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बिजली बिल में यूनिट तीन, बिल दो हजार से अधिक
अमर उजाला ब्यूरो,खरखौदा।
Updated Fri, 06 Jan 2017 12:32 AM IST
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दिल्ली चौक पर तीन यूनिट का दो हजार से ज्यादा बिल आने पर बिल दिखाता दुकानदार।
- फोटो : sonipat
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बिजली निगम की खामियां इस बार बिलों में उजागर हो रही हैं। दिल्ली चौक के आसपास जिन दुकानदारों के बिजली मीटर ये कहकर बदले थे कि ये बिजली मीटर अपडेट नहीं हैं इन्हें अपडेट किया जा रहा है, अब जैसे ही उनका बिजली का बिल आया तो दुकानदारों के होश उड़ गए। तीन-तीन यूनिट खर्च की गई है और निगम ने बिजली का 2250-2250 रुपये बिल भेजा है। ऐसे में अब उन्हें बिजली बिल को ठीक कराने के लिए चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
पहले पांच से सात सौ रुपये आता था बिल
दुकानदार विजय, आत्मा राम व भगतराम ने बताया कि दिल्ली चौक पर उनकी दुकानें हैं, जहां पर केवल उस समय बल्ब जलाया जाता है जब कभी कभार रात को देर हो जाती है। इसके अलावा यहां पर कभी भी सीएफएल बल्ब भी नहीं जलता। इसलिए यहां पर महीने में तीन से पांच या 10 यूनिट ही बड़ी मुश्किल से जलती है। पहले बिजली का बिल लगभग 500 से 700 रुपये तक आता था, लेकिन अब बिजली का बिल केवल तीन यूनिटों का 2250-2250 रुपये भेज दिया है। इसके कारण दुकानदारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दुकानदारों का कहना है कि बिजली निगम की गलती वे क्यों भुगते अब उन्हें अपनी दुकान छोड़कर बिजली कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
निगम स्वयं करे सुधार
दुकानदारों का कहना है कि वे वीरवार को बिजली कार्यालय गए थे, लेकिन वहां पर कार्यालय छुट्टी होने के कारण बंद पड़ा मिला। अब उन्हें दुकान का काम छोड़कर बिजली निगम की गलती के कारण परेशान होना पड़ेगा। उपभोक्ताओं का कहना है कि इस तरह की गलती को सुधारने के लिए निगम को खुद आगे आना चाहिए। ऐसी गलती निगम ने पहली बार नहीं की है, इससे पहले भी बिजली निगम बिल में गलतियों को लेकर सुर्खियों में रहा है। कई उपभोक्ताओं ने तो बिजली कार्यालय में चक्कर काटने के बाद भी उनकी समस्या का हल नहीं हुआ तो उन्होंने न्यायालय की शरण ले ली है।
पहले पांच से सात सौ रुपये आता था बिल
दुकानदार विजय, आत्मा राम व भगतराम ने बताया कि दिल्ली चौक पर उनकी दुकानें हैं, जहां पर केवल उस समय बल्ब जलाया जाता है जब कभी कभार रात को देर हो जाती है। इसके अलावा यहां पर कभी भी सीएफएल बल्ब भी नहीं जलता। इसलिए यहां पर महीने में तीन से पांच या 10 यूनिट ही बड़ी मुश्किल से जलती है। पहले बिजली का बिल लगभग 500 से 700 रुपये तक आता था, लेकिन अब बिजली का बिल केवल तीन यूनिटों का 2250-2250 रुपये भेज दिया है। इसके कारण दुकानदारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दुकानदारों का कहना है कि बिजली निगम की गलती वे क्यों भुगते अब उन्हें अपनी दुकान छोड़कर बिजली कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
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निगम स्वयं करे सुधार
दुकानदारों का कहना है कि वे वीरवार को बिजली कार्यालय गए थे, लेकिन वहां पर कार्यालय छुट्टी होने के कारण बंद पड़ा मिला। अब उन्हें दुकान का काम छोड़कर बिजली निगम की गलती के कारण परेशान होना पड़ेगा। उपभोक्ताओं का कहना है कि इस तरह की गलती को सुधारने के लिए निगम को खुद आगे आना चाहिए। ऐसी गलती निगम ने पहली बार नहीं की है, इससे पहले भी बिजली निगम बिल में गलतियों को लेकर सुर्खियों में रहा है। कई उपभोक्ताओं ने तो बिजली कार्यालय में चक्कर काटने के बाद भी उनकी समस्या का हल नहीं हुआ तो उन्होंने न्यायालय की शरण ले ली है।
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