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Sonipat News: पंचायती जमीन पर अवैध निर्माण करने के आरोप में सरपंच निलंबित
Thu, 15 Jan 2026 01:40 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 15 Jan 2026 01:40 AM IST
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सोनीपत। उपायुक्त सुशील सारवान ने सफियाबाद गांव के सरपंच सुखबीर दत्त को निलंबित कर दिया है। उपायुक्त ने राई खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी को आदेश दिया है कि निलंबित सरपंच से पंचायत का समस्त रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिया जाए। साथ ही ग्राम पंचायत के बहुमत वाले पंच को कार्यवाहक सरपंच नियुक्त किया जाए।
उपायुक्त ने जारी आदेशों में लिखा है कि सरपंच सुखबीर दत्त पर पंचायती जमीन पर मकान व कार्यालय बनाने का आरोप जांच में सही पाया गया है। उनके खिलाफ शिकायत प्राप्त हुई थी जिसकी जांच राई के बीडीपीओ ने की। बीडीपीओ ने 5 दिसंबर 2025 को अपनी जांच रिपोर्ट में आरोपों सही बताया था।
जांच रिपोर्ट के आधार पर उपायुक्त ने 12 दिसंबर 2025 को सरपंच सुखबीर दत्त को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिन के भीतर जवाब मांगा था। सरपंच की तरफ से दिया गया जवाब संतोषजनक नहीं मिला। इस पर उपायुक्त ने निलंबन की कार्रवाई के आदेश जारी किए।
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आदेशों में यह उल्लेख किया गया है कि सुखबीर दत्त ने पंचायत चुनाव से पहले ही ग्राम पंचायत एवं सार्वजनिक रास्ते की भूमि पर कब्जा कर मकान बना रखा था। इस आधार पर उन्हें हरियाणा पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 175 (एन) के तहत सरपंच पद पर बने रहने के लिए अयोग्य ठहराया गया है। संवाद
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उपायुक्त ने जारी आदेशों में लिखा है कि सरपंच सुखबीर दत्त पर पंचायती जमीन पर मकान व कार्यालय बनाने का आरोप जांच में सही पाया गया है। उनके खिलाफ शिकायत प्राप्त हुई थी जिसकी जांच राई के बीडीपीओ ने की। बीडीपीओ ने 5 दिसंबर 2025 को अपनी जांच रिपोर्ट में आरोपों सही बताया था।
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जांच रिपोर्ट के आधार पर उपायुक्त ने 12 दिसंबर 2025 को सरपंच सुखबीर दत्त को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिन के भीतर जवाब मांगा था। सरपंच की तरफ से दिया गया जवाब संतोषजनक नहीं मिला। इस पर उपायुक्त ने निलंबन की कार्रवाई के आदेश जारी किए।
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आदेशों में यह उल्लेख किया गया है कि सुखबीर दत्त ने पंचायत चुनाव से पहले ही ग्राम पंचायत एवं सार्वजनिक रास्ते की भूमि पर कब्जा कर मकान बना रखा था। इस आधार पर उन्हें हरियाणा पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 175 (एन) के तहत सरपंच पद पर बने रहने के लिए अयोग्य ठहराया गया है। संवाद