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रियो की धमक से पहले नर्सरी की साख पर बट्टा
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Thu, 28 Jul 2016 12:22 AM IST
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साई का फाइल फोटो
- फोटो : bureau
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नरसिंह डोप प्रकरण के चलते साई सेंटर जितना चर्चित हुआ है, उतना ही अंदर से खामोश नजर आ रहा है। उभरते खिलाड़ियों की चमक को बढ़ाने के लिए बनाया गया खेल केंद्र आज की तारीख में इस कदर सदमे में हैं कि कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। चाहे वह केंद्र की रीजनल डायरेक्टर हो या फिर गेट पर खड़ा चौकीदार ही क्यों न हो। अंदर जाने के लिए हर किसी को परमिशन की जरूरत पड़ रही है। वहीं रोजाना आने वाले खिलाड़ियों को भी तलाशी के बाद ही केंद्र में आने की इजाजत मिल रही है। इस डोप प्रकरण में जिस तरह से साई प्रबंधन पर सवाल उठे हैं, उसके चलते इसकी साख पर भी चोट पहुंची है। अमर उजाला टीम ने अपने कुछ सूत्रों के जरिए बुधवार को साई सेंटर का हाल जाना। दूसरी ओर मंगलवार देर रात को दी गई शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए बुधवार शाम साई सेंटर में पहुंचकर जांच भी की। जांच के दौरान पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली है, हालांकि इसके बारे में पुलिस अधिकारियों की ओर से कोई पुष्टि नहीं की गई है। इसी तरह जब साई सेंटर की रीजनल डायरेक्टर राधिका से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने भी फोन कॉल रिसीव नहीं की।
स्टोर कीपर और मेस के कर्मचारियों के लिए बयान
हाईप्रोफाइल मामला होने के चलते जांच के लिए पुलिस ने भी मुस्तैदी दिखाई। थाना राई प्रभारी और सीआईए प्रभारी इंदीवर की टीम बुधवार शाम ही साई सेंटर में पहुंच गई थी। टीम ने सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली। इसके अलावा स्टोर कीपर तथा मेस के अन्य कर्मचारियों से भी बातचीत कर उनके बयान लिए। हालांकि इस बारे में बात करने पर पुलिस अधिकारियों ने जांच का विषय बताकर कुछ भी बताने से मना कर दिया।
मेस पर सब का ध्यान, शांत है सब
इतने बड़े विवाद के जन्म लेने के बाद साई सेंटर में सब कुछ थमा-थमा सा नजर आता है। विशेषतौर पर नरसिंह को जहां ठहरा गया था उस केडी जाधव छात्रावास के बाहर बुधवार को शांति छाई हुई थी। हालांकि कैंप खत्म होने से अधिकतर पहलवान जा चुके हैं। दूसरी ओर खाने में मिलावट के आरोपों के चलते अब सब खिलाड़ियों ने मेस पर ध्यान देना शुरू कर दिया है। बुधवार रात को मेस पर इस विवाद का पूरा असर दिखाई दिया, जिसके चलते कर्मचारी भी सतर्क दिखे।
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खिलाड़ियों ने की प्रैक्टिस, चर्चाओं का बाजार गर्म
पहलवानों के जाने के बाद अब साई सेंटर में हॉकी, एथलेटिक्स एवं अन्य खेलों के खिलाड़ी ही बचे हैं। इन लोगों ने बुधवार को रोजमर्रा की तरह अभ्यास तो किया, लेकिन नरसिंह प्रकरण की चर्चाओं के साथ। हर किसी के जुबान पर डोप प्रकरण ही रहा।
बड़े खिलाड़ी रखते हैं दबदबा
कुछ खिलाड़ियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि सेंटर में बड़े खिलाड़ी अपना अलग दबदबा रखते हैं। बड़े खिलाड़ियों में से अधिकतर को सरकारी नौकरी मिली हुई हैं। इसी वजह से जूनियर खिलाड़ियों उनके आसपास ही मंडराते रहते हैं। अधिकतर खिलाड़ी तो सिर्फ इसीलिए आगे-पीछे घूमते हैं ताकि कोई टिप्स मिल सके। खिलाड़ियों ने बताया कि बड़े खिलाड़ी बड़े आराम से रहते हैं और उनके अधिकतर काम जूनियर खिलाड़ी करते हैं।
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स्टोर कीपर और मेस के कर्मचारियों के लिए बयान
हाईप्रोफाइल मामला होने के चलते जांच के लिए पुलिस ने भी मुस्तैदी दिखाई। थाना राई प्रभारी और सीआईए प्रभारी इंदीवर की टीम बुधवार शाम ही साई सेंटर में पहुंच गई थी। टीम ने सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली। इसके अलावा स्टोर कीपर तथा मेस के अन्य कर्मचारियों से भी बातचीत कर उनके बयान लिए। हालांकि इस बारे में बात करने पर पुलिस अधिकारियों ने जांच का विषय बताकर कुछ भी बताने से मना कर दिया।
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मेस पर सब का ध्यान, शांत है सब
इतने बड़े विवाद के जन्म लेने के बाद साई सेंटर में सब कुछ थमा-थमा सा नजर आता है। विशेषतौर पर नरसिंह को जहां ठहरा गया था उस केडी जाधव छात्रावास के बाहर बुधवार को शांति छाई हुई थी। हालांकि कैंप खत्म होने से अधिकतर पहलवान जा चुके हैं। दूसरी ओर खाने में मिलावट के आरोपों के चलते अब सब खिलाड़ियों ने मेस पर ध्यान देना शुरू कर दिया है। बुधवार रात को मेस पर इस विवाद का पूरा असर दिखाई दिया, जिसके चलते कर्मचारी भी सतर्क दिखे।
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खिलाड़ियों ने की प्रैक्टिस, चर्चाओं का बाजार गर्म
पहलवानों के जाने के बाद अब साई सेंटर में हॉकी, एथलेटिक्स एवं अन्य खेलों के खिलाड़ी ही बचे हैं। इन लोगों ने बुधवार को रोजमर्रा की तरह अभ्यास तो किया, लेकिन नरसिंह प्रकरण की चर्चाओं के साथ। हर किसी के जुबान पर डोप प्रकरण ही रहा।
बड़े खिलाड़ी रखते हैं दबदबा
कुछ खिलाड़ियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि सेंटर में बड़े खिलाड़ी अपना अलग दबदबा रखते हैं। बड़े खिलाड़ियों में से अधिकतर को सरकारी नौकरी मिली हुई हैं। इसी वजह से जूनियर खिलाड़ियों उनके आसपास ही मंडराते रहते हैं। अधिकतर खिलाड़ी तो सिर्फ इसीलिए आगे-पीछे घूमते हैं ताकि कोई टिप्स मिल सके। खिलाड़ियों ने बताया कि बड़े खिलाड़ी बड़े आराम से रहते हैं और उनके अधिकतर काम जूनियर खिलाड़ी करते हैं।