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2018 विश्वकप के लिए सीनियर टीम में जगह बनाना अगला लक्ष्य
अमर उजाला ब्यूरो राई
Updated Tue, 20 Dec 2016 12:18 AM IST
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चौहान जोशी स्थित साई सेंटर में पहुंचे विश्व कप विजेता जूनियर हॉकी टीम के सदस्य सुमित कुमार और मनप्रीत सिंह का स्वागत करते कोच और स्टाफ।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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विश्वकप विजेता जूनियर हॉकी टीम के सदस्य सुमित कुमार और मनप्रीत सिंह का अगला लक्ष्य सीनियर टीम में खेलना है, ताकि 2018 में देश में ही हो रहे विश्वकप को जीतने के लिए अपना योगदान दे सकें। दोनों खिलाड़ियों के सीनियर टीम में शामिल होने के शतप्रतिशत चांस हैं। जहां विकास दहिया रियो ओलंपिक में सीनियर टीम के लिए चुने गए थे, वहीं सुमित कुमार भी सीनियर टीम के साथ अभ्यास कैंप में भाग ले चुके हैं। मनप्रीत ने भी जूनियर विश्वकप में अच्छा प्रदर्शन रहा है। सोमवार को सुमित कुमार और मनप्रीत सिंह चौहान जोशी स्थित साई सेंटर पहुंचे, जहां कोच व स्टाफ ने विजेताओं की तरह स्वागत किया। वहीं, विकास दहिया कोलकाता में हो रही हॉकी प्रतियोगिता में भारतीय पेट्रोलियम की तरफ से खेलने के लिए लखनऊ से ही रवाना हो गए।
बता दें कि विकास जिले के गांव गढ़ शहजानपुर के रहने वाले हैं और उनके पिता पेशे से ड्राइवर हैं, जबकि सुमित कुराड़ गांव के रहने वाले हैं और उनके पिता मजदूरी करते हैं। मनप्रीत कुरुक्षेत्र से हैं, जो सुमित व विकास के साथ चौहान जोशी स्थित साई सेंटर में प्रैक्टिस करते हैं।
विश्वकप जीतना सपने जैसा
अमर उजाला से बातचीत करते हुए कुराड़ गांव निवासी सुमित कुमार ने कहा कि विश्वकप जीतना उनके लिए एक सपने जैसा है। उन्होंने बताया कि बचपन से ही ठान रखा था कि देश के लिए खेलना है। अब न केवल यह सपना पूरा हुआ, बल्कि विश्वकप भी जीत लिया। अब अगला लक्ष्य सीनियर टीम में शामिल होकर देश के लिए 2018 का विश्वकप जीतना है। उधर, मनप्रीत ने भी जोशीले स्वभाव से कहा कि वह आगामी विश्वकप में अपना सौ प्रतिशत देंगे। इसके लिए जी तोड़ मेहनत करने के लिए वह तैयार हैं। वहीं, हॉकी के अंतरराष्ट्रीय कोच एनके गौतम ने कहा कि भारतीय हॉकी के सुनहरे दिनों की शुरुआत हो चुकी है और उन्हें पूरा विश्वास है कि भारत सीनियर वर्ग में भी विश्वकप जीतेगा। इस मौके पर सहायक कोच पीयुष दुबे भी मौजूद रहे।
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बता दें कि विकास जिले के गांव गढ़ शहजानपुर के रहने वाले हैं और उनके पिता पेशे से ड्राइवर हैं, जबकि सुमित कुराड़ गांव के रहने वाले हैं और उनके पिता मजदूरी करते हैं। मनप्रीत कुरुक्षेत्र से हैं, जो सुमित व विकास के साथ चौहान जोशी स्थित साई सेंटर में प्रैक्टिस करते हैं।
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विश्वकप जीतना सपने जैसा
अमर उजाला से बातचीत करते हुए कुराड़ गांव निवासी सुमित कुमार ने कहा कि विश्वकप जीतना उनके लिए एक सपने जैसा है। उन्होंने बताया कि बचपन से ही ठान रखा था कि देश के लिए खेलना है। अब न केवल यह सपना पूरा हुआ, बल्कि विश्वकप भी जीत लिया। अब अगला लक्ष्य सीनियर टीम में शामिल होकर देश के लिए 2018 का विश्वकप जीतना है। उधर, मनप्रीत ने भी जोशीले स्वभाव से कहा कि वह आगामी विश्वकप में अपना सौ प्रतिशत देंगे। इसके लिए जी तोड़ मेहनत करने के लिए वह तैयार हैं। वहीं, हॉकी के अंतरराष्ट्रीय कोच एनके गौतम ने कहा कि भारतीय हॉकी के सुनहरे दिनों की शुरुआत हो चुकी है और उन्हें पूरा विश्वास है कि भारत सीनियर वर्ग में भी विश्वकप जीतेगा। इस मौके पर सहायक कोच पीयुष दुबे भी मौजूद रहे।
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