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हत्या का प्रयास करने वाले को दस साल की कैद की सजा
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सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश मल्होत्रा की अदालत ने शराब कारोबारी पर जानलेवा हमला करने के मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को दस साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 1.25 लाख रुपये जुर्माना भी किया है। जुर्माना अदा न करने पर छह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
गांव रिढाऊ निवासी विरेंद्र ने 1 सितंबर, 2017 को सिविल लाइन थाना पुलिस को बताया था कि उसका छोटा भाई कृष्ण शराब कारोबारी है। वह इंडियन कॉलोनी में रहता है और कबीरपुर रोड पर उसका कार्यालय है। उसने बताया था कि कृष्ण रात को अपनी गाड़ी में सवार होकर चला था। कुछ दूर जाते ही इंडियन कालोनी निवासी टीनू व रोहतक निवासी पोपी ने उसके भाई की गाड़ी को रुकवा लिया था। उन्होंने उसे गाड़ी से बाहर निकाल लिया था। बाद में उन्होंने उसके भाई के कंधे में गोली मार थी। पुलिस ने हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया था। जांच में दो अन्य आरोपियों अंकित व बिजेंद्र का नाम सामने भी सामने आया था। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपियों को तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। जिनमें से मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने एक आरोपी बिजेंद्र को भगौड़ा घोषित कर दिया था। अंकित को अदालत ने दोषी करार देते हुए अंडरगोन (गिरफ्तारी के बाद जेल में काटी गई सजा ही पर्याप्त) कर दिया था। बाद में आरोपी रोहतक के गांव समचाना निवासी बिजेंद्र बिजेंद्र उर्फ विजेंद्र उर्फ विजय को में गिरफ्तार किया गया था।
अब मामले में एएसजे राजेश मल्होत्रा की अदालत ने बिजेंद्र, उर्फ विजेंद्र उर्फ विजय को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को भादसं की धारा 307 में दस साल कैद व एक लाख रुपये जुर्माना तथा शस्त्र अधिनियम में तीन साल कैद व 25 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर छह माह अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। दोनों सजा एक साथ चलेंगी।
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गांव रिढाऊ निवासी विरेंद्र ने 1 सितंबर, 2017 को सिविल लाइन थाना पुलिस को बताया था कि उसका छोटा भाई कृष्ण शराब कारोबारी है। वह इंडियन कॉलोनी में रहता है और कबीरपुर रोड पर उसका कार्यालय है। उसने बताया था कि कृष्ण रात को अपनी गाड़ी में सवार होकर चला था। कुछ दूर जाते ही इंडियन कालोनी निवासी टीनू व रोहतक निवासी पोपी ने उसके भाई की गाड़ी को रुकवा लिया था। उन्होंने उसे गाड़ी से बाहर निकाल लिया था। बाद में उन्होंने उसके भाई के कंधे में गोली मार थी। पुलिस ने हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया था। जांच में दो अन्य आरोपियों अंकित व बिजेंद्र का नाम सामने भी सामने आया था। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपियों को तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। जिनमें से मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने एक आरोपी बिजेंद्र को भगौड़ा घोषित कर दिया था। अंकित को अदालत ने दोषी करार देते हुए अंडरगोन (गिरफ्तारी के बाद जेल में काटी गई सजा ही पर्याप्त) कर दिया था। बाद में आरोपी रोहतक के गांव समचाना निवासी बिजेंद्र बिजेंद्र उर्फ विजेंद्र उर्फ विजय को में गिरफ्तार किया गया था।
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अब मामले में एएसजे राजेश मल्होत्रा की अदालत ने बिजेंद्र, उर्फ विजेंद्र उर्फ विजय को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को भादसं की धारा 307 में दस साल कैद व एक लाख रुपये जुर्माना तथा शस्त्र अधिनियम में तीन साल कैद व 25 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर छह माह अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। दोनों सजा एक साथ चलेंगी।
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