लापरवाही: कोई बोला-सॉरी! घर रह गया मास्क, किसी ने कहा- गुटखा खाने के लिए हटाया
हरियाणा के सोनीपत जिले में कोरोना कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ने लगा है। हर दिन कोरोना के बढ़ते आंकड़े डराने लगे हैं, लेकिन हालात देखकर लग रहा है कि लोगों में कोरोना का डर खत्म हो गया है। सड़कों पर लोग बिना मास्क लगाए घूम रहे हैं। राई औद्योगिक क्षेत्र में सुबह कुछ ऐसे ही हालात दिखाई दिए।
फैक्टरियों में जा रहे 90 फीसदी लोग बना मास्क दिखाई दिए। पूछा तो कोई बोला-सॉरी! मास्क घर भूल आया। वहीं महिला बोली-मास्क लेकर पति पहले ही कंपनी में चला गया। वहीं कई तो गुटका खाते दिखाई दिए और बोले कि अभी निकाला हैं। ऐसे में बढ़ती मामलों के चलते प्रशासन को अब सख्ती बरतनी होगी।
सोनीपत में कोरोना अचानक तेजी से बढ़ने लगा है। पहले जहां एक-दो मामले आते थे, वहीं दिन से संख्या तेजी से बढ़ने लगी है। वीरवार सुबह तक जिले में पांच सक्रिय केस थे। शाम को अचानक 12 नए केस आ गए। शुक्रवार को फिर आंकड़ा दहाई में रहा और 11 नए केस मिले। अब शनिवार को रिकॉर्ड 31 मरीज मिले हैं।
उसके बावजूद राई औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिक पूरी तरह से लापरवाह बने हुए हैं। उनके चेहरे पर न मास्क हैं और न ही सामाजिक दूरी का पालन किया जा रहा है। इनके पास मास्क न लगाने के भी अजीब बहाने हैं। कुछ लोगों ने कहा कि हमें कोरोना से डर नहीं लगता, कोरोना जैसा कुछ नहीं है।
वहीं कुछ का कहना था कि हमारा मास्क खराब हो गया, इसलिए नहीं लगाया। कुछ ने कहा कि नाक में परेशानी होती है, इसलिए मास्क हटाया था, आगे से मास्क लगाएंगे। वहीं कुछ लोगों का कहना था कि बस तंबाकू और गुटका खाने के लिए मास्क हटाया था। हालांकि कुछ लोगों ने अपनी गलती मानी और कहा कि हम किसी की जिंदगी को खतरे में नहीं डालना चाहते, इसलिए मास्क लगाएंगे।
ज्यादातर कंपनी के मालिकों का है दिल्ली कनेक्शन
राई क्षेत्र में ज्यादातर कंपनियों के मालिक दिल्ली से आवागमन करते हैं। दिल्ली में कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ने के चलते उनकी कंपनी में कार्यरत कर्मियों को विशेष हिदायत बरतने की जरूरत है। उसके बावजूद कर्मियों का मास्क न लगाना, उनके लिए परेशानी का सबब बन सकता है। हालांकि ज्यादातर श्रमिकों ने माना कि कंपनी के मालिक ने उन्हें मास्क लगाने की हिदायत दी है। उसके बावजूद वह लापरवाह बने हैं। ऐसे में कंपनी के मालिकों को मास्क को लेकर सख्त नियम बनाने चाहिए।
सामाजिक दूरी, न सैनिटाजर
श्रमिक सामाजिक दूरी की पालना नहीं कर रहे हैं। साथ ही सैनिटाइजर का प्रयोग नहीं हो रहा है। श्रमिकों को जब भीड़ में न चलने को कहा तो उन्होंने कहा कि एक साथ फैक्टरी पहुंचने व छुट्टी होने पर सड़क पर भीड़ लगना लाजिमी है। साथ ही सैनिटाइजर को लेकर उन्होंने यहां तक कहा कि खर्च तो पूरा होता नहीं, उसे कैसे खरीदेंगे।