{"_id":"6201842782494d78dc5e3ed5","slug":"shortage-of-personnel-in-government-offices-new-recruitments-are-not-happening-hooda-sonipat-news-rtk6377781107","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकारी कार्यालयों में कर्मियों की किल्लत, नहीं हो रहीं नई भर्तियां : हुड्डा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकारी कार्यालयों में कर्मियों की किल्लत, नहीं हो रहीं नई भर्तियां : हुड्डा
विज्ञापन
सोनीपत में पत्रकारों से बातचीत करते पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा। संवाद
- फोटो : Sonipat
पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि प्रदेश की गठबंधन सरकार हर मोर्चे पर पूरी तरह विफल साबित हुई है। सरकार के अब तक के कार्यकाल में जनहित का एक भी फैसला नहीं लिया गया है। अस्पताल से लेकर स्कूल सहित सभी सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की कमी है। उसके बावजूद सरकार भर्ती नहीं कर रही।
वह सोमवार को विश्राम गृह में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। पूर्व सीएम ने कहा कि प्रदेश के किसी भी सरकारी विभाग में आज अधिकारी और कर्मचारी पूरे नहीं हैं। सरकार खाली पदों पर भर्ती नहीं कर रही है। हालात यह है कि अस्पतालों में चिकित्सक तक नहीं हैं और स्कूल-कॉलेज में शिक्षक नहीं हैं। कार्यालयों में जो कर्मी कार्यरत हैं, वे भी सरकार की गलत नीतियों क कारण सड़कों पर प्रदर्शन करते ही नजर आते हैं। वह सरकार की नीतियों से पूरी तरह से परेशान हैं। कर्मचारी ही नहीं किसान समेत हर वर्ग मौजूदा सरकार के विरोध में आंदोलन करने को मजबूर है। किसानों पर सरकार की नीतियों और मौसम की दोहरी मार पड़ रही है। लगातार बेमौसमी बारिश की वजह से उन्हें नुकसान झेलना पड़ रहा है, लेकिन सरकार की तरफ से मुआवजा देना तो दूर अब तक पूरी तरह गिरदावरी भी नहीं करवाई गई। यहां तक कि पिछले साल का मुआवजा भी अब तक नहीं दिया गया है। किसान मुआवजे और जल निकासी के समाधान का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन सरकार की तरफ से कोई कदम नहीं उठाया जा रहा।
अब तक किसानों के मुकदमे वापस नहीं हुए
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि सरकार ने आंदोलनकारी किसानों के साथ भी बड़ा धोखा किया है। समझौते के बावजूद अब तक उनके मुकदमे वापस नहीं हुए। इसी तरह देश में सबसे ज्यादा बेरोजगारी झेल रहे प्रदेश के युवाओं के साथ भी सरकार लगातार धोखा कर रही है। एक बार फिर जनवरी के आंकड़ों के मुताबिक हरियाणा बेरोजगारी दर में देशभर में टॉप पर है, लेकिन सरकार संस्थाओं पर ही सवाल उठा रही है, जबकि उत्तर प्रदेश में भाजपा उन्हीं संस्थाओं के आंकड़ों को दिखाकर वोट मांग रही है। ऐसे में सरकार की गलत नीति और नियत साफ दिख रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
वह सोमवार को विश्राम गृह में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। पूर्व सीएम ने कहा कि प्रदेश के किसी भी सरकारी विभाग में आज अधिकारी और कर्मचारी पूरे नहीं हैं। सरकार खाली पदों पर भर्ती नहीं कर रही है। हालात यह है कि अस्पतालों में चिकित्सक तक नहीं हैं और स्कूल-कॉलेज में शिक्षक नहीं हैं। कार्यालयों में जो कर्मी कार्यरत हैं, वे भी सरकार की गलत नीतियों क कारण सड़कों पर प्रदर्शन करते ही नजर आते हैं। वह सरकार की नीतियों से पूरी तरह से परेशान हैं। कर्मचारी ही नहीं किसान समेत हर वर्ग मौजूदा सरकार के विरोध में आंदोलन करने को मजबूर है। किसानों पर सरकार की नीतियों और मौसम की दोहरी मार पड़ रही है। लगातार बेमौसमी बारिश की वजह से उन्हें नुकसान झेलना पड़ रहा है, लेकिन सरकार की तरफ से मुआवजा देना तो दूर अब तक पूरी तरह गिरदावरी भी नहीं करवाई गई। यहां तक कि पिछले साल का मुआवजा भी अब तक नहीं दिया गया है। किसान मुआवजे और जल निकासी के समाधान का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन सरकार की तरफ से कोई कदम नहीं उठाया जा रहा।
विज्ञापन
अब तक किसानों के मुकदमे वापस नहीं हुए
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि सरकार ने आंदोलनकारी किसानों के साथ भी बड़ा धोखा किया है। समझौते के बावजूद अब तक उनके मुकदमे वापस नहीं हुए। इसी तरह देश में सबसे ज्यादा बेरोजगारी झेल रहे प्रदेश के युवाओं के साथ भी सरकार लगातार धोखा कर रही है। एक बार फिर जनवरी के आंकड़ों के मुताबिक हरियाणा बेरोजगारी दर में देशभर में टॉप पर है, लेकिन सरकार संस्थाओं पर ही सवाल उठा रही है, जबकि उत्तर प्रदेश में भाजपा उन्हीं संस्थाओं के आंकड़ों को दिखाकर वोट मांग रही है। ऐसे में सरकार की गलत नीति और नियत साफ दिख रही है।
विज्ञापन