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Sonipat News: दुकानदार हत्याकांड...आरोपी परिवार पर पहले से ही साजिश रचने का शक
Tue, 17 Jun 2025 02:00 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 17 Jun 2025 02:00 AM IST
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खरखौदा। गांव सिसाना में रविवार रात हुई दुकानदार अशोक की हत्या से पहले ही आरोपियों ने पूरी साजिश रच ली थी। यह अंदेशा मृतक के भाई ने जताया है। हत्या पुश्तैनी जमीन के बंटवारे को लेकर लंबे समय से चले आ रहे पारिवारिक विवाद का नतीजा मानी जा रही है।
परिवार का आरोप है कि हत्या में ईशू और निशू का भी हाथ है, जो मृतक परिवार के करीबी हैं। अशोक के भाई ने बताया कि रविवार दोपहर को ही दोनों आरोपियों की मां ने अपने पशुओं को टेंपो में चढ़ाकर गांव से बाहर भेज दिया था, जिससे संदेह और गहराता है कि हत्या की साजिश पहले से रची जा चुकी थी।
परिजनों का कहना है कि पशुओं को भेजते समय भी उन्हें शक नहीं हुआ, लेकिन रात को अशोक की हत्या के बाद उन्हें उनके मन में यह अंदेशा आया। अशोक अविवाहित था और अपने भाई के साथ खेत में हाथ बंटाता था, वहीं उसकी दुकान भी थी जिससे परिवार का खर्च चलाता था।
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खेवट को लेकर था विवाद
अशोक और आरोपियों के बीच खेवट (जमीन की साझेदारी) को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। दोनों परिवार एक ही वंश के हैं, परदादा सगे भाई थे। जमीन का बंटवारा न होने के कारण तनातनी बढ़ती जा रही थी। कुछ दिन पहले कहासुनी मारपीट में बदली थी। लोग अशोक की मौत को सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि रिश्तों की दरकती नींव और बढ़ते स्वार्थ की तस्वीर बता रहे हैं।
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परिवार का आरोप है कि हत्या में ईशू और निशू का भी हाथ है, जो मृतक परिवार के करीबी हैं। अशोक के भाई ने बताया कि रविवार दोपहर को ही दोनों आरोपियों की मां ने अपने पशुओं को टेंपो में चढ़ाकर गांव से बाहर भेज दिया था, जिससे संदेह और गहराता है कि हत्या की साजिश पहले से रची जा चुकी थी।
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परिजनों का कहना है कि पशुओं को भेजते समय भी उन्हें शक नहीं हुआ, लेकिन रात को अशोक की हत्या के बाद उन्हें उनके मन में यह अंदेशा आया। अशोक अविवाहित था और अपने भाई के साथ खेत में हाथ बंटाता था, वहीं उसकी दुकान भी थी जिससे परिवार का खर्च चलाता था।
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खेवट को लेकर था विवाद
अशोक और आरोपियों के बीच खेवट (जमीन की साझेदारी) को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। दोनों परिवार एक ही वंश के हैं, परदादा सगे भाई थे। जमीन का बंटवारा न होने के कारण तनातनी बढ़ती जा रही थी। कुछ दिन पहले कहासुनी मारपीट में बदली थी। लोग अशोक की मौत को सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि रिश्तों की दरकती नींव और बढ़ते स्वार्थ की तस्वीर बता रहे हैं।