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90 अधिकारियों को दोषी ठहराने से पहले गृहमंत्री की जिम्मेदारी तय हो
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Sun, 29 May 2016 11:56 PM IST
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प्रदेश में कांग्रेस के एकमात्र सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा का कहना है कि प्रदेश की संस्कृति यह नहीं है कि वह भाई से भाई को लड़ाए और अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा को पूरा करे। बल्कि हरियाणा की संस्कृति 36 बिरादरी में एक जैसा भाईचारा और प्रेम बनाए रखने की है। यही वजह है कि प्रदेश की भाजपा सरकार आरक्षण की आड़ में कराए गए दंगों में बेनकाब हो गई और भाईचारा लोगों का कायम रहा। वे रविवार को शहजादपुर गांव में दादा बणदे के मंदिर में गांव की ओर से आयोजित समारोह में पहुंचे थे।
सांसद हुड्डा ने कहा कि अचरज की बात है कि प्रदेश सरकार मानती है कि डीजीपी और गृह सचिव आरक्षण आंदोलन रोकने में नाकाम रहे हैं। इनके अलावा जिलास्तर के 90 अफसर भी दोषी हैं, लेकिन इनको निर्देश देने वाले गृहमंत्री (मुख्यमंत्री के पास विभाग) जिम्मेदार नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रकाश आयोग की रिपोर्ट के बाद यह साफ हो गया है कि इसमें कोई राजनैतिक साजिश नहीं थी, बल्कि यह सीधे तौर पर सरकार की नाकामी थी। लेकिन अब सरकार अफसरों के सिर ठीकरा फोड़कर इस मामले में खुद को बचाने का प्रयास कर रही है। इस मौके पर पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा, जयबीर बाल्मीकि, जगबीर मलिक, वरिष्ठ नेता चक्रवर्ती शर्मा व अन्य कांग्रेसी भी मौजूद रहे।
संजय बड़वासनिया फिर हुए कांग्रेसी
शहजादपुर गांव में हुए समारोह में जिला परिषद के पूर्व पार्षद संजय बड़वासनिया कांग्रेस में शामिल हो गए। विधानसभा चुनाव से पहले भी कांग्रेस में थे, लेकिन भाजपा में शामिल हो गए थे। दो साल में भाजपा से भी उनका मोहभंग हो गया और अब फिर से कांग्रेसी हो गए हैं।
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सांसद हुड्डा ने कहा कि अचरज की बात है कि प्रदेश सरकार मानती है कि डीजीपी और गृह सचिव आरक्षण आंदोलन रोकने में नाकाम रहे हैं। इनके अलावा जिलास्तर के 90 अफसर भी दोषी हैं, लेकिन इनको निर्देश देने वाले गृहमंत्री (मुख्यमंत्री के पास विभाग) जिम्मेदार नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रकाश आयोग की रिपोर्ट के बाद यह साफ हो गया है कि इसमें कोई राजनैतिक साजिश नहीं थी, बल्कि यह सीधे तौर पर सरकार की नाकामी थी। लेकिन अब सरकार अफसरों के सिर ठीकरा फोड़कर इस मामले में खुद को बचाने का प्रयास कर रही है। इस मौके पर पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा, जयबीर बाल्मीकि, जगबीर मलिक, वरिष्ठ नेता चक्रवर्ती शर्मा व अन्य कांग्रेसी भी मौजूद रहे।
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संजय बड़वासनिया फिर हुए कांग्रेसी
शहजादपुर गांव में हुए समारोह में जिला परिषद के पूर्व पार्षद संजय बड़वासनिया कांग्रेस में शामिल हो गए। विधानसभा चुनाव से पहले भी कांग्रेस में थे, लेकिन भाजपा में शामिल हो गए थे। दो साल में भाजपा से भी उनका मोहभंग हो गया और अब फिर से कांग्रेसी हो गए हैं।
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