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सोनीपत की कीर्ति यूपी में बनेंगी बेसिक शिक्षा अधिकारी
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बेसिक शिक्षा अधिकारी की परीक्षा में सांतवा स्थान पाने वाली कीर्ति।
- फोटो : Sonipat
सोनीपत। गांव कामी की बेटी ने दूसरे प्रयास में यूपीपीएससी में बेसिक शिक्षा अधिकारी की परीक्षा में सांतवा स्थान प्राप्त किया है। अब सोनीपत की बेटी कीर्ति उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा अधिकारी बनेंगी। उनका ध्येय आईएएस बनने का है। इंटरव्यू के बाद उन्होंने नौकरी पर जाने और आगे की तैयारी जारी रखने का निर्णय लिया है। कीर्ति ने बताया कि उनके दादा लगातार आगे बढ़ने को प्रेरित करते रहे हैं और उनके शिक्षकों ने उनकी प्रतिभा को निखारा, जिससे वह इस मुकाम पर पहुंचीं।
मूलरूप से गांव कामी फिलहाल देवडू रोड निवासी कीर्ति के पिता बलवान सिंह हरियाणा पुलिस में एसआई हैं। कीर्ति की प्रतिभा को निखारने में दादा मास्टर सुरेंद्र सिंह ने पूरा सहयोग दिया। कीर्ति ने नॉन मेडिकल से कक्षा 12 उत्तीर्ण करने के बाद डीयू में बीएससी ऑनर्स करने के साथ ही मास्टर डिग्री ओपन शिक्षा निदेशालय से की। इसके साथ ही उनका पूरा ध्यान सिविल सर्विस की परीक्षा पर रहा।
उन्होंने लगातार 15 घंटे की पढ़ाई कर तैयारी की। इसके साथ ही उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए पहल यूपीपीएसई की परीक्षा दी। दूसरे ही प्रयास में उन्होंने परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है। अब वह इंटरव्यू की तैयारी में जुटी है। कीर्ति का परिणाम आने से परिवार के साथ ही रिश्तेदारों में खुशी की लहर है। कीर्ति ने बताया कि घर में रहकर माता राजरती देवी ने पढ़ाई का पूरा अवसर प्रदान किया। कीर्ति की बड़ी बहन प्रीति पीएचडी कर रही हैं, जबकि छोटा भाई प्रवीण एलएलबी का छात्र है।
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मूलरूप से गांव कामी फिलहाल देवडू रोड निवासी कीर्ति के पिता बलवान सिंह हरियाणा पुलिस में एसआई हैं। कीर्ति की प्रतिभा को निखारने में दादा मास्टर सुरेंद्र सिंह ने पूरा सहयोग दिया। कीर्ति ने नॉन मेडिकल से कक्षा 12 उत्तीर्ण करने के बाद डीयू में बीएससी ऑनर्स करने के साथ ही मास्टर डिग्री ओपन शिक्षा निदेशालय से की। इसके साथ ही उनका पूरा ध्यान सिविल सर्विस की परीक्षा पर रहा।
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उन्होंने लगातार 15 घंटे की पढ़ाई कर तैयारी की। इसके साथ ही उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए पहल यूपीपीएसई की परीक्षा दी। दूसरे ही प्रयास में उन्होंने परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है। अब वह इंटरव्यू की तैयारी में जुटी है। कीर्ति का परिणाम आने से परिवार के साथ ही रिश्तेदारों में खुशी की लहर है। कीर्ति ने बताया कि घर में रहकर माता राजरती देवी ने पढ़ाई का पूरा अवसर प्रदान किया। कीर्ति की बड़ी बहन प्रीति पीएचडी कर रही हैं, जबकि छोटा भाई प्रवीण एलएलबी का छात्र है।
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