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Sonipat News: धान की सीधी बुआई कर बचाएं पानी और खेती की लागत
Tue, 23 Jun 2026 08:19 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 23 Jun 2026 08:19 PM IST
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फोटो : सोनीपत के गांव सांदल कलां में किसानों को उर्वरक भेंट करते पूसा के कृषि वैज्ञानिक। स्रोत:
संवाद न्यूज एजेंसी
गन्नौर। गांव सांदल कलां के किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई), पूसा, नई दिल्ली से पहुंचे कृषि वैज्ञानिकों ने धान की सीधी बिजाई और संतुलित उर्वरक उपयोग के बारे में बताया।
कृषि वैज्ञानिकों ने खेत बचाओ अभियान के तहत बताया कि धान की सीधी बुवाई करने से पानी की बचत होती है। खेती करने पर लागत कम आती है। डाॅ. कपिला शेखावत ने किसानों से उर्वरकों का संतुलित एवं वैज्ञानिक तरीके से उपयोग करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि आवश्यकता के अनुसार खाद का प्रयोग करने से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है। डाॅ. मधुबाला ठाकरे ने डीएसआर तकनीक, खरपतवार प्रबंधन और फसल देखभाल की जानकारी दी। डाॅ. निरंजना ने वैज्ञानिक सलाह के अनुसार खेती करने पर जोर दिया। इस दौरान राजसिंह नंबरदार, को ऑपरेटिव चेयरमैन मामन सिंह, राकेश, विक्की लाकड़ा मौजूद रहे।
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गन्नौर। गांव सांदल कलां के किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई), पूसा, नई दिल्ली से पहुंचे कृषि वैज्ञानिकों ने धान की सीधी बिजाई और संतुलित उर्वरक उपयोग के बारे में बताया।
कृषि वैज्ञानिकों ने खेत बचाओ अभियान के तहत बताया कि धान की सीधी बुवाई करने से पानी की बचत होती है। खेती करने पर लागत कम आती है। डाॅ. कपिला शेखावत ने किसानों से उर्वरकों का संतुलित एवं वैज्ञानिक तरीके से उपयोग करने का आह्वान किया।
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उन्होंने कहा कि आवश्यकता के अनुसार खाद का प्रयोग करने से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है। डाॅ. मधुबाला ठाकरे ने डीएसआर तकनीक, खरपतवार प्रबंधन और फसल देखभाल की जानकारी दी। डाॅ. निरंजना ने वैज्ञानिक सलाह के अनुसार खेती करने पर जोर दिया। इस दौरान राजसिंह नंबरदार, को ऑपरेटिव चेयरमैन मामन सिंह, राकेश, विक्की लाकड़ा मौजूद रहे।
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