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रोडवेज ने फोर्स को सौंपी 24 और बसें, 18 हजार से अधिक यात्री प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो सोनीपत।
Updated Thu, 16 Mar 2017 11:49 PM IST
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सोनीपत में बस सेवा प्रभावित होने से छत पर बैठकर यात्रा करते युवक।
- फोटो : bureau
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आरक्षण आंदोलन के चलते हरियाणा रोडवेज की बस सेवा भी लगातार प्रभावित हो रही है। प्रशासन की मांग पर रोडवेज ने पैरामिलिट्री फोर्स को अब 24 और बसें सौंप दी हैं। रोडवेज अब तक पैरामिलिट्री फोर्स को 52 बस उपलब्ध करा चुका है। करीब एक चौथाई बस पैरामिलिट्री फोर्स को दिए जाने से रोडवेज के 30 से ज्यादा ग्रामीण और शहरी रूट पर सेवा प्रभावित होने से प्रतिदिन करीब 18 हजार यात्रियों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, विभाग को भी हर रोज लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। आरक्षण आंदोलन के मद्देनजर जिले में अब तक स्थानीय पुलिस के अलावा पैरामिलिट्री व सशस्त्र पुलिस बल की 36 कंपनियां तैनात की जा चुकी हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार सरकार से सीआरपीएफ की 13 और कंपनियां मांगी गई हैं।
आरक्षण समेत कई मांगों को लेकर जाट समुदाय के लोग धरना दे रहे हैं। सोनीपत में लाठ-जौली चौक पर जाट समुदाय द्वारा 47 दिन से धरना दिया जा रहा है। अब अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने 20 मार्च को दिल्ली घेराव करने की घोषणा की है। धरनास्थल से लेकर शहरों की सुरक्षा के लिए पुलिस बल को तैनात किया गया है। वहीं, गांवों में प्रशासन पुलिस बल के साथ फ्लैग मार्च निकालकर ग्रामीणों को शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है। अब तक जिले में सुरक्षा के लिए 36 कंपनियों की तैनाती की गई हैं। जहां पैरामिलिट्री फोर्स के लिए हरियाणा रोडवेज को सोनीपत डिपो से 46 व गोहाना सब डिपो से छह बसें को सौंपी गई हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार अब 13 और कंपनियां जिले के लिए मांगी गई हैं, जिसके लिए वीरवार को रोडवेज ने फोर्स के लिए 24 और बस भेजी हैं। गोहाना सब डिपो व सोनीपत सब-डिपो में कुल 230 बसों का बेड़ा शामिल हैं। इनमें से 52 बस पैरामिलिट्री फोर्स को दी जा चुकी हैं। वहीं दर्जन भर से ज्यादा बस खराब हैं। यात्रियों को समय पर बसें न मिलने से यात्रियों को परेशानी हो रही है।
इन रूटों पर बस सेवा प्रभावित
जिले में 52 बस पैरामिलिट्री फोर्स को दिए जाने से 30 से ज्यादा रूट प्रभावित हैं। इनमें गोहाना, खानपुर, उमेदगढ़, रोहतक, बड़ौली, बेगा, फरमाणा, बड़ौत, बागपत, पबनेरा, झिंझौली, राठधना, ताजपुर, दिल्ली, मुकीनपुर, खुर्मपुर, गन्नौर, मलिकपुर, कटवाल, छिछड़ाना, रिढाऊ, खरखौदा, सांपला, बहाुदरगढ़, झज्जर आदि रूट शामिल हैं।
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रोडवेज को हो चुका है डेढ़ करोड़ से ज्यादा का नुकसान
रोडवेज की बस कम होने से प्रतिदिन करीब तीन लाख रुपये की आमदनी कम हो रही है। जिले में 47 दिन ने यह बस पैरामिलिट्री फोर्स को दिए जाने से विभाग को अब तक डेढ़ करोड़ से ज्यादा का नुकसान हो चुका है। वहीं, अब 24 और बस पैरामिलिट्री को दी गई हैं, जिससे नुकसान का आंकलन और बढ़ जाएगा।
बस के फेरे बढ़ाने को विद्यार्थी अधिकारियों से लगा रहे गुहार
ग्रामीण व शहरी रूटों पर रोडवेज की बस बंद या उनके फेरे कम होने का सबसे ज्यादा परेशानी छात्रों को हो रही है। समय पर बस न मिलने के कारण उन्हें पहले तो शिक्षण-संस्थानों में पहुंचने में देरी हो रही है। वहीं बस पास होने के बावजूद भी निजी बसों में किराया देकर आना पड़ रहा है। ऐसे में छात्र बस चलाने की मांग को लेकर लगातार रोडवेज के अधिकारियों से मिल रहे हैं, जहां उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है।
आंकड़ों की नजर में
सोनीपत में बसों की संख्या : 230
रोडवेज बेड़े में खराब बसों की संख्या : 14
पैरामिलिट्री फोर्स को दी गईं बसें : 52
रूट जहां प्रभावित हो रही बस सेवा : 30
रोडवेज को हो रहा नुकसान : 3 लाख रुपये प्रतिदिन
बसों की कमी बन रही परेशानी
सोनीपत डिपो व गोहाना सब डिपो में 230 बसों का बेड़ा है। डिपो से 46 व गोहाना सब-डिपो से 6 बसों को विभाग पैरामिलिट्री फोर्स को सौंप चुका है और दर्जनभर बस खराब खड़ी हैं। ऐसे में कई रूट प्रभावित हो रहे हैं। इससे प्रतिदिन 18 हजार से अधिक यात्री प्रभावित हो रहे हैं। विभाग को भी आर्थिक नुकसान हो रहा है। जब तक बेड़े में नई बसें शामिल नहीं होंगी और फोर्स को दी गई बसें वापस नहीं आएंगी, तब तक इन रूटों पर बसों की सेवा प्रभावित रहेगी।
-कर्मबीर गहलावत, डीआई रोडवेज।
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आरक्षण समेत कई मांगों को लेकर जाट समुदाय के लोग धरना दे रहे हैं। सोनीपत में लाठ-जौली चौक पर जाट समुदाय द्वारा 47 दिन से धरना दिया जा रहा है। अब अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने 20 मार्च को दिल्ली घेराव करने की घोषणा की है। धरनास्थल से लेकर शहरों की सुरक्षा के लिए पुलिस बल को तैनात किया गया है। वहीं, गांवों में प्रशासन पुलिस बल के साथ फ्लैग मार्च निकालकर ग्रामीणों को शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है। अब तक जिले में सुरक्षा के लिए 36 कंपनियों की तैनाती की गई हैं। जहां पैरामिलिट्री फोर्स के लिए हरियाणा रोडवेज को सोनीपत डिपो से 46 व गोहाना सब डिपो से छह बसें को सौंपी गई हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार अब 13 और कंपनियां जिले के लिए मांगी गई हैं, जिसके लिए वीरवार को रोडवेज ने फोर्स के लिए 24 और बस भेजी हैं। गोहाना सब डिपो व सोनीपत सब-डिपो में कुल 230 बसों का बेड़ा शामिल हैं। इनमें से 52 बस पैरामिलिट्री फोर्स को दी जा चुकी हैं। वहीं दर्जन भर से ज्यादा बस खराब हैं। यात्रियों को समय पर बसें न मिलने से यात्रियों को परेशानी हो रही है।
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इन रूटों पर बस सेवा प्रभावित
जिले में 52 बस पैरामिलिट्री फोर्स को दिए जाने से 30 से ज्यादा रूट प्रभावित हैं। इनमें गोहाना, खानपुर, उमेदगढ़, रोहतक, बड़ौली, बेगा, फरमाणा, बड़ौत, बागपत, पबनेरा, झिंझौली, राठधना, ताजपुर, दिल्ली, मुकीनपुर, खुर्मपुर, गन्नौर, मलिकपुर, कटवाल, छिछड़ाना, रिढाऊ, खरखौदा, सांपला, बहाुदरगढ़, झज्जर आदि रूट शामिल हैं।
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रोडवेज को हो चुका है डेढ़ करोड़ से ज्यादा का नुकसान
रोडवेज की बस कम होने से प्रतिदिन करीब तीन लाख रुपये की आमदनी कम हो रही है। जिले में 47 दिन ने यह बस पैरामिलिट्री फोर्स को दिए जाने से विभाग को अब तक डेढ़ करोड़ से ज्यादा का नुकसान हो चुका है। वहीं, अब 24 और बस पैरामिलिट्री को दी गई हैं, जिससे नुकसान का आंकलन और बढ़ जाएगा।
बस के फेरे बढ़ाने को विद्यार्थी अधिकारियों से लगा रहे गुहार
ग्रामीण व शहरी रूटों पर रोडवेज की बस बंद या उनके फेरे कम होने का सबसे ज्यादा परेशानी छात्रों को हो रही है। समय पर बस न मिलने के कारण उन्हें पहले तो शिक्षण-संस्थानों में पहुंचने में देरी हो रही है। वहीं बस पास होने के बावजूद भी निजी बसों में किराया देकर आना पड़ रहा है। ऐसे में छात्र बस चलाने की मांग को लेकर लगातार रोडवेज के अधिकारियों से मिल रहे हैं, जहां उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है।
आंकड़ों की नजर में
सोनीपत में बसों की संख्या : 230
रोडवेज बेड़े में खराब बसों की संख्या : 14
पैरामिलिट्री फोर्स को दी गईं बसें : 52
रूट जहां प्रभावित हो रही बस सेवा : 30
रोडवेज को हो रहा नुकसान : 3 लाख रुपये प्रतिदिन
बसों की कमी बन रही परेशानी
सोनीपत डिपो व गोहाना सब डिपो में 230 बसों का बेड़ा है। डिपो से 46 व गोहाना सब-डिपो से 6 बसों को विभाग पैरामिलिट्री फोर्स को सौंप चुका है और दर्जनभर बस खराब खड़ी हैं। ऐसे में कई रूट प्रभावित हो रहे हैं। इससे प्रतिदिन 18 हजार से अधिक यात्री प्रभावित हो रहे हैं। विभाग को भी आर्थिक नुकसान हो रहा है। जब तक बेड़े में नई बसें शामिल नहीं होंगी और फोर्स को दी गई बसें वापस नहीं आएंगी, तब तक इन रूटों पर बसों की सेवा प्रभावित रहेगी।
-कर्मबीर गहलावत, डीआई रोडवेज।