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134 A : अभिभावकों ने किया दावा, स्कूल संचालक दाखिला देने को तैयार

Thu, 14 Jul 2016 12:09 AM IST
Sonipat
Sonipat Updated Thu, 14 Jul 2016 12:09 AM IST
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134 A, PROTEST - फोटो : amar ujala
नियम 134-ए के तहत निजी स्कूलों में दाखिलों को लेकर एक बार फिर अभिभावकों और स्कूल संचालकों के बीच तलवारें खिंच गई हैं। बुधवार सुबह छात्र-अभिभावक संघ और हरियाणा अभिभावक मंच के सदस्य आठ स्कूलों में पहुंचे और जमकर नारेबाजी की। अभिभावकों का दावा है कि सात स्कूलों ने दाखिले देने के लिए सहमति दे दी। जबकि आनाकानी करने पर देवड्ू रोड स्थित ऋषिकुल स्कूल पर ताला जड़ दिया। नायब तहसीलदार छोटूराम द्वारा छात्रों के दाखिले कराने के आश्वासन के बाद ही अभिभावकों ने चार घंटे बाद ताला खोला।
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सुबह छात्र-अभिभावक संघ के सदस्य डीईओ आफिस पहुंचे और नियम 134-ए के तहत छात्रों को दाखिला न देने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द करने की मांग की। डिप्टी डीईओ राजेंद्र दहिया ने कहा कि निजी स्कूलों ने एक दिन का और समय मांगा है। कल से सभी के दाखिले हो जाएंगे। इस पर अभिभावक भड़क गए और कहने लगे एक-एक दिन कर एक सौ चार दिन गुजार दिए। अब बर्दाश्त नहीं करेंगे और आज से ही स्कूलों में जाकर हल्ला बोलेंगे।
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जब नायब तहसीलदार ने प्रवेश का आश्वासन दिया तब जाकर खुला ताला
अभिभावक सीधे देवडू़ रोड स्थित ऋषिकुल स्कूल के बाहर पहुंचे, जहां सुरक्षाकर्मियों ने अंदर नहीं जाने दिया। अभिभावकों ने स्कूल के गेट पर ताला जड़ दिया। साथ ही स्कूल के सामने बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी। थोड़ी देर बाद हरियाणा अभिभावक मंच और एआईएसएफ के सदस्य भी आ गए। तीनों संगठनों ने मिलकर जमकर नारेबाजी की। मामले की सूचना मिलने पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर तैनात नायब तहसीलदार छोटूराम व सदर थाना प्रभारी अजय मलिक मौके पर पहुंचे।
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ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने अभिभावकों को समझाया कि कई घंटे से स्कूल के अंदर छात्र और शिक्षक बंद हैं। ताला खोल दें। उनकी स्कूल संचालकों व प्रशासन के अधिकारियों से बात हो गई है। वे खुद छात्रों के दाखिले कराएंगे। अभिभावकों ने नायब तहसीलदार को ऋषिकुल स्कूल में दाखिले के लिए 57 छात्रों की सूची सौंपी। साथ ही दाखिले के लिए अनिवार्य कागजात भी जमा कराए। इसके बाद स्कूल के गेट से ताला खोला गया।

यहां-यहां भी गए अभिभावक, 31 छात्रों के दाखिले के लिए जमा कराए कागजात
इससे पहले सुबह नौ बजे हरियाणा अभिभावक मंच और एआईएसई के सदस्य शिवा शिक्षा सदन में पहुंचे। अभिभावकों का दावा है कि वहां पर प्राचार्य ने दाखिला देने पर सहमति दे दी। मंच ने मौजूद 12 छात्रों को तत्काल दाखिले के लिए अनिवार्य जन्म प्रमाण पत्र, रिहायश प्रमाण पत्र, बीपीएल कार्ड या आय प्रमाण पत्र व दूसरे कागजात जमा करवाए।

हिंदू विद्यापीठ : इसके बाद मंच के सदस्य हिंदू विद्यापीठ में गए, जहां दाखिले के लिए प्राचार्य से बात करके 6 छात्रों के कागजात जमा करवाए।

लिटिल एंजल : अभिभावकों की टीम लिटिल एंजल स्कूल पहुंची, जहां कागजात की वैद्यता को लेकर काफी देर तक स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों के बीच कहासुनी होती रही। आखिर में स्कूल प्रबंधन ने 10 छात्रों के कागजात ले लिए, लेकिन उनकी वैद्यता की जांच की बात कही।

जानकीदास स्कूल: अभिभावक मंच के सदस्य जानकीदास स्कूल में पहुंचे। वहां शिक्षकों और गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने कहा कि प्राचार्य बाहर हैं। वे ही दाखिले के बारे में फैसला लेंगे। काफी देर तक दोनों पक्षों में बहस होती रही। मंच का दावा है कि स्कूल आखिर में छात्रों का दाखिला करने के लिए तैयार हो गया। तीन छात्रों ने साथ-साथ कागजात भी जमा करवा दिए।

हिंदू विद्यापीठ व शिवा स्कूल दाखिला देने को तैयार, दस स्कूलों को सोमवार तक का समय, नहीं तो एफआईआर
एसडीएम से मिले नोटिस का जवाब देने के लिए हिंदू विद्यापीठ के बाद बुधवार को ऋषिकुल विद्यापीठ, लिटिल एंजल, ज्ञान गंगा ग्लोबल, श्रीजी इंटरनेशनल, शिवा शिक्षा सदन, जानकीदास स्कूल, डीएवीएम और सत्यम मार्डन स्कूल सहित दो दर्जन स्कूलों के संचालक ओर प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारी कोर्ट पहुंचे। अपना जवाब दाखिल किया। एसडीएम निशांत यादव ने बताया कि हिंदू विद्यापीठ और शिवा शिक्षा सदन पात्र छात्रों को दाखिला देने के लिए तैयार हो गए हैं। वे खुद उनके जवाब से संतुष्ट हैं, लेकिन अन्य छह स्कूलों का जवाब संतोषजनक नहीं है। ऐसे स्कूलों को सोमवार तक का समय दिया गया है।

निजी स्कूल संचालकों ने ये दिए तर्क  
-ईडब्ल्यूएस के आधार पर दाखिला देने का कोई नियम नहीं।
-बीपीएल कार्डों की वैद्यता की पहले जांच करे प्रशासन, फिर कराए जाएं दाखिले।
-9वीं से 12वीं कक्षा तक फ्री में नहीं पढ़ाएंगे निजी स्कूल, अप्रैल 2012 में हाईकोर्ट के फैसले का दिया हवाला।

निजी स्कूल संचालकों ने मांगी सुरक्षा, आपात मीटिंग आज
उधर, बुधवार को हुए घटनाक्रम से निजी स्कूल संचालकों में डर का माहौल है। सुरक्षा के लिए एसडीएम से मिले और हालात से अवगत कराया। कहा कि इस तरह के माहौल में स्कूलों को चालू रखना मुश्किल हो गया है। यहीं हालात रहे तो वे खुद ही स्कूलों को ताला लगाने पर मजबूर हो जाएंगे। इसके बाद ऋषिकुल स्कूल की सिटी विंग में 24 स्कूल संचालकों की मीटिंग हुई, जिसमें फैसला हुआ कि गुरुवार को सुबह 10 बजे जिले के निजी स्कूल संचालक मीटिंग करके आगे की रणनीति तय करेंगे।

निजी स्कूल संचालकों को दाखिले देने होंगे। छात्र-अभिभावक संघ कल से हल्ला बोल अभियान चलाएगा। इसके लिए टीमें गठित कर दी गई हैं।
-विमल किशोर, संयोजक छात्र-अभिभावक संघ

निजी स्कूलों ने दाखिले नहीं दिए तो संघर्ष रहेगा जारी
बुधवार को वे आधा दर्जन स्कूलों में गए और प्राचार्यों और संचालकों से बातचीत की। ज्यादातर स्कूल दाखिला देने के लिए तैयार हैं। अगर दाखिले नहीं दिए तो उनका संघर्ष जारी रहेगा।

-राजीव वर्मा, राज्य सचिव हरियाणा अभिभावक मंच

बुधवार को हुए घटनाक्रम से स्कूलों में अराजकता का माहौल बन गया है। 20 से 25 स्कूल संचालकों ने मीटिंग करके गुरुवार को पूरे जिले के स्कूल संचालकों की सुबह 10 बजे देवड्ृ रोड स्थित ऋषिकुल स्कूल में मीटिंग बुलाई है। आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
-अजमेर सिंह, जिला अध्यक्ष हरियाणा संयुक्त विद्यालय संघ

दाखिले नहीं दिए तो एफआईआर, सोमवार तक का समय
हिंदू विद्यापीठ के बाद शिवा शिक्षा सदन भी पात्र छात्रों को दाखिला देने को तैयार हो गया है। छह स्कूलों के जवाब संतोषजनक नहीं हैं। स्कूलों को सोमवार तक का समय दिया गया है। अगर दाखिले नहीं दिए तो नियमों के तहत एफआईआर दर्ज कर स्कूल बिल्डिंग सील की जा सकती है।
-निशांत यादव, एसडीएम
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