{"_id":"689115b2c4d562e15d06bd65","slug":"students-in-government-schools-working-first-and-then-studying-sonipat-news-c-197-1-snp1008-140332-2025-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: राजकीय विद्यालय में पहले काम बाद में पढ़ाई कर रहे छात्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: राजकीय विद्यालय में पहले काम बाद में पढ़ाई कर रहे छात्र
Tue, 05 Aug 2025 01:48 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 05 Aug 2025 01:48 AM IST
विज्ञापन
फोटो 40- सोनीपत के गन्नौर के गांव बजाना कलां स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय के वायरल वीडियो मे
- फोटो : अमरोहा
गन्नौर। गांव बजाना कलां स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय में पढ़ाई से ज्यादा छात्र-छात्राओं से श्रम कराया जा रहा है। विद्यालय में जहां छात्रों से न सिर्फ पौधे कटवाए जा रहे हैं, बल्कि छात्राओं से झाड़ू लगवाने तक का कार्य करवाया जा रहा है। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इससे शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि छात्र स्कूल परिसर में झाड़ियों व पौधों को काट रहे हैं जबकि छात्राएं कमरों व परिसर की सफाई कर रही हैं। स्थानीय लोगों में भी इस बात को लेकर नाराजगी है कि स्कूल में पढ़ाई की जगह बच्चों से श्रम कराया जा रहा है।
इस संबंध में जब स्कूल प्रभारी से संपर्क किया गया तो उन्होंने स्वीकार किया कि उनके पास कोई सफाई कर्मी नहीं है। उन्होंने बताया कि स्कूल ग्राउंड में काफी समय से घास व झाड़ियां उगी थीं जिस पर पहले दवा का छिड़काव किया गया और फिर पीटी पीरियड के समय छात्रों से सफाई कार्य करवाया गया।
विज्ञापन
शिक्षा विभाग के नियमानुसार छात्रों से इस प्रकार का कोई श्रम कार्य नहीं कराया जा सकता। अभिभावकों ने मांग की कि मामले की जांच कर स्कूल में सफाई कर्मी रखा जाए ताकि बच्चों से इस तरह के कार्य न करवाएं जाएं।
विज्ञापन
वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि छात्र स्कूल परिसर में झाड़ियों व पौधों को काट रहे हैं जबकि छात्राएं कमरों व परिसर की सफाई कर रही हैं। स्थानीय लोगों में भी इस बात को लेकर नाराजगी है कि स्कूल में पढ़ाई की जगह बच्चों से श्रम कराया जा रहा है।
विज्ञापन
इस संबंध में जब स्कूल प्रभारी से संपर्क किया गया तो उन्होंने स्वीकार किया कि उनके पास कोई सफाई कर्मी नहीं है। उन्होंने बताया कि स्कूल ग्राउंड में काफी समय से घास व झाड़ियां उगी थीं जिस पर पहले दवा का छिड़काव किया गया और फिर पीटी पीरियड के समय छात्रों से सफाई कार्य करवाया गया।
विज्ञापन
शिक्षा विभाग के नियमानुसार छात्रों से इस प्रकार का कोई श्रम कार्य नहीं कराया जा सकता। अभिभावकों ने मांग की कि मामले की जांच कर स्कूल में सफाई कर्मी रखा जाए ताकि बच्चों से इस तरह के कार्य न करवाएं जाएं।