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Sonipat News: मांगे मनवाने के लिए विद्यार्थियों ने वीसी की गाड़ी का किया घेराव
Mon, 05 Aug 2024 11:02 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 05 Aug 2024 11:02 PM IST
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फोटो 21- सोनीपत के मुरथल स्थित विवि में कुलपति की गाड़ी का घेराव कर खड़े शोधार्थी। स्रोत : शोध
सोनीपत। दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीसीआरयूएसटी), मुरथल में मांगों को लेकर संघर्षरत शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक कर्मचारियों और विवि प्रशासन के बीच चल रही खींचतान बढ़ती जा रही है। इसके पीछे विवि प्रशासन का अड़ियल रवैया मुख्य कारण माना जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी हड़ताल को करीब एक माह का समय होने को है, लेकिन उनकी मांगों की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। हैरानी की बात यह है कि अब शिक्षकों व कर्मचारियों का वेतन भी रुक गया है, इससे खफा कर्मचारियों ने विवि प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और काले बिल्ले लगाकर प्रदर्शन किया।
दीनबंधु छोटूराम विश्वविद्यालय शिक्षक एसोसिएशन (डीक्रूटा) के प्रधान डॉ. अजय कुमार ने कहा कि विरोध प्रदर्शन के साथ शिक्षक व कर्मचारी विश्वविद्यालय व विद्यार्थी हितों के लिए कार्य कर रहे हैं, ताकि किसी भी छात्र को परेशानी का सामना न करना पड़े। डाॅ. अजय कुमार ने कहा कि शिक्षक व कर्मचारियों का जुलाई माह का वेतन नहीं दिया गया है। जिससे कर्मचारी अगस्त में आने वाले त्योहार को मना नहीं पाएंगे और लोन की किस्त भी नहीं चुका पाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि विवि प्रशासन ने एक दिव्यांग कर्मचारी की चुनावी ड्यूटी लगवा दी है, जबकि विश्वविद्यालय के कुलसचिव व उपकुलसचिव ने अपनी एक दिन की चुनावी डयूटी को लोकसभा चुनाव में जिला प्रशासन से मिलकर कटवा ली थी। अब एक दिव्यांग कर्मचारी तीन महीने लगातार यही चुनाव ड्यूटी करने को मजबूर होंगे। दूसरी तरफ शोधार्थियों का 27वें दिन भी धरना जारी रहा। विरोध प्रदर्शन में डाॅ. अजय कुमार, प्रो. एमएन मिश्रा, प्रो.संजीव इंदौरा, प्रो. राजेश्वर, डाॅ. अजमेर सैनी, डाॅ. ज्ञानेंद्र सिंह, डाॅ. ललित यादव, डाॅ. स्नेह, सुरेश कुमार, महेंद्र सैनी सहित अन्य कर्मचारी विरोध प्रदर्शन में शामिल रहे।
पोल से राष्ट्रीय ध्वज गायब, विवि प्रशासन का ध्यान तक नहीं
डीक्रूटा प्रधान डाॅ. अजय कुमार ने कहा कि 50 लाख रुपये से अधिक की लागत का 135 फुट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज का विश्वविद्यालय में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने उद्घाटन किया गया था। युवाओं को राष्ट्र भक्ति की प्रेरणा देने वाला राष्ट्रीय ध्वज जनवरी 2024 के बाद से पोल से गायब है। इस बारे में विवि प्रशासन को अवगत करवाया गया, लेकिन उनकी बात की तरफ ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 15 अगस्त से पहले राष्ट्रीय ध्वज नहीं लगाया गया तो कर्मचारी अपनी जेब से पैसे एकत्रित कर राष्ट्रीय ध्वज लगवाएंगे।
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विद्यार्थियों ने किया कुलपति की गाड़ी का घेराव
विवि प्रशासन की तरफ से मांगों को पूरा नहीं करने से खफा अंग्रेजी के पीजी विद्यार्थियों व शोधार्थियों ने सोमवार को दोपहर बाद कुलपति की गाड़ी का घेराव किया। विद्यार्थियों ने अपनी समस्याओं के निदान की मांग उठाई, जिस पर कुलपति ने आश्वासन दिया, लेकिन विद्यार्थियों व शोधार्थियों ने असंतोष जाहिर की। अंग्रेजी विभाग के पीजी के विद्यार्थियों ने सोमवार को कुलपति प्रकाश सिंह से मिलने का समय मांगा था, लेकिन कुलपति मिले नहीं। जिसके बाद लगभग दो घंटे तक विद्यार्थी कुलपति कार्यालय के बाहर बैठे रहे। कुलपति कार्यालय से बाहर निकले और सीधे कार में जा बैठे। इस पर विद्यार्थियों ने कुलपति की कार को घेर लिया। जिससे कुलपति को विद्यार्थियों की बात सुननी पड़ी। इसके बावजूद समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ। विद्यार्थियों ने बताया कि उनकी कक्षा जहां लगती है, वहां पर किसी तरह की सुविधा नहीं है। कुलपति ने दूसरी कक्षाओं में बैठने का आश्वासन दिया था, जबकि उन कक्षाओं में अन्य विद्यार्थी बैठते हैं। विद्यार्थियों ने बताया कि कुलपति ने मौके का दौरा भी किया था। इसके बावजूद समस्याओं का हल नहीं हो रहा।
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दीनबंधु छोटूराम विश्वविद्यालय शिक्षक एसोसिएशन (डीक्रूटा) के प्रधान डॉ. अजय कुमार ने कहा कि विरोध प्रदर्शन के साथ शिक्षक व कर्मचारी विश्वविद्यालय व विद्यार्थी हितों के लिए कार्य कर रहे हैं, ताकि किसी भी छात्र को परेशानी का सामना न करना पड़े। डाॅ. अजय कुमार ने कहा कि शिक्षक व कर्मचारियों का जुलाई माह का वेतन नहीं दिया गया है। जिससे कर्मचारी अगस्त में आने वाले त्योहार को मना नहीं पाएंगे और लोन की किस्त भी नहीं चुका पाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि विवि प्रशासन ने एक दिव्यांग कर्मचारी की चुनावी ड्यूटी लगवा दी है, जबकि विश्वविद्यालय के कुलसचिव व उपकुलसचिव ने अपनी एक दिन की चुनावी डयूटी को लोकसभा चुनाव में जिला प्रशासन से मिलकर कटवा ली थी। अब एक दिव्यांग कर्मचारी तीन महीने लगातार यही चुनाव ड्यूटी करने को मजबूर होंगे। दूसरी तरफ शोधार्थियों का 27वें दिन भी धरना जारी रहा। विरोध प्रदर्शन में डाॅ. अजय कुमार, प्रो. एमएन मिश्रा, प्रो.संजीव इंदौरा, प्रो. राजेश्वर, डाॅ. अजमेर सैनी, डाॅ. ज्ञानेंद्र सिंह, डाॅ. ललित यादव, डाॅ. स्नेह, सुरेश कुमार, महेंद्र सैनी सहित अन्य कर्मचारी विरोध प्रदर्शन में शामिल रहे।
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पोल से राष्ट्रीय ध्वज गायब, विवि प्रशासन का ध्यान तक नहीं
डीक्रूटा प्रधान डाॅ. अजय कुमार ने कहा कि 50 लाख रुपये से अधिक की लागत का 135 फुट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज का विश्वविद्यालय में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने उद्घाटन किया गया था। युवाओं को राष्ट्र भक्ति की प्रेरणा देने वाला राष्ट्रीय ध्वज जनवरी 2024 के बाद से पोल से गायब है। इस बारे में विवि प्रशासन को अवगत करवाया गया, लेकिन उनकी बात की तरफ ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 15 अगस्त से पहले राष्ट्रीय ध्वज नहीं लगाया गया तो कर्मचारी अपनी जेब से पैसे एकत्रित कर राष्ट्रीय ध्वज लगवाएंगे।
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विद्यार्थियों ने किया कुलपति की गाड़ी का घेराव
विवि प्रशासन की तरफ से मांगों को पूरा नहीं करने से खफा अंग्रेजी के पीजी विद्यार्थियों व शोधार्थियों ने सोमवार को दोपहर बाद कुलपति की गाड़ी का घेराव किया। विद्यार्थियों ने अपनी समस्याओं के निदान की मांग उठाई, जिस पर कुलपति ने आश्वासन दिया, लेकिन विद्यार्थियों व शोधार्थियों ने असंतोष जाहिर की। अंग्रेजी विभाग के पीजी के विद्यार्थियों ने सोमवार को कुलपति प्रकाश सिंह से मिलने का समय मांगा था, लेकिन कुलपति मिले नहीं। जिसके बाद लगभग दो घंटे तक विद्यार्थी कुलपति कार्यालय के बाहर बैठे रहे। कुलपति कार्यालय से बाहर निकले और सीधे कार में जा बैठे। इस पर विद्यार्थियों ने कुलपति की कार को घेर लिया। जिससे कुलपति को विद्यार्थियों की बात सुननी पड़ी। इसके बावजूद समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ। विद्यार्थियों ने बताया कि उनकी कक्षा जहां लगती है, वहां पर किसी तरह की सुविधा नहीं है। कुलपति ने दूसरी कक्षाओं में बैठने का आश्वासन दिया था, जबकि उन कक्षाओं में अन्य विद्यार्थी बैठते हैं। विद्यार्थियों ने बताया कि कुलपति ने मौके का दौरा भी किया था। इसके बावजूद समस्याओं का हल नहीं हो रहा।