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धान खरीद की तिथि 11 अक्तूबर किए जाने से एसकेएम खफा, आज से एमपी-एमएलए के घरों का घेराव
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कुंडली बॉर्डर पर बैठक करते संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य। संवाद
- फोटो : Sonipat
संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) हरियाणा व पंजाब में सरकार की तरफ से 1 अक्तूबर की बजाय 11 अक्तूबर से धान की खरीद शुरू किए जाने के निर्णय पर रोष जताया है। एसकेएम इससे खफा है और आरपार के मूड में नजर आ रहा है। एसकेएम ने शनिवार से प्रदेश में भाजपा-जजपा के सांसदों व विधायकों के घरों और पंजाब में डीसी कार्यालयों का घेराव करते हुए अनिश्चितकालीन धरना देने की घोषणा की है। यह सिलसिला धान खरीद शुरू होने तक जारी रहेगा।
संयुक्त किसान मोर्चा की नौ सदस्यीय समन्वय समिति की शुक्रवार को कुंडली बॉर्डर पर आपातकालीन बैठक हुई। बैठक में बलबीर सिंह राजेवाल, डॉ. दर्शन पाल, गुरनाम सिंह चढूनी, हन्नान मोल्ला, जगजीत सिंह डल्लेवाल, जोगिंदर सिंह उगराहां, युद्धवीर सिंह, योगेंद्र यादव व अभिमन्यु कुहाड़ आदि ने चर्चा के बाद अहम फैसला लिया। वरिष्ठ किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने बैठक के बाद कहा कि सरकार ने पहले धान की खरीद 1 अक्तूबर से करने की घोषणा की थी, मगर एकाएक सरकार ने अपना फैसला बदल दिया और अब धान की खरीद 11 अक्तूबर से शुरू करने की बात कह रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब व हरियाणा की मंडियां धान से अटी पड़ी हैं। जब मंडी में धान की फसल पहुंची तो सरकार खरीद करने से पीछे हट गई और इसके लिए अब 11 अक्तूबर की नई तिथि घोषित कर दी। सरकार धान में नमी व डिस्कलर आदि के बहाने बना रही है। सरकार धान खरीद को लेकर आए दिन मापदंड बदल रही है। उन्होंने कहा कि किसान का काम फसल पैदा करना है। बारिश को रोकना किसान के हाथ में नहीं है। बारिश के चलते धान में मामूली बदलाव आना लाजिमी है, वह चाहे नमी का मामला हो या रंग का। उन्होंने कहा कि सरकार के नए मापदंडों की आड़ में आए दिन नए बहानों से किसानों में भारी रोष है।
बलबीर सिंह राजेवाल ने संयुक्त किसान मोर्चा के मंच से पंजाब व हरियाणा के किसानों का आह्वान किया कि वह शनिवार से पंजाब में सभी डीसी कार्यालयों और हरियाणा में भाजपा-जजपा के सांसदों व विधायकों व घरों पर धरना देते हुए घेराव करें। उन्होंने कहा कि धान की खरीद होने तक यह घेराव, धरने व प्रदर्शन जारी रहेंगे।
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किसान विरोधी है सरकार : चढूनी
एसकेएम समन्वय समिति की बैठक में लिए गए निर्णय पर बातचीत करते हुए भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि धान की खरीद में अनावश्यक देरी किए जाने से सरकार का किसान विरोधी चेहरा एक बार फिर सामने आ गया है। उन्होंने कहा कि सरकार खरीद को लेकर हर रोज नए बहाने बना रही है। अब सरकार द्वारा प्रति एकड़ 25 क्विंटल से अधिक धान की खरीद न करने की बात कही जा रही है। मंडियां धान की फसल से भरी पड़ी हैं। ऐसे में आज की बैठक में शनिवार सुबह 10 बजे से पंजाब में डीसी कार्यालयों और हरियाणा में भाजपा-जजपा सांसदों, विधायकों व सांसदों के निवास स्थलों का घेराव करने व धरना देने का फैसला लिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले से एसकेएम का नहीं लेना-देना
एसकेएम स्पष्ट करता है कि आज सुप्रीम कोर्ट के चल रहे मामले में याचिकाकर्ता का संयुक्त किसान मोर्चा से कोई लेना-देना नहीं है। एसकेएम ने कभी भी तीनों कानूनों पर निर्णय के लिए सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा नहीं खटखटाया है। हमने हमेशा स्पष्ट कहा है कि दिल्ली की ओर जाने वाले राजमार्गों को पुलिस द्वारा रोका गया है। केंद्र सरकार जानती है कि किसानों की जायज मांगों को स्वीकार कर विरोध का समाधान किया जा सकता है, लेकिन सैकड़ों किसान शहीद होने के बावजूद उसने ऐसा नहीं करने का फैसला किया है।
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संयुक्त किसान मोर्चा की नौ सदस्यीय समन्वय समिति की शुक्रवार को कुंडली बॉर्डर पर आपातकालीन बैठक हुई। बैठक में बलबीर सिंह राजेवाल, डॉ. दर्शन पाल, गुरनाम सिंह चढूनी, हन्नान मोल्ला, जगजीत सिंह डल्लेवाल, जोगिंदर सिंह उगराहां, युद्धवीर सिंह, योगेंद्र यादव व अभिमन्यु कुहाड़ आदि ने चर्चा के बाद अहम फैसला लिया। वरिष्ठ किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने बैठक के बाद कहा कि सरकार ने पहले धान की खरीद 1 अक्तूबर से करने की घोषणा की थी, मगर एकाएक सरकार ने अपना फैसला बदल दिया और अब धान की खरीद 11 अक्तूबर से शुरू करने की बात कह रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब व हरियाणा की मंडियां धान से अटी पड़ी हैं। जब मंडी में धान की फसल पहुंची तो सरकार खरीद करने से पीछे हट गई और इसके लिए अब 11 अक्तूबर की नई तिथि घोषित कर दी। सरकार धान में नमी व डिस्कलर आदि के बहाने बना रही है। सरकार धान खरीद को लेकर आए दिन मापदंड बदल रही है। उन्होंने कहा कि किसान का काम फसल पैदा करना है। बारिश को रोकना किसान के हाथ में नहीं है। बारिश के चलते धान में मामूली बदलाव आना लाजिमी है, वह चाहे नमी का मामला हो या रंग का। उन्होंने कहा कि सरकार के नए मापदंडों की आड़ में आए दिन नए बहानों से किसानों में भारी रोष है।
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बलबीर सिंह राजेवाल ने संयुक्त किसान मोर्चा के मंच से पंजाब व हरियाणा के किसानों का आह्वान किया कि वह शनिवार से पंजाब में सभी डीसी कार्यालयों और हरियाणा में भाजपा-जजपा के सांसदों व विधायकों व घरों पर धरना देते हुए घेराव करें। उन्होंने कहा कि धान की खरीद होने तक यह घेराव, धरने व प्रदर्शन जारी रहेंगे।
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किसान विरोधी है सरकार : चढूनी
एसकेएम समन्वय समिति की बैठक में लिए गए निर्णय पर बातचीत करते हुए भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि धान की खरीद में अनावश्यक देरी किए जाने से सरकार का किसान विरोधी चेहरा एक बार फिर सामने आ गया है। उन्होंने कहा कि सरकार खरीद को लेकर हर रोज नए बहाने बना रही है। अब सरकार द्वारा प्रति एकड़ 25 क्विंटल से अधिक धान की खरीद न करने की बात कही जा रही है। मंडियां धान की फसल से भरी पड़ी हैं। ऐसे में आज की बैठक में शनिवार सुबह 10 बजे से पंजाब में डीसी कार्यालयों और हरियाणा में भाजपा-जजपा सांसदों, विधायकों व सांसदों के निवास स्थलों का घेराव करने व धरना देने का फैसला लिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले से एसकेएम का नहीं लेना-देना
एसकेएम स्पष्ट करता है कि आज सुप्रीम कोर्ट के चल रहे मामले में याचिकाकर्ता का संयुक्त किसान मोर्चा से कोई लेना-देना नहीं है। एसकेएम ने कभी भी तीनों कानूनों पर निर्णय के लिए सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा नहीं खटखटाया है। हमने हमेशा स्पष्ट कहा है कि दिल्ली की ओर जाने वाले राजमार्गों को पुलिस द्वारा रोका गया है। केंद्र सरकार जानती है कि किसानों की जायज मांगों को स्वीकार कर विरोध का समाधान किया जा सकता है, लेकिन सैकड़ों किसान शहीद होने के बावजूद उसने ऐसा नहीं करने का फैसला किया है।