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बजट से शहर की 1650 फैक्ट्रियों व 15 हजार व्यापारियों को मिलेगी राहत
अमर उजाला ब्यूरो सोनीपत।
Updated Thu, 02 Feb 2017 12:25 AM IST
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आम बजट को लेकर उद्यमियों व व्यापारियों की राय जुदा दिख रही है। कोई बजट से काफी खुश दिख रहा है तो किसी को बजट से कुछ ज्यादा मिलने की उम्मीद है। जहां सरकार इस बजट को नोटबंदी के बाद ऐतिहासिक बता रही थी, वहीं उद्यमी व व्यापारी भी कुछ ज्यादा ही राहत मिलने की उम्मीद लगाए बैठे थे। हालांकि जितनी राहत सरकार ने उद्यमियों को दी, उससे वह फैक्ट्री कर्मियों के लिए सुविधाएं बेहतर करने के साथ ही प्रोडक्ट में छूट तक देने की बात कहते हैं। मध्यम वर्ग के व्यापारी भी इनकम टेक्स में छूट मिलने पर राहत महसूस कर रहे है। जिले के बड़ी, राई, कुंडली औद्योगिक क्षेत्र में लगभग 1650 फैक्ट्री ऐसी हैं जिनमें सालाना 50 करोड़ कम का टर्न ओवर है। इन सभी फैक्ट्रियों को सरकार ने कारपोरेट टैक्स में पांच प्रतिशत की राहत दे दी है। इसका असर इन फैक्ट्रियों में काम करने वाले कर्मियों पर भी पड़ सकता है, क्योंकि इस राहत से उनके लिए उद्यमी ज्यादा बेहतर सुविधाएं प्राप्त कर सकते हैं। वहीं, शहर के मध्यम वर्गीय लगभग 15 हजार ऐसे व्यापारी है जो सालाना आय पांच लाख से कम के दायरे में आते हैं और इनको भी बजट से राहत मिली है क्योंकि उनको भी टैक्स पांच प्रतिशत ही जमा कराना होगा जो उनके लिए आधा हो गया है। वहीं कुछ उद्यमी व व्यापारी ज्यादा राहत की उम्मीद लगाए बैठे थे और उसके कारण नोटबंदी से कुछ उबरने की बात कही जा रही थी जो नाखुश हैं।
ऊंट के मुंह में जीरे जैसी है छूट
कुंडली इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के वरिष्ठ सदस्य पवन कंसल कहते हैं कि जिस तरह से 50 करोड़ से कम के टर्न ओवर पर टैक्स में पांच प्रतिशत की छूट दी गई है, वह ऊंट के मुंह में जीरे जैसा है। नोटबंदी के कारण उद्योग पर काफी प्रभाव पड़ा है और उससे उबरने के लिए छूट ज्यादा दी जानी चाहिए थी। इसके अलावा भी उद्योगों में काफी परेशानी आती है। सरकार को उनको भी दूर करने के लिए बजट में कुछ अलग से प्रावधान करना चाहिए था।
टैक्स कम होने से कर्मियों को सुविधा देंगे
राई इंडस्ट्रियल मैन्यूफेक्चरिंग एसोसिएशन के प्रधान राकेश देवगन का कहना है कि सरकार ने जिस तरह से 50 करोड़ के टर्न ओवर तक पांच प्रतिशत की छूट टैक्स में दी है। यह एक अच्छा कदम उठाया गया है। सरकार को आगे भी इस तरह का काम करना चाहिए, जिससे उद्योगों को बढ़ावा मिल सके। ऐसा होता रहा तो फैक्ट्री में काम करने वालों को ज्यादा सुविधाएं दी जाएगी और इस तरह उनका भी फायदा होगा।
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उद्योग जगत को बड़ी राहत मिली
बड़ी इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रधान शमशेर शर्मा कहते है कि सरकार के बजट में उद्योग जगत को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि 5 प्रतिशत की छूट काफी अहम होगी। अधिकतर उद्यमियों का टर्न ओवर 50 करोड़ से कम है, इसलिए भी यह काफी अहम है। इसका सीधा फायदा कर्मियों व आम लोगों को होगा, क्योंकि प्रोडक्ट कम रेट पर दिया जा सकेगा और आम आदमी की जेब पर कम भार पड़ेगा। इसलिए यह छूट सीधे आम लोगों से जुड़ी हुई है।
व्यापारियों के लिए नहीं कुछ खास
बजट में व्यापारियों के लिए कुछ खास नहीं है क्योंकि नोटबंदी के कारण व्यापार पूरी तरह से ठप हो चुका है और इस बजट को नोटबंदी के बाद का ऐतिहासिक बजट बताया जा रहा था, लेकिन इस बजट में ऐतिहासिक कुछ नहीं है और व्यापारियों को कोई राहत नहीं मिली है। भीम एप से व्यापारियों को कैशबैक की बात कही जा रही है, लेकिन इसको शिक्षित लोग ही इस्तेमाल कर सकते हैं। अशिक्षित लोगों पर मोबाइल एप चलाना ही नहीं आता है तो इसका व्यापारियों को कोई फायदा नहीं मिलेगा।
- संजय सिंगला, प्रधान जिला व्यापार मंडल
कई सालों बाद बेहतर बजट
इस बार पिछले कई सालों से बेहतर बजट है। क्योंकि टैक्स छूट का दायरा बढ़ा दिया गया है तो 5 लाख तक लगने वाला टैक्स भी केवल 5 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे सबसे बड़ा फायदा मध्यम वर्गीय व्यापारियों को होगा, जिनकी आय 5 लाख रुपये तक है। सरकार इस तरह से व्यापारियों को ध्यान में रखते हुए बजट पेश करे तो आगे चलकर काफी हालात सुधर सकते है।
- पवन तनेजा, प्रधान काठमंडी टिमबर एसोसिएशन
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ऊंट के मुंह में जीरे जैसी है छूट
कुंडली इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के वरिष्ठ सदस्य पवन कंसल कहते हैं कि जिस तरह से 50 करोड़ से कम के टर्न ओवर पर टैक्स में पांच प्रतिशत की छूट दी गई है, वह ऊंट के मुंह में जीरे जैसा है। नोटबंदी के कारण उद्योग पर काफी प्रभाव पड़ा है और उससे उबरने के लिए छूट ज्यादा दी जानी चाहिए थी। इसके अलावा भी उद्योगों में काफी परेशानी आती है। सरकार को उनको भी दूर करने के लिए बजट में कुछ अलग से प्रावधान करना चाहिए था।
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टैक्स कम होने से कर्मियों को सुविधा देंगे
राई इंडस्ट्रियल मैन्यूफेक्चरिंग एसोसिएशन के प्रधान राकेश देवगन का कहना है कि सरकार ने जिस तरह से 50 करोड़ के टर्न ओवर तक पांच प्रतिशत की छूट टैक्स में दी है। यह एक अच्छा कदम उठाया गया है। सरकार को आगे भी इस तरह का काम करना चाहिए, जिससे उद्योगों को बढ़ावा मिल सके। ऐसा होता रहा तो फैक्ट्री में काम करने वालों को ज्यादा सुविधाएं दी जाएगी और इस तरह उनका भी फायदा होगा।
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उद्योग जगत को बड़ी राहत मिली
बड़ी इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रधान शमशेर शर्मा कहते है कि सरकार के बजट में उद्योग जगत को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि 5 प्रतिशत की छूट काफी अहम होगी। अधिकतर उद्यमियों का टर्न ओवर 50 करोड़ से कम है, इसलिए भी यह काफी अहम है। इसका सीधा फायदा कर्मियों व आम लोगों को होगा, क्योंकि प्रोडक्ट कम रेट पर दिया जा सकेगा और आम आदमी की जेब पर कम भार पड़ेगा। इसलिए यह छूट सीधे आम लोगों से जुड़ी हुई है।
व्यापारियों के लिए नहीं कुछ खास
बजट में व्यापारियों के लिए कुछ खास नहीं है क्योंकि नोटबंदी के कारण व्यापार पूरी तरह से ठप हो चुका है और इस बजट को नोटबंदी के बाद का ऐतिहासिक बजट बताया जा रहा था, लेकिन इस बजट में ऐतिहासिक कुछ नहीं है और व्यापारियों को कोई राहत नहीं मिली है। भीम एप से व्यापारियों को कैशबैक की बात कही जा रही है, लेकिन इसको शिक्षित लोग ही इस्तेमाल कर सकते हैं। अशिक्षित लोगों पर मोबाइल एप चलाना ही नहीं आता है तो इसका व्यापारियों को कोई फायदा नहीं मिलेगा।
- संजय सिंगला, प्रधान जिला व्यापार मंडल
कई सालों बाद बेहतर बजट
इस बार पिछले कई सालों से बेहतर बजट है। क्योंकि टैक्स छूट का दायरा बढ़ा दिया गया है तो 5 लाख तक लगने वाला टैक्स भी केवल 5 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे सबसे बड़ा फायदा मध्यम वर्गीय व्यापारियों को होगा, जिनकी आय 5 लाख रुपये तक है। सरकार इस तरह से व्यापारियों को ध्यान में रखते हुए बजट पेश करे तो आगे चलकर काफी हालात सुधर सकते है।
- पवन तनेजा, प्रधान काठमंडी टिमबर एसोसिएशन