फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   Stepmother sent a teenager from Nepal by sitting in the wrong bus

सौतेली मां ने गलत बस में बैठाकर नेपाल से भेजा किशोर

Fri, 11 Jun 2021 12:03 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 11 Jun 2021 12:03 AM IST
विज्ञापन
Stepmother sent a teenager from Nepal by sitting in the wrong bus
नेपाल के 14 वर्षीय किशोर को सौतेली मां ने गलत बस में बैठाकर शिमला भेज दिया। वहां रहकर मासूम ने गुजर-बसर के लिए नमकीन की फैक्टरी में काम किया और परिजनों की याद आई तो उनसे मिलने के लिए वह किसान आंदोलनकारियों की बस से कुंडली पहुंच गया। जहां से उसे सपना बाल कुंज में भेज दिया गया। इसके बाद परिजनों की खोज में लगी बाल संरक्षण अधिकारी आरती ने उसके परिवार का पता लगा लिया है। उसे अब नेपाल भेजा जाएगा। इसी तरह गुजरात से भागकर गोहाना क्षेत्र में आए किशोर के परिजनों का भी पता लगा लिया गया है।
विज्ञापन

जिला बाल संरक्षण अधिकारी डॉ. रितु के निर्देशन में बाल संरक्षण अधिकारी आरती व बाल संरक्षण अधिकारी (संस्थानिक) ममता शर्मा ने अपने परिवार से अलग हुए दो किशोरों के परिजनों का पता लगा लिया है। इसमें एक किशोर तो नेपाल का रहने वाला है। इसके लिए बाल संरक्षण अधिकारी आरती ने पहल की और ममता शर्मा के सहयोग से उनके परिजनों का पता लगाने में सफल रही। अब जल्द ही उनके परिजनों के पास दोनों को भेजने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
विज्ञापन

कुंडली आंदोलन स्थल पर लावारिस हालत में मिला था रमेश
बाल संरक्षण अधिकारी आरती बताती हैं कि दिसंबर 2020 में कुंडली किसान आंदोलन स्थल पर 14 वर्षीय रमेश लावारिस हालत में मिला था, जिसे सपना बाल कुंज भेज दिया गया। इसकी जानकारी उनके पास आई तो उसके अभिभावकों की तलाश शुरू हुई। रमेश से बातचीत में पता लगा कि वह नेपाल का रहने वाला है। उसने बताया कि उसकी सौतेली मां ने उसे नेपाल से शिमला की बस में बैठाकर यहां भेज दिया था। शिमला में उसे बस से उतार दिया गया। वहां पेट पालने के लिए उसने नमकीन बनाने वाली फैक्टरी में काम किया। बाद में जब उसे अपने पिता व भाई की याद सताने लगी, जिनसे मिलने की चाहत में वह शिमला से 19 दिसंबर, 2020 को किसान आंदोलनकारियों की बस से कुंडली बॉर्डर पर पहुंचा। यहां से उसे सपना बाल कुंज में भेज दिया गया। इतना पता लगते ही आरती ने नेपाल दूतावास तथा क्राइम ब्रांच पंचकूला व एक एनजीओ से संपर्क किया। क्राइम ब्रांच के राजेश की मदद से रमेश के परिजनों की सटीक जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने परिजनों से संपर्क किया। अब उसे नेपाल भेजा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

परिजनों से बहस के बाद घर छोड़कर गुजरात से आ गया था अनुज
आरती बताती हैं कि इसी तरह गुजरात का अनुज परिजनों से बहस के चलते घर छोड़कर निकल लिया और रास्ता भटककर 9 फरवरी 2017 को मुंडलाना (गोहाना) पहुंच गया। तब से ही अनुज के अभिभावकों की खोज की जा रही थी। अब उसके परिजनों का पता लग सका है। आरती के अनुसार दोनों के अभिभावकों को खोजने में सपना बाल कुंज की संचालिका सोनिया तथा डीसीपीओ कार्यालय की उपासना ने पूरा साथ दिया। दोनों के कागजात को सत्यापित करवाने के बाद सीडब्ल्यूसी के माध्यम से अभिभावकों के सुपुर्द किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed