{"_id":"6898e8c37a0652bf6d0548c4","slug":"rte-4210-students-in-the-state-195-students-in-sonipat-denied-admission-action-being-prepared-sonipat-news-c-197-1-snp1008-140588-2025-08-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"आरटीई : प्रदेश में 4210, सोनीपत में 195 विद्यार्थी दाखिले से वंचित, कार्रवाई की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आरटीई : प्रदेश में 4210, सोनीपत में 195 विद्यार्थी दाखिले से वंचित, कार्रवाई की तैयारी
Mon, 11 Aug 2025 12:15 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 11 Aug 2025 12:15 AM IST
विज्ञापन
फोटो 29- सोनीपत के सेक्टर-14 स्थित शिक्षा विभाग का कार्यालय। संवाद
- फोटो : स्वास्थ्य विभाग
सोनीपत। निशुल्क व अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत विद्यार्थियों की दाखिला प्रक्रिया संपन्न होने के बाद प्रदेश में 4210 तो सोनीपत में 195 विद्यार्थी स्कूलों में प्रवेश पाने से वंचित रह गए हैं। ऐसे में विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने दाखिला न देने वाले निजी स्कूलों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
विद्यालय शिक्षा निदेशालय की ओर से नए शैक्षणिक सत्र के तहत जून में पुन: आरटीई के तहत अभिभावकों से सीधे पोर्टल पर आवेदन मांगे गए थे। आवेदन प्रक्रिया में प्रदेश में 14,127 विद्यार्थियों व जिलाभर के 577 निजी स्कूलों में कुल 742 विद्यार्थियों के आवेदन किए गए थे। इसके बाद प्रदेश में जहां 61,040 सीटों पर 11,803 विद्यार्थियों, सोनीपत में 3638 सीटों पर 742 को स्कूल अलॉट किए गए।
चयनित विद्यार्थियों को 1 से 13 जुलाई तक अलॉट किए गए निजी स्कूलों में दस्तावेज जमा करवाकर दाखिला लेने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही शेष बची सीटों पर प्रदेश में 49,237 तो सोनीपत में 2896 सीटों पर मेरिट के आधार पर विद्यार्थियों को दाखिला दिया जाना था, लेकिन दाखिला प्रक्रिया संपन्न होने के बाद भी प्रदेश में 4210, सोनीपत में 195 चयनित विद्यार्थी दाखिले से वंचित रह गए हैं।
विज्ञापन
निजी स्कूल संचालकों ने विद्यार्थियों के आवेदनों में खामियां निकालते हुए उन्हें दाखिला नहीं दिया है। ऐसे में निदेशालय ने ऐसे स्कूलों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
दाखिला न देने में फरीदाबाद अव्वल
आरटीई के तहत जरूरतमंद बच्चों को दाखिले से वंचित रखने में प्रदेश में फरीदाबाद सबसे अव्वल है। इसके बाद पूर्व सीएम सिटी करनाल दूसरे तो विधानसभा के डिप्टी स्पीकर का जींद जिला तीसरे स्थान पर है। इसके अलावा शिक्षा मंत्री के पानीपत जिले में भी 178 बच्चों को दाखिला नहीं मिल पाया है। विद्यार्थी दाखिला पाने के लिए निजी विद्यालयों के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन उन्हें दाखिला नहीं मिल पाया है।
प्रदेश में आरटीई के तहत दाखिला स्थिति
जिला कुल चयनित बच्चे दाखिला मिला आवेदन रद्द दाखिले से वंचित
अंबाला 596 275 292 29
भिवानी 678 217 162 299
चरखी दादरी 165 86 49 30
फरीदाबाद 887 271 166 450
फतेहाबाद 324 175 69 80
गुरुग्राम 470 97 190 183
हिसार 879 483 136 260
झज्जर 447 133 178 136
जींद 570 187 13 370
कैथल 608 317 140 151
करनाल 1097 366 298 433
कुरुक्षेत्र 550 311 193 46
महेंद्रगढ़ 213 53 57 103
नूंह मेवात 259 35 05 219
पलवल 502 142 196 164
पंचकूला 131 31 23 77
पानीपत 386 133 75 178
रेवाड़ी 450 64 49 337
रोहतक 368 91 154 123
सिरसा 443 172 163 108
सोनीपत 743 333 215 195
यमुनानगर 1037 479 319 239
कुल 11803 4451 3142 4210
शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत जरूरतमंद बच्चों का निजी स्कूलों में आवेदन से लेकर दाखिला प्रक्रिया तक सब कार्य विद्यालय शिक्षा निदेशालय के अंतर्गत किए गए हैं। निदेशालय के निर्देशानुसार जिन स्कूलों ने चयनित विद्यार्थियों को दाखिला नहीं दिया है, जल्द निदेशालय की ओर से उन पर कार्रवाई की जाएगी।
- सूरजभान, खंड शिक्षा अधिकारी, सोनीपत
विज्ञापन
विद्यालय शिक्षा निदेशालय की ओर से नए शैक्षणिक सत्र के तहत जून में पुन: आरटीई के तहत अभिभावकों से सीधे पोर्टल पर आवेदन मांगे गए थे। आवेदन प्रक्रिया में प्रदेश में 14,127 विद्यार्थियों व जिलाभर के 577 निजी स्कूलों में कुल 742 विद्यार्थियों के आवेदन किए गए थे। इसके बाद प्रदेश में जहां 61,040 सीटों पर 11,803 विद्यार्थियों, सोनीपत में 3638 सीटों पर 742 को स्कूल अलॉट किए गए।
विज्ञापन
चयनित विद्यार्थियों को 1 से 13 जुलाई तक अलॉट किए गए निजी स्कूलों में दस्तावेज जमा करवाकर दाखिला लेने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही शेष बची सीटों पर प्रदेश में 49,237 तो सोनीपत में 2896 सीटों पर मेरिट के आधार पर विद्यार्थियों को दाखिला दिया जाना था, लेकिन दाखिला प्रक्रिया संपन्न होने के बाद भी प्रदेश में 4210, सोनीपत में 195 चयनित विद्यार्थी दाखिले से वंचित रह गए हैं।
विज्ञापन
निजी स्कूल संचालकों ने विद्यार्थियों के आवेदनों में खामियां निकालते हुए उन्हें दाखिला नहीं दिया है। ऐसे में निदेशालय ने ऐसे स्कूलों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
दाखिला न देने में फरीदाबाद अव्वल
आरटीई के तहत जरूरतमंद बच्चों को दाखिले से वंचित रखने में प्रदेश में फरीदाबाद सबसे अव्वल है। इसके बाद पूर्व सीएम सिटी करनाल दूसरे तो विधानसभा के डिप्टी स्पीकर का जींद जिला तीसरे स्थान पर है। इसके अलावा शिक्षा मंत्री के पानीपत जिले में भी 178 बच्चों को दाखिला नहीं मिल पाया है। विद्यार्थी दाखिला पाने के लिए निजी विद्यालयों के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन उन्हें दाखिला नहीं मिल पाया है।
प्रदेश में आरटीई के तहत दाखिला स्थिति
जिला कुल चयनित बच्चे दाखिला मिला आवेदन रद्द दाखिले से वंचित
अंबाला 596 275 292 29
भिवानी 678 217 162 299
चरखी दादरी 165 86 49 30
फरीदाबाद 887 271 166 450
फतेहाबाद 324 175 69 80
गुरुग्राम 470 97 190 183
हिसार 879 483 136 260
झज्जर 447 133 178 136
जींद 570 187 13 370
कैथल 608 317 140 151
करनाल 1097 366 298 433
कुरुक्षेत्र 550 311 193 46
महेंद्रगढ़ 213 53 57 103
नूंह मेवात 259 35 05 219
पलवल 502 142 196 164
पंचकूला 131 31 23 77
पानीपत 386 133 75 178
रेवाड़ी 450 64 49 337
रोहतक 368 91 154 123
सिरसा 443 172 163 108
सोनीपत 743 333 215 195
यमुनानगर 1037 479 319 239
कुल 11803 4451 3142 4210
शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत जरूरतमंद बच्चों का निजी स्कूलों में आवेदन से लेकर दाखिला प्रक्रिया तक सब कार्य विद्यालय शिक्षा निदेशालय के अंतर्गत किए गए हैं। निदेशालय के निर्देशानुसार जिन स्कूलों ने चयनित विद्यार्थियों को दाखिला नहीं दिया है, जल्द निदेशालय की ओर से उन पर कार्रवाई की जाएगी।
- सूरजभान, खंड शिक्षा अधिकारी, सोनीपत