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Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   Sarvartha Siddhi Yoga being formed on Mauni Amavasya, worship and donations will yield full results.

Sonipat News: मौनी अमावस्या पर बन रहा सर्वार्थ सिद्धि योग, पूजा पाठ व दान का मिलेगा पूर्ण फल

Wed, 07 Feb 2024 11:14 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Wed, 07 Feb 2024 11:14 PM IST
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Sarvartha Siddhi Yoga being formed on Mauni Amavasya, worship and donations will yield full results.
फोटो 17- ज्योतिषाचार्य मनमोहन मिश्रा। संवाद
सोनीपत। माघ माह में आने वाली मौनी अमावस्या इस बार 9 फरवरी को मनाई जाएगी। विशेष बात यह है कि इस बार मौनी अमावस्या पर सर्वार्थ सिद्धि योग और व्यातिपात योग बन रहे हैं। सर्वार्थ सिद्धि योग में किए गए दान व पूजा पाठ का पूर्ण फल प्राप्त होता है। मान्यता है कि मौनी अमावस्या पर देवता अदृश्य रूप में ही प्रयागराज आकर संगम में स्नान करते हैं। वहीं पितृलोक से पितर भी आकर संगम स्नान करते हैं। इस तरह देवता व पितरों का इस दिन संगम होता है। यही कारण है कि इस दिन प्रयागराज में लगने वाले माघ मेले में मौनी अमावस्या का स्नान बहुत शुभ माना जाता है।
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राजेंद्र नगर शिव मंदिर समिति से ज्योतिषाचार्य मनमोहन मिश्रा ने बताया कि मौनी अमावस्या को मौन व्रत धारण करने से मन को शांति मिलती है और क्रोध, लोभ, मोह से छुटकारा भी मिलता है। उन्होंने बताया कि माघ माह में माघ अमावस्या के दिन ही मनु ऋषि का जन्म हुआ था। मनु ऋषि के नाम पर इस अमावस्या को मौनी अमावस्या कहा जाता है। मौनी अमावस्या के दिन, कल्पवासियों के साथ हिंदू भक्त प्रयाग संगम में पवित्र डुबकी लगाते हैं और शेष दिन ध्यान में व्यतीत करते हैं।
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मौनी अमावस्या के दिन तिल का विशेष महत्व

मनमोहन मिश्रा ने बताया है मौनी अमावस्या के दिन तिल की चीजों के दान का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन तिल, तिल का तेल, तिल के लड्डू व आंवले का दान करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन सूर्य देव को दूध और तिल मिलाकर अर्घ्य देने से जीवन में आने वाली परेशानियां दूर होती हैं।
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यह है पूजन विधि

ज्योतिषाचार्य ने बताया कि मौनी अमावस्या के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान-ध्यान करें। उसके बाद तुलसी पूजन सामग्री एकत्रित करें। इसके पश्चात माता तुलसी को लाल चुनरी चढ़ाएं। इसे शुभ माना जाता है। इससे व्यक्ति के जीवन में चल रही सभी परेशानियां दूर होती हैं और शुभ फल की प्राप्ति भी होती है। इस दिन तुलसी में कच्चा दूध चढ़ाएं, दीपक जलाएं। ऐसा करने से जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी और सौभाग्य की प्राप्ति होगी। अमावस्या के दिन पीले रंग का धागा लें और उसमें 108 गांठ लगाएं। धागे को तुलसी के पौधे में बांधकर तुलसी जी की परिक्रमा करें और विधिवत पूजा करें।



यह रहेगा शुभ मुहूर्त

मौनी अमावस्या तिथि प्रारंभ : 9 फरवरी सुबह 8:01 बजे से
मौनी अमावस्या तिथि समाप्त : 10 फरवरी सुबह 4:29 बजे
सर्वार्थ सिद्धि योग : सुबह 7:05 बजे से रात 11:29 बजे तक
व्यातिपात योग : सुबह से शाम 7:07 बजे तक
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