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जिला बार चुनाव को लेकर खींचतान
अमर उजाला ब्यूरो सोनीपत
Updated Tue, 29 Nov 2016 12:17 AM IST
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जिला बार चुनाव को लेकर वकीलों के बीच माहौल बेहद गरम हो गया है। सोमवार को प्रधान अनूप दहिया की अध्यक्षता में कार्यकारी कमेटी ने मीटिंग करके जहां एडवोकेट एसपी वर्मा को चुनाव अधिकारी व रमेश दहिया और मनोज शर्मा को सहायक चुनाव अधिकारी नियुक्त कर दिया वहीं, यह भी स्पष्ट किया है कि तय समय सीमा में जिस वकील ने बार का बकाया नहीं जमा करवाया उसे चुनाव लड़ने के अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा। साथ ही 22 दिसंबर को चुनाव दो साल के लिए होगा। इसके विरोध में पूर्व प्रधान राजीव दहिया ने बार सचिव अनिल भारद्वाज को पत्र लिखकर मंगलवार को बार के जरनल हाउस की मीटिंग बुलाने की मांग की है। मांग पत्र पर वकीलों के हस्ताक्षर भी करवाए गए हैं।
बार एसोसिएशन प्रधान अनूप सिंह दहिया ने बताया कि आगामी 22 दिसंबर को प्रदेश भर की सभी बार एसोसिएशनों में चुनाव करवाए जा रहे हैं। इस बार चुनाव दो वर्ष के लिए करवाए जाएंगे। चुनावी प्रक्रिया को सुचारु रू रूप से चलाने के लिए चुनाव अधिकारी व सहायक चुनाव अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। साथ ये भी निर्णय लिया गया कि पांच दिसंबर तक जो अधिवक्ता नो ड्यूज क्लीयर नहीं करेगा, वो चुनावी प्रक्रिया मेें भाग नहीं ले सकते हैं, साथ ही वोट का अधिकार भी नहीं रहेगा।
जरनल हाउस की मीटिंग में होंगे निर्णय : राजीव दहिया
बार के पूर्व प्रधान राजीव दहिया का कहना है कि जबरन वकीलों पर निर्णय थोपे जा रहे हैं। प्रधान अकेले दो साल के लिए बार का चुनाव करवाने का निर्णय नहीं ले सकते। साथ ही किसी वकील को उन्हें डीबार करने का अधिकार नहीं है। यह अधिकार जरनल हाउस को है। ऐसे में उन्होंने सचिव को पत्र लिखकर जरनल हाउस की मीटिंग बुलाई है।
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बार एसोसिएशन प्रधान अनूप सिंह दहिया ने बताया कि आगामी 22 दिसंबर को प्रदेश भर की सभी बार एसोसिएशनों में चुनाव करवाए जा रहे हैं। इस बार चुनाव दो वर्ष के लिए करवाए जाएंगे। चुनावी प्रक्रिया को सुचारु रू रूप से चलाने के लिए चुनाव अधिकारी व सहायक चुनाव अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। साथ ये भी निर्णय लिया गया कि पांच दिसंबर तक जो अधिवक्ता नो ड्यूज क्लीयर नहीं करेगा, वो चुनावी प्रक्रिया मेें भाग नहीं ले सकते हैं, साथ ही वोट का अधिकार भी नहीं रहेगा।
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जरनल हाउस की मीटिंग में होंगे निर्णय : राजीव दहिया
बार के पूर्व प्रधान राजीव दहिया का कहना है कि जबरन वकीलों पर निर्णय थोपे जा रहे हैं। प्रधान अकेले दो साल के लिए बार का चुनाव करवाने का निर्णय नहीं ले सकते। साथ ही किसी वकील को उन्हें डीबार करने का अधिकार नहीं है। यह अधिकार जरनल हाउस को है। ऐसे में उन्होंने सचिव को पत्र लिखकर जरनल हाउस की मीटिंग बुलाई है।
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