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पटरी से उतरने लगी जिदंगी, राजमिस्त्री ने किया सुसाइड
अमर उजाला, सोनीपत
Updated Wed, 16 Nov 2016 12:22 AM IST
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बैंकों में पहुंच रहे उपभोक्ता
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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नोटबंदी के चलते जिले में मंगलवार को हालात और खराब होते नजर आए। बेटे की शादी के लिए पैसों का इंतजाम न होने के चलते जहां एक राजमिस्त्री ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली, तो वहीं जिले भर के बैंकों में पहुंच रहे उपभोक्ता भी तनाव के कारण झगड़ते दिखे। जिले के बैंकों में तैनात पुलिस बल भी अब कम पड़ता दिखाई देने लगा है। मंगलवार को जिले भर के अधिकांश बैंकों में नकदी निकासी का कार्य प्रभावित रहा। वहीं, केंद्र ने भले ही 2500 रुपये एटीएम से निकलने की बात कह दी हो, लेकिन यहां अधिकांश एटीएम या तो खराब पड़े हैं या फिर उनमें कैश ही नहीं है। इससे आमजन लगातार मुश्किलों से घिरे हुए हैं।
एक चौथाई रह गई रजिस्ट्री
नोटबंदी का असर वैसे तो हर जगह ही देखने को मिल रहा है, लेकिन रियल इस्टेट के काम को नोटबंदी ने लगभग चौपट ही कर दिया है। सोनीपत तहसील की बात करें तो यहां जितनी रजिस्ट्री एक सप्ताह में होती थी, अब उसकी एक चौथाई भी नहीं हो रही हैं। तहसील से मिले आंकड़ों में अगर इसी महीने के दो सप्ताह को अलग-अलग देखा जाए तो फर्क साफ पता लग रहा है। नवंबर माह के पहले सप्ताह में, जहां 227 रजिस्ट्री हुई थीं, वहीं नोटबंदी के बाद चल रहे दूसरे सप्ताह में 15 नवंबर को 12 बजे तक केवल 56 रजिस्ट्री ही हुई हैं। इससे साफ हो रहा है कि जिन जमीनी सौदों के बयाने हो चुके थे और रजिस्ट्री होनी थी, वो अब कैंसिल होने लगी हैं। वहीं, कुछ मामलों में रजिस्ट्रियों को आगे खिसकाया जा रहा है, ताकि नोटबंदी के बाद हालात सुधरने के बाद करवाई जा सकें।
रोडवेज को होने लगा घाटा
नोटबंदी ने कुछ सरकारी महकमों की चांदी करवा दी है तो कुछ का जमकर नुकसान भी हो रहा है। रोडवेज महकमे की बात की जाए तो इन्हें हर दिन करीब तीन से साढ़े तीन लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। आम दिनों में जहां रोडवेज के टिकटों की बिक्री करीब साढ़े 15 से 16 लाख रुपये तक होती है, वहीं इन दिनों ये साढ़े 12 से 13 लाख रुपये तक ही पहुंच पा रही है। विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार विभाग को अब तक 22 लाख रुपये का नुकसान हो चुका है। वहीं, ये हालात नए साल तक चलते दिख रहे हैं, जिसके चलते रोडवेज को आने वाले दिनों में भी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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7 बजे लगे लाइन में, 11 बजे बताया नहीं हैं पैसे
गांधी चौक स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के बाहर लोगों ने हंगामा किया। इसके पीछे कारण यह रहा कि बैंक प्रबंधन ने लाइन लगे में लोगों को सूचित नहीं किया कि बैंक में कैश खत्म है और सिर्फ नकदी जमा करवाई जा सकती है। लोग सुबह करीब सात बजे से जुटना शुरू हो गए थे, लेकिन उन्हें 11 बजे बताया गया कि बैंक में कैश नहीं है, जिस पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
सोनीपत निवासी प्रदीप ने बताया कि उन्होंने लेबर से धान कटवाई थी। उनका भुगतान करने के लिए पैसे निकलवाने के लिए आए थे, लेकिन जब बैंक पहुंचे तो पता चला कि कैश ही नहीं है।
पैसे निकलवाने बैंक पहुंचे राम पाहूजा ने बताया कि 11 बजे तक उन्हें कैश की जानकारी नहीं दी गई। इस पर उन्होंने ही खुद बैंक के बाहर कैश खत्म होने का स्टीकर लगाया, ताकि अन्य लोगों को परेशानी न हो।
पैसे निकलवाने बैंक पहुंचे थंब बहादुर ने बताया कि सालासर जाने के लिए पैसे की जरूरत है, लेकिन बैंक में कैश खत्म हो चुका है, ऐसे में उनके सामने बड़ी दिक्कत आ रही है।
जैसे आया एटीएम पर नंबर खत्म हो गया कैश
नोटबंदी के बाद लोगों के सामने तरह-तरह के हालात पैदा हो रहे हैं। कुछ लोगों को जहां कैश नहीं मिल पा रहा है, वहीं कुछ को घंटों लाइन में लगने के बाद कैश खत्म होने की जानकारी मिल रही है। ऐसा ही एक वाकया मंगलवार को ककरोई रोड पर स्थित एसबीआई के एटीएम पर देखने को मिला। जब काफी संख्या में लोग लाइन में लगे थे तो मशीन का कैैश खत्म हो गया, जिसके चलते लोगों को निराश लौटना पड़ा।
ककरोई रोड निवासी जितेंद्र खत्रेजा ने बताया कि वह बेटी को स्कूल से लाने के बाद बेटी के साथ ही एटीएम पर रुक गया, ताकि कैश लेकर ही घर जा सके, लेकिन जैसे ही उनका नंबर आया तो कैश खत्म हो गया।
लाल दरवाजा निवासी सुरेंद्र कुुमार ने बताया कि वह करीब एक घंटे से लाइन में लगे हुए थे, लेकिन जैसे ही उसके आगे के तीन-चार लोग बचे तो एटीएम का कैश खत्म हो गया। अब उसे शहर का कोई दूसरा एटीएम तलाशना होगा, जहां भीड़ कम मिले।
मुरथल में भिड़े उपभोक्ता, पुलिस ने कराया बीचबचाव
ओरियंटल बैंक ऑफ कामर्स में भीड़ के चलते दोपहर करीब एक बजे उपभोक्ता आपस में ही भिड़ गए। उपभोक्ताओं के बीच विवाद करीब 15 मिनट तक चलता रहा। पुलिस ने बीचबचाव कर मामले को शांत करवाया। झगड़े की वजह लाइन तोड़कर घुुसे युवकों को बताया जा रहा है, जिसके बाद लाइन में लगे अन्य लोगों ने इसका विरोध किया तो झगड़ा शुरू हो गया।
मंगलवार केे सात करोड़ रुपये कैश पहुंचा था, जो 12 बजे तक खत्म हो गया। बुधवार को कितना कैश पहुंचेगा, इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। बैंक कर्मचारी भी नोटबंदी की मार झेल रहे हैं, लेकिन कोई विकल्प ही नहीं है। मंगलवार केे वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु के साथ बैठक हुई। उम्मीद है कि जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी।
नरेंद्र शर्मा, एलडीएम, सोनीपत।
हेल्पलाइन नंबर पर आई 35 शिकायतें
जिला प्रशासन की ओर से जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर पर मंगलवार 12 बजे तक 35 शिकायतें आईं। स्टेनो अशोक के मुताबिक शिकायतों में बैंक अधिकारियों के द्वारा केवल जानकारों को कैश दिए जाने, बैंकों के आगे लाइनें सही न बनी होने, सिसाना पीएनबी में कैश नहीं पहुंचने, हरसाना में भी एक्सचेंज काम ठप होने, गांधी चौक के बैंक ऑफ बड़ौदा के अधिकारियों के द्वारा कैश खत्म होने केे मामले में लेट सूचित करना शामिल है। स्टेनो के मुताबिक अधिकतम शिकायतों में बैंक अधिकारियों को तुरंत ही निर्देश देकर समाधान करने के प्रयास किए गए।
दिहाड़ी देकर नोट बदलवाने वालों पर होगी कार्रवाई : पांडुरंग
उपायुक्त के. मकरंद पांडुरंग ने कहा कि कुछ ऐसी सूचनाएं मिली हैं कि कुछ लोग 500 व 1000 रुपए के नोट अवैध ढंग से बदलवाने के लिए कुछ लोगों को दिहाड़ी देकर बैंकों की लाइनों में लगा रहे हैं। ऐसे में सभी बैंकों को निर्देश दिए गए हैं कि इस तरह के व्यक्तियों की पहचान की जाए ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। इसके अलावा प्रशासनिक टीमें भी इस तरह की गतिविधियों पर लगातार नजर रखे हुए हैं। पांडुरंग मंगलवार को लघु सचिवालय में मीटिंग में अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे। पांडुरंग ने कहा कि 500 व 1000 रुपए के पुराने नोट बंद कर उनके स्थान पर 500 व 2000 रुपए से नए नोट प्रचलन के लिए लाए गए हैं।
ऐसे में लोगों को नोट बदलवाने के लिए 30 दिसंबर तक का समय दिया गया है। उन्होंने बताया कि आम लोगों की सुविधाओं के लिए बैंकों में काउंटर बढ़ाए गए हैं और प्रत्येक बैंक की गतिविधि पर जिला प्रशासन द्वारा नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि जिन बैंकों में कैश की दिक्कत आ रही है, वहां भी लगातार कैश भिजवाया जा रहा है। प्रत्येक गतिविधि व लोगों की दिक्कत से वरिष्ठ अधिकारियों को भी अवगत करवाया जा रहा है। उपायुक्त ने बताया कि किसी व्यक्ति को शादी, मेडिकल या किसी भी अन्य कार्य के लिए कैश से संबंधित दिक्कत आ रही है तो इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा हेल्पलाइन नंबर 0130-2220638 भी जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि अगले कुछ दिनों में स्थिति पूरी तरह से सामान्य हो जाएगी।
पंप संचालकों व मेडिकल वालों को निर्देश जारी
मुद्रा के प्रयोग को लेकर उन्होंने कहा कि पेट्रोल पंपों, मेडिकल सेवा व अन्य कार्यों के लिए 24 नवंबर तक पुराने नोट स्वीकार किए जा रहे हैं। मीटिंग में आईजी हरदीप सिंह दून ने कहा कि सभी स्थानों पर सुरक्षा को लेकर पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। बैंकों के पास पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया हैं और आम लोगों को कोई दिक्कत न आए इसके लिए भी पूरा प्रबंध किया गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी और अधिकतर एटीएम काम करना शुरू कर देंगे। उन्होंने कहा कि किसी गलत ढंग से मुद्रा बदलवाने की कोशिश करने पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
ये रहे मौजूद
मीटिंग में अतिरिक्त उपायुक्त शिव प्रसाद शर्मा, एसडीएम निशांत यादव, एसडीएम गोहाना अजय कुमार, एसडीएम गन्नौर डॉ. निर्मल नागर, एसडीएम खरखौदा राजीव अहलावत, सीटीएम सुरेंद्र दून सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
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एक चौथाई रह गई रजिस्ट्री
नोटबंदी का असर वैसे तो हर जगह ही देखने को मिल रहा है, लेकिन रियल इस्टेट के काम को नोटबंदी ने लगभग चौपट ही कर दिया है। सोनीपत तहसील की बात करें तो यहां जितनी रजिस्ट्री एक सप्ताह में होती थी, अब उसकी एक चौथाई भी नहीं हो रही हैं। तहसील से मिले आंकड़ों में अगर इसी महीने के दो सप्ताह को अलग-अलग देखा जाए तो फर्क साफ पता लग रहा है। नवंबर माह के पहले सप्ताह में, जहां 227 रजिस्ट्री हुई थीं, वहीं नोटबंदी के बाद चल रहे दूसरे सप्ताह में 15 नवंबर को 12 बजे तक केवल 56 रजिस्ट्री ही हुई हैं। इससे साफ हो रहा है कि जिन जमीनी सौदों के बयाने हो चुके थे और रजिस्ट्री होनी थी, वो अब कैंसिल होने लगी हैं। वहीं, कुछ मामलों में रजिस्ट्रियों को आगे खिसकाया जा रहा है, ताकि नोटबंदी के बाद हालात सुधरने के बाद करवाई जा सकें।
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रोडवेज को होने लगा घाटा
नोटबंदी ने कुछ सरकारी महकमों की चांदी करवा दी है तो कुछ का जमकर नुकसान भी हो रहा है। रोडवेज महकमे की बात की जाए तो इन्हें हर दिन करीब तीन से साढ़े तीन लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। आम दिनों में जहां रोडवेज के टिकटों की बिक्री करीब साढ़े 15 से 16 लाख रुपये तक होती है, वहीं इन दिनों ये साढ़े 12 से 13 लाख रुपये तक ही पहुंच पा रही है। विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार विभाग को अब तक 22 लाख रुपये का नुकसान हो चुका है। वहीं, ये हालात नए साल तक चलते दिख रहे हैं, जिसके चलते रोडवेज को आने वाले दिनों में भी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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7 बजे लगे लाइन में, 11 बजे बताया नहीं हैं पैसे
गांधी चौक स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के बाहर लोगों ने हंगामा किया। इसके पीछे कारण यह रहा कि बैंक प्रबंधन ने लाइन लगे में लोगों को सूचित नहीं किया कि बैंक में कैश खत्म है और सिर्फ नकदी जमा करवाई जा सकती है। लोग सुबह करीब सात बजे से जुटना शुरू हो गए थे, लेकिन उन्हें 11 बजे बताया गया कि बैंक में कैश नहीं है, जिस पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
सोनीपत निवासी प्रदीप ने बताया कि उन्होंने लेबर से धान कटवाई थी। उनका भुगतान करने के लिए पैसे निकलवाने के लिए आए थे, लेकिन जब बैंक पहुंचे तो पता चला कि कैश ही नहीं है।
पैसे निकलवाने बैंक पहुंचे राम पाहूजा ने बताया कि 11 बजे तक उन्हें कैश की जानकारी नहीं दी गई। इस पर उन्होंने ही खुद बैंक के बाहर कैश खत्म होने का स्टीकर लगाया, ताकि अन्य लोगों को परेशानी न हो।
पैसे निकलवाने बैंक पहुंचे थंब बहादुर ने बताया कि सालासर जाने के लिए पैसे की जरूरत है, लेकिन बैंक में कैश खत्म हो चुका है, ऐसे में उनके सामने बड़ी दिक्कत आ रही है।
जैसे आया एटीएम पर नंबर खत्म हो गया कैश
नोटबंदी के बाद लोगों के सामने तरह-तरह के हालात पैदा हो रहे हैं। कुछ लोगों को जहां कैश नहीं मिल पा रहा है, वहीं कुछ को घंटों लाइन में लगने के बाद कैश खत्म होने की जानकारी मिल रही है। ऐसा ही एक वाकया मंगलवार को ककरोई रोड पर स्थित एसबीआई के एटीएम पर देखने को मिला। जब काफी संख्या में लोग लाइन में लगे थे तो मशीन का कैैश खत्म हो गया, जिसके चलते लोगों को निराश लौटना पड़ा।
ककरोई रोड निवासी जितेंद्र खत्रेजा ने बताया कि वह बेटी को स्कूल से लाने के बाद बेटी के साथ ही एटीएम पर रुक गया, ताकि कैश लेकर ही घर जा सके, लेकिन जैसे ही उनका नंबर आया तो कैश खत्म हो गया।
लाल दरवाजा निवासी सुरेंद्र कुुमार ने बताया कि वह करीब एक घंटे से लाइन में लगे हुए थे, लेकिन जैसे ही उसके आगे के तीन-चार लोग बचे तो एटीएम का कैश खत्म हो गया। अब उसे शहर का कोई दूसरा एटीएम तलाशना होगा, जहां भीड़ कम मिले।
मुरथल में भिड़े उपभोक्ता, पुलिस ने कराया बीचबचाव
ओरियंटल बैंक ऑफ कामर्स में भीड़ के चलते दोपहर करीब एक बजे उपभोक्ता आपस में ही भिड़ गए। उपभोक्ताओं के बीच विवाद करीब 15 मिनट तक चलता रहा। पुलिस ने बीचबचाव कर मामले को शांत करवाया। झगड़े की वजह लाइन तोड़कर घुुसे युवकों को बताया जा रहा है, जिसके बाद लाइन में लगे अन्य लोगों ने इसका विरोध किया तो झगड़ा शुरू हो गया।
मंगलवार केे सात करोड़ रुपये कैश पहुंचा था, जो 12 बजे तक खत्म हो गया। बुधवार को कितना कैश पहुंचेगा, इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। बैंक कर्मचारी भी नोटबंदी की मार झेल रहे हैं, लेकिन कोई विकल्प ही नहीं है। मंगलवार केे वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु के साथ बैठक हुई। उम्मीद है कि जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी।
नरेंद्र शर्मा, एलडीएम, सोनीपत।
हेल्पलाइन नंबर पर आई 35 शिकायतें
जिला प्रशासन की ओर से जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर पर मंगलवार 12 बजे तक 35 शिकायतें आईं। स्टेनो अशोक के मुताबिक शिकायतों में बैंक अधिकारियों के द्वारा केवल जानकारों को कैश दिए जाने, बैंकों के आगे लाइनें सही न बनी होने, सिसाना पीएनबी में कैश नहीं पहुंचने, हरसाना में भी एक्सचेंज काम ठप होने, गांधी चौक के बैंक ऑफ बड़ौदा के अधिकारियों के द्वारा कैश खत्म होने केे मामले में लेट सूचित करना शामिल है। स्टेनो के मुताबिक अधिकतम शिकायतों में बैंक अधिकारियों को तुरंत ही निर्देश देकर समाधान करने के प्रयास किए गए।
दिहाड़ी देकर नोट बदलवाने वालों पर होगी कार्रवाई : पांडुरंग
उपायुक्त के. मकरंद पांडुरंग ने कहा कि कुछ ऐसी सूचनाएं मिली हैं कि कुछ लोग 500 व 1000 रुपए के नोट अवैध ढंग से बदलवाने के लिए कुछ लोगों को दिहाड़ी देकर बैंकों की लाइनों में लगा रहे हैं। ऐसे में सभी बैंकों को निर्देश दिए गए हैं कि इस तरह के व्यक्तियों की पहचान की जाए ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। इसके अलावा प्रशासनिक टीमें भी इस तरह की गतिविधियों पर लगातार नजर रखे हुए हैं। पांडुरंग मंगलवार को लघु सचिवालय में मीटिंग में अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे। पांडुरंग ने कहा कि 500 व 1000 रुपए के पुराने नोट बंद कर उनके स्थान पर 500 व 2000 रुपए से नए नोट प्रचलन के लिए लाए गए हैं।
ऐसे में लोगों को नोट बदलवाने के लिए 30 दिसंबर तक का समय दिया गया है। उन्होंने बताया कि आम लोगों की सुविधाओं के लिए बैंकों में काउंटर बढ़ाए गए हैं और प्रत्येक बैंक की गतिविधि पर जिला प्रशासन द्वारा नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि जिन बैंकों में कैश की दिक्कत आ रही है, वहां भी लगातार कैश भिजवाया जा रहा है। प्रत्येक गतिविधि व लोगों की दिक्कत से वरिष्ठ अधिकारियों को भी अवगत करवाया जा रहा है। उपायुक्त ने बताया कि किसी व्यक्ति को शादी, मेडिकल या किसी भी अन्य कार्य के लिए कैश से संबंधित दिक्कत आ रही है तो इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा हेल्पलाइन नंबर 0130-2220638 भी जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि अगले कुछ दिनों में स्थिति पूरी तरह से सामान्य हो जाएगी।
पंप संचालकों व मेडिकल वालों को निर्देश जारी
मुद्रा के प्रयोग को लेकर उन्होंने कहा कि पेट्रोल पंपों, मेडिकल सेवा व अन्य कार्यों के लिए 24 नवंबर तक पुराने नोट स्वीकार किए जा रहे हैं। मीटिंग में आईजी हरदीप सिंह दून ने कहा कि सभी स्थानों पर सुरक्षा को लेकर पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। बैंकों के पास पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया हैं और आम लोगों को कोई दिक्कत न आए इसके लिए भी पूरा प्रबंध किया गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी और अधिकतर एटीएम काम करना शुरू कर देंगे। उन्होंने कहा कि किसी गलत ढंग से मुद्रा बदलवाने की कोशिश करने पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
ये रहे मौजूद
मीटिंग में अतिरिक्त उपायुक्त शिव प्रसाद शर्मा, एसडीएम निशांत यादव, एसडीएम गोहाना अजय कुमार, एसडीएम गन्नौर डॉ. निर्मल नागर, एसडीएम खरखौदा राजीव अहलावत, सीटीएम सुरेंद्र दून सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।