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Sonipat News: शुकदेव ने महाराजा परीक्षित को दिया था श्रीमद्भागवत कथा का ज्ञान
Tue, 30 Dec 2025 12:11 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 30 Dec 2025 12:11 AM IST
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फोटो 18: सोनीपत के गन्नौर स्थित प्रधानावास मोहल्ले में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में पहुंचे पूर्
गन्नौर। प्रधानावास मोहल्ले में श्रीशिव मंदिर सनातन धर्म सभा की ओर से श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में सोमवार को कथावाचक साध्वी समाहिता ने शुकदेव आगमन का वृत्तांत सुनाया। बताया कि मनुष्य के जन्म जन्मांतर के पुण्य कर्मों के उदय होने पर भागवत सुनने का सौभाग्य प्राप्त होता है।
कथावाचक ने बताया कि भागवत रूपी गंगा की धारा पवित्र और अपनी निर्मलता के कारण पापियों को तार देती है। मुनि वेद व्यास के पुत्र शुकदेव ने महाराजा परीक्षित को श्रीमद्भागवत कथा का ज्ञान दिया था। भागवत कथा कल्पवृक्ष के समान होने के साथ मोक्ष का मार्ग प्रदान करती है।
इस अवसर पर पूर्व सांसद रमेश कौशिक, पूर्व जिलाध्यक्ष तीर्थ राणा, निगम पार्षद पुनीत त्यागी ने शिरकत की और कथावाचक साध्वी समाहिता का आशीर्वाद प्राप्त किया। श्रीशिव मंदिर सनातन धर्म सभा एवं गन्नौर नपा अध्यक्ष अरुण त्यागी, जयपाल शर्मा, सुशील त्यागी, राजेंद्र त्यागी, विनोद शर्मा भी आदि कथा में सहयोग कर रहे हैं।
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अमर कथा का किया श्रवण
साध्वी समाहिता ने श्रद्धालुओं को भगवान शिव द्वारा माता पार्वती को सुनाई गई अमर कथा का वृतांत सुनाया गया। इसमें बताया कि कथा के दौरान एक तोता भी वृक्ष पर बैठकर अमर कथा को सुन रहा था। जब माता पार्वती को नींद आने लगी, तो वृक्ष पर बैठे हुए तोते ने हुंकार भरकर पूरी कथा सुनी। जब शिवजी को पता चला तो वे उस तोते के पीछे त्रिशूल लेकर भागे। वह तोता उड़ता हुआ महर्षि वेदव्यास के आश्रम में उनकी पत्नी अरणी माता के मुख में सूक्ष्म रूप से उनके गर्भ में पल रहे शिशु में समा गया। बाद में वही पुत्र शुकदेवजी के रूप में अवतरित हुए।
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कथावाचक ने बताया कि भागवत रूपी गंगा की धारा पवित्र और अपनी निर्मलता के कारण पापियों को तार देती है। मुनि वेद व्यास के पुत्र शुकदेव ने महाराजा परीक्षित को श्रीमद्भागवत कथा का ज्ञान दिया था। भागवत कथा कल्पवृक्ष के समान होने के साथ मोक्ष का मार्ग प्रदान करती है।
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इस अवसर पर पूर्व सांसद रमेश कौशिक, पूर्व जिलाध्यक्ष तीर्थ राणा, निगम पार्षद पुनीत त्यागी ने शिरकत की और कथावाचक साध्वी समाहिता का आशीर्वाद प्राप्त किया। श्रीशिव मंदिर सनातन धर्म सभा एवं गन्नौर नपा अध्यक्ष अरुण त्यागी, जयपाल शर्मा, सुशील त्यागी, राजेंद्र त्यागी, विनोद शर्मा भी आदि कथा में सहयोग कर रहे हैं।
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अमर कथा का किया श्रवण
साध्वी समाहिता ने श्रद्धालुओं को भगवान शिव द्वारा माता पार्वती को सुनाई गई अमर कथा का वृतांत सुनाया गया। इसमें बताया कि कथा के दौरान एक तोता भी वृक्ष पर बैठकर अमर कथा को सुन रहा था। जब माता पार्वती को नींद आने लगी, तो वृक्ष पर बैठे हुए तोते ने हुंकार भरकर पूरी कथा सुनी। जब शिवजी को पता चला तो वे उस तोते के पीछे त्रिशूल लेकर भागे। वह तोता उड़ता हुआ महर्षि वेदव्यास के आश्रम में उनकी पत्नी अरणी माता के मुख में सूक्ष्म रूप से उनके गर्भ में पल रहे शिशु में समा गया। बाद में वही पुत्र शुकदेवजी के रूप में अवतरित हुए।