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हुडा से 11 किसानों को प्लाट मिला, 1077 रहे खाली हाथ
अमर उजाला ब्यूरो सोनीपत।
Updated Mon, 10 Apr 2017 11:28 PM IST
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हुडा का काम भी अलग होता है, जहां केवल हाईकोर्ट के दबाव में आकर ही काम किया जाता है। राजीव गांधी एजूकेशन सिटी राई के लिए जिन गांव के किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया था। हुडा के पास 1088 लोगों के आवेदन प्लाट के लिए आए थे और उनमें से केवल उनका ड्रा निकालकर प्लाट दिया गया, जिन 11 किसानों के लिए हाईकोर्ट से सख्त आदेश दिए गए। उनका दो महीने पहले ड्रा निकाला गया और अब अलॉटमेंट लेटर जारी कर दिया गया, लेकिन बाकी 1077 किसान खाली हाथ रह गए। इस तरह पिछले पांच साल से ओस्टेज कोटे में प्लाट लेने को भटक रहे किसानों की परेशानी खत्म होती नहीं दिख रही है।
यह है पूरा मामला
राजीव गांधी एजूकेशन सिटी राई के लिए हुडा ने सेक्टर 65-68 के नाम पर पतला, असवारपुर, बढ़खालसा की 2514 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया था। उसके बाद नियम के अनुसार तीनों गांवों के 1088 किसानों ने ओस्टेज कोटे के तहत प्लाट लेने के लिए 2012 में आवेदन किया। तीन साल बाद भी प्लाट न मिलने पर इन गांवों के 11 किसानों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें कहा गया कि पहले 75 प्रतिशत से ज्यादा जमीन अधिग्रहण होने पर ही ओस्टेज कोटे में प्लाट दिया जाता था, लेकिन जमीन अधिग्रहण से पहले नियम में बदलाव किया गया था, जिसमें 75 प्रतिशत से कम जमीन अधिग्रहण होने वाले लोगों को भी पात्र मानते हुए ओस्टेज कोटे से प्लाट दिए जा सकते थे। इस नियम के कारण ही आवेदन करने वाले सभी पात्रों की सूची में शामिल हो गए थे।
हाईकोर्ट की सख्ती के बाद मिला प्लाट
ओस्टेज कोटे के तहत प्लाट देने के लिए ड्रा निकालने को किसानों की याचिका पर हाईकोर्ट सख्त हो गया था। हाईकोर्ट ने 2015 में आदेश दिया कि जल्द से जल्द ड्रा निकालकर प्लाट दिया जाए, लेकिन उस आदेश को हवा में उड़ा दिया गया तो हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई और अवमानना की चेतावनी दी गई। उसके लिए अवमानना का नोटिस भी दिया गया। तब जाकर हुडा अधिकारियों ने केवल उन 11 लोगों का ड्रा निकाल दिया जो हाईकोर्ट में गए थे और अब उनको अलॉटमेंट लेटर जारी करके प्लाट दे दिया गया।
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जिनके आवेदन आए हुए हैं, उनके ड्रा जल्द ही निकाले जाएंगे। अभी केवल 11 लोगों को प्लाट दिया गया है, जबकि अन्य का ड्रा निकालने के लिए काम चल रहा है। उसे जल्द ही पूरा करके ड्रा निकाला जाएगा।
-विकास ढांडा, एस्टेट ऑफिसर हुडा
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यह है पूरा मामला
राजीव गांधी एजूकेशन सिटी राई के लिए हुडा ने सेक्टर 65-68 के नाम पर पतला, असवारपुर, बढ़खालसा की 2514 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया था। उसके बाद नियम के अनुसार तीनों गांवों के 1088 किसानों ने ओस्टेज कोटे के तहत प्लाट लेने के लिए 2012 में आवेदन किया। तीन साल बाद भी प्लाट न मिलने पर इन गांवों के 11 किसानों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें कहा गया कि पहले 75 प्रतिशत से ज्यादा जमीन अधिग्रहण होने पर ही ओस्टेज कोटे में प्लाट दिया जाता था, लेकिन जमीन अधिग्रहण से पहले नियम में बदलाव किया गया था, जिसमें 75 प्रतिशत से कम जमीन अधिग्रहण होने वाले लोगों को भी पात्र मानते हुए ओस्टेज कोटे से प्लाट दिए जा सकते थे। इस नियम के कारण ही आवेदन करने वाले सभी पात्रों की सूची में शामिल हो गए थे।
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हाईकोर्ट की सख्ती के बाद मिला प्लाट
ओस्टेज कोटे के तहत प्लाट देने के लिए ड्रा निकालने को किसानों की याचिका पर हाईकोर्ट सख्त हो गया था। हाईकोर्ट ने 2015 में आदेश दिया कि जल्द से जल्द ड्रा निकालकर प्लाट दिया जाए, लेकिन उस आदेश को हवा में उड़ा दिया गया तो हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई और अवमानना की चेतावनी दी गई। उसके लिए अवमानना का नोटिस भी दिया गया। तब जाकर हुडा अधिकारियों ने केवल उन 11 लोगों का ड्रा निकाल दिया जो हाईकोर्ट में गए थे और अब उनको अलॉटमेंट लेटर जारी करके प्लाट दे दिया गया।
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जिनके आवेदन आए हुए हैं, उनके ड्रा जल्द ही निकाले जाएंगे। अभी केवल 11 लोगों को प्लाट दिया गया है, जबकि अन्य का ड्रा निकालने के लिए काम चल रहा है। उसे जल्द ही पूरा करके ड्रा निकाला जाएगा।
-विकास ढांडा, एस्टेट ऑफिसर हुडा