। संवाद

फोटो 19- न्यू जीवन नगर में स्कूल के सामने एकत्रित अभिभावक रोष व्यक्त करते हुए। संवाद