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प्रबंधन के कहने पर रोहतक मिल ले गए गन्ना, वहां लेने से इनकार
अमर उजाला ब्यूरो सोनीपत।
Updated Sat, 08 Apr 2017 12:25 AM IST
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रोहतक शुगर मिल में गन्ना नहीं लिए जाने की जानकारी देते किसान।
- फोटो : bureau
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सोनीपत शुगर मिल में टरबाइन फटने के बाद से भटक रहे किसानों को मिल प्रबंधन ने रोहतक मिल भेज दिया, लेकिन यहां भी उन्हें भटकना पड़ रहा है। शुगर मिल प्रबंधन के आश्वासन पर रोहतक शुगर मिल में गन्ना लेकर पहुंचे किसानों का वहां गन्ना लेने से मना कर दिया गया। इससे किसान दो हजार क्विंटल गन्ने के साथ ठोकरें खा रहे हैं। स्वयं शुगर मिल फेडरेशन के चेयरमैन ने अधिकारियों के साथ बैठक कर किसानों को आसपास की शुगर मिल में गन्ना ले जाने को तैयार किया था। मजबूरी में फंसे किसान गन्ना ले जाने को तैयार भी हो गए, लेकिन रोहतक पहुंचे किसानों पर अब नई आफत आ गई है। वहां उनका गन्ना लेने से मना किए जाने के बाद से किसानों ने वहीं अपना डेरा जमा लिया है। उधर, एमडी शुगर मिल कह रही हैं कि किसानों को उन्होंने रोहतक शुगर मिल में बात करने के बाद ही भेजा था। हालांकि उन्होंने कहा कि उनकी गन्ना नहीं लिए जाने की उन्हें कोई सूचना नहीं है। अगर कोई शिकायत आती है तो उच्च अधिकारियों को लिखा जाएगा।
मजबूरी में आसपास की सरकारी मिलों में गन्ना पहुंचाने को तैयार हुए थे किसान
शुक्रवार को शुगर मिल के एमडी कार्यालय में शुगर फेडरेशन के चेयरमैन चंदप्रकाश कथूरिया ने मिल के डायरेक्टरों की मीटिंग ली। इससे पूर्व टरबाइन के फटने के बाद से ही बंद पड़ी मिल का दौरा किया और स्थिति का आंकलन किया था। मीटिंग के दौरान उनके साथ डीसी केएम पांडुरंग, मिल की प्रबंध निदेशक डॉ. सुभिता ढाका, भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी राजीव जैन भी शामिल थे। इसके अलावा मीटिंग में राजकुमार दहिया, सुरेश आंतिल, जगमेंद्र दहिया, बलबीर दहिया, रणबीर लाकड़ा, राजसिंह जाहरी मिल डायरेक्टर शामिल रहे। मीटिंग में निर्णय लिया गया कि मिल में गन्ना डालने वाले किसानों पर लगने वाली पेनल्टी माफ की जाए। साथ ही किसानों को यदि गन्ना डालना है तो किसान अपना गन्ना गोहाना, पानीपत और करनाल की भादसो शुगर मिल में डाल सकते हैं, लेकिन गन्ना पहुंचाने के लिए फेडरेशन की ओर से कोई पेमेंट नहीं की जाएगी। वहीं, यदि किसानों को नारायणगढ़ स्थित शुगर मिल में गन्ना डालना है 20-25 रुपये प्रति क्विंटल अलग से दिए जाएंगे। किसान मजबूरन इन फैसलों को मान गए थे।
एक क्विंटल गन्ना लेने से भी इनकार
सोनीपत से 33 किसानों को रोहतक अपना गन्ना ले जाने को कहा गया था, जिस पर शुक्रवार को 21 किसान अपनी ट्रॉलियों को लेकर रोहतक पहुंच गए। दोपहर को पहुंचे किसानों ने जब रोहतक शुगर मिल में अपना गन्ना पहुंचाया तो उनका गन्ना लेने से मना कर दिया गया। रोहतक शुगर मिल प्रशासन ने साफ कह दिया कि वह एक क्विंटल गन्ना भी नहीं लेंगे। इस पर किसानों ने शुगर मिल सोनीपत के अधिकारियों से हुई बातचीत का हवाला दिया तो रोहतक शुगर मिल प्रबंधन ने इस तरह की कोई बातचीत होने से मना दिया। जिसके चलते सोनीपत के किसान रोहतक में अपने गन्ने के साथ भटक रहे हैं।
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किसानों ने कहा हो रही ज्यादती
रोहतक पहुंचे किसान मुरथल निवासी रवींद्र, राजेश, आजाद, संजय, गांव पुरखास निवासी राजकुमार, पांची निवासी दरियाव सिंह, भदाना निवासी दीपक, महेंद्र ने बताया कि उन्हें कहा गया था कि शुगर मिल में पहुंचते ही गन्ना ले लिया जाएगा, लेकिन यहां कोई सुनवाई नहीं हो रही है। दोपहर से रात को चुकी है, लेकिन कोई उनकी सुनने तक नहीं पहुंचा है। उन्होंने कहा कि वह मिल में भूखे पेट न्याय पाने का इंतजार कर रहे हैं।
रोहतक बात कर भेजे गए थे किसान : एमडी
एमडी शुगर मिल सुभिता ढाका ने कहा कि रोहतक शुगर मिल प्रबंधन से बात कर ही किसानों को रोहतक भेजा गया था। अभी तक उनके पास किसानों के गन्ना नहीं लिए जाने की कोई जानकारी नहीं है। अगर किसानों का गन्ना लेने में कोई समस्या की गई तो वह उच्च अधिकारियों को इस बारे में अवगत कराएंगी।
टरबाइल फटने के मामले की होगी जांच
शुगर फेडरेशन के चेयरमैन चंद्रप्रकाश कथूरिया ने कहा कि शुगर मिल में टरबाइन फट गई थी। उसके बाद शुगर मिल को बंद करना पड़ा। उसकी जांच करने के लिए एक टीम का गठन किया गया है। टीम शाहबाद व कैथल की शुगर मिल के दो चीफ इंजीनियरों के नेतृत्व में जांच करेगी। किसी की लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी।
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मजबूरी में आसपास की सरकारी मिलों में गन्ना पहुंचाने को तैयार हुए थे किसान
शुक्रवार को शुगर मिल के एमडी कार्यालय में शुगर फेडरेशन के चेयरमैन चंदप्रकाश कथूरिया ने मिल के डायरेक्टरों की मीटिंग ली। इससे पूर्व टरबाइन के फटने के बाद से ही बंद पड़ी मिल का दौरा किया और स्थिति का आंकलन किया था। मीटिंग के दौरान उनके साथ डीसी केएम पांडुरंग, मिल की प्रबंध निदेशक डॉ. सुभिता ढाका, भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी राजीव जैन भी शामिल थे। इसके अलावा मीटिंग में राजकुमार दहिया, सुरेश आंतिल, जगमेंद्र दहिया, बलबीर दहिया, रणबीर लाकड़ा, राजसिंह जाहरी मिल डायरेक्टर शामिल रहे। मीटिंग में निर्णय लिया गया कि मिल में गन्ना डालने वाले किसानों पर लगने वाली पेनल्टी माफ की जाए। साथ ही किसानों को यदि गन्ना डालना है तो किसान अपना गन्ना गोहाना, पानीपत और करनाल की भादसो शुगर मिल में डाल सकते हैं, लेकिन गन्ना पहुंचाने के लिए फेडरेशन की ओर से कोई पेमेंट नहीं की जाएगी। वहीं, यदि किसानों को नारायणगढ़ स्थित शुगर मिल में गन्ना डालना है 20-25 रुपये प्रति क्विंटल अलग से दिए जाएंगे। किसान मजबूरन इन फैसलों को मान गए थे।
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एक क्विंटल गन्ना लेने से भी इनकार
सोनीपत से 33 किसानों को रोहतक अपना गन्ना ले जाने को कहा गया था, जिस पर शुक्रवार को 21 किसान अपनी ट्रॉलियों को लेकर रोहतक पहुंच गए। दोपहर को पहुंचे किसानों ने जब रोहतक शुगर मिल में अपना गन्ना पहुंचाया तो उनका गन्ना लेने से मना कर दिया गया। रोहतक शुगर मिल प्रशासन ने साफ कह दिया कि वह एक क्विंटल गन्ना भी नहीं लेंगे। इस पर किसानों ने शुगर मिल सोनीपत के अधिकारियों से हुई बातचीत का हवाला दिया तो रोहतक शुगर मिल प्रबंधन ने इस तरह की कोई बातचीत होने से मना दिया। जिसके चलते सोनीपत के किसान रोहतक में अपने गन्ने के साथ भटक रहे हैं।
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किसानों ने कहा हो रही ज्यादती
रोहतक पहुंचे किसान मुरथल निवासी रवींद्र, राजेश, आजाद, संजय, गांव पुरखास निवासी राजकुमार, पांची निवासी दरियाव सिंह, भदाना निवासी दीपक, महेंद्र ने बताया कि उन्हें कहा गया था कि शुगर मिल में पहुंचते ही गन्ना ले लिया जाएगा, लेकिन यहां कोई सुनवाई नहीं हो रही है। दोपहर से रात को चुकी है, लेकिन कोई उनकी सुनने तक नहीं पहुंचा है। उन्होंने कहा कि वह मिल में भूखे पेट न्याय पाने का इंतजार कर रहे हैं।
रोहतक बात कर भेजे गए थे किसान : एमडी
एमडी शुगर मिल सुभिता ढाका ने कहा कि रोहतक शुगर मिल प्रबंधन से बात कर ही किसानों को रोहतक भेजा गया था। अभी तक उनके पास किसानों के गन्ना नहीं लिए जाने की कोई जानकारी नहीं है। अगर किसानों का गन्ना लेने में कोई समस्या की गई तो वह उच्च अधिकारियों को इस बारे में अवगत कराएंगी।
टरबाइल फटने के मामले की होगी जांच
शुगर फेडरेशन के चेयरमैन चंद्रप्रकाश कथूरिया ने कहा कि शुगर मिल में टरबाइन फट गई थी। उसके बाद शुगर मिल को बंद करना पड़ा। उसकी जांच करने के लिए एक टीम का गठन किया गया है। टीम शाहबाद व कैथल की शुगर मिल के दो चीफ इंजीनियरों के नेतृत्व में जांच करेगी। किसी की लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी।