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Sonipat News: नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करने के आरोपी दंपती से 1.10 लाख बरामद
Mon, 01 Apr 2024 07:21 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 01 Apr 2024 07:21 AM IST
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सोनीपत। जटवाड़ा के युवक को हरियाणा पुलिस और बाद में उत्तराखंड विधानसभा में नौकरी दिलवाने के नाम पर 24.25 लाख रुपये ऐंठने के मामले गिरफ्तार दंपती से पुलिस ने 1.10 लाख रुपये बरामद कर लिए है। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मामले में मुख्य आरोपी देहरादून के नवनीत की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
जटवाड़ा निवासी कुलदीप खत्री ने पुलिस आयुक्त कार्यालय में शिकायत दी थी कि उनकी मौसी रोहतक के गांव सांघी में है। वहीं रोहतक के गांव गिझी निवासी सुमन की बहन उनकी मौसी के पड़ोस में रहती हैं। उनके माध्यम से उनकी पहचान सुमन और उनके पति जितेंद्र से हुई थी। जितेंद्र व सुमन ने उनको मार्च, 2021 में सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा दिया था। उन्होंने उनके बेटे कुशल खत्री को हरियाणा पुलिस में नौकरी लगवाने की बात कही। उन्होंने सितंबर 2022 तक अलग-अलग समय में 11 लाख रुपये लिए थे। नौकरी नहीं मिलने पर उनको उत्तराखंड के रहने वाले नवनीत व विधानसभा की महिला अधिकारी से पहचान का हवाला दिया था। वहां उन्हें एक नियुक्ति पत्र सौंप दिया गया था। नवनीत के खाते में दो बार पांच-पांच लाख रुपये, फिर सवा लाख दिए गए थे। उनसे कुल 24.25 लाख रुपये ले लिए गए थे। बाद में पता लगा था कि नियुक्ति पत्र व पहचान पत्र फर्जी था। उसके बाद उन्होंने शिकायत देकर 9 अगस्त, 2023 को मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में पुलिस ने सुमन व उसके पति जितेंद्र को गिरफ्तार कर दो दिन के रिमांड पर लिया था। रिमांड के दौरान उनसे 1.10 लाख रुपये बरामद किए गए है। बताया गया कि उनके हिस्से आई अन्य राशि खर्च कर दी। मामले को लेकर ओल्ड चौकी प्रभारी रोहित ने बताया कि पुलिस आरोपी नवनीत की तलाश कर रही है। उसकी तलाश को दो टीम देहरादून में दबिश दे रही है।
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जटवाड़ा निवासी कुलदीप खत्री ने पुलिस आयुक्त कार्यालय में शिकायत दी थी कि उनकी मौसी रोहतक के गांव सांघी में है। वहीं रोहतक के गांव गिझी निवासी सुमन की बहन उनकी मौसी के पड़ोस में रहती हैं। उनके माध्यम से उनकी पहचान सुमन और उनके पति जितेंद्र से हुई थी। जितेंद्र व सुमन ने उनको मार्च, 2021 में सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा दिया था। उन्होंने उनके बेटे कुशल खत्री को हरियाणा पुलिस में नौकरी लगवाने की बात कही। उन्होंने सितंबर 2022 तक अलग-अलग समय में 11 लाख रुपये लिए थे। नौकरी नहीं मिलने पर उनको उत्तराखंड के रहने वाले नवनीत व विधानसभा की महिला अधिकारी से पहचान का हवाला दिया था। वहां उन्हें एक नियुक्ति पत्र सौंप दिया गया था। नवनीत के खाते में दो बार पांच-पांच लाख रुपये, फिर सवा लाख दिए गए थे। उनसे कुल 24.25 लाख रुपये ले लिए गए थे। बाद में पता लगा था कि नियुक्ति पत्र व पहचान पत्र फर्जी था। उसके बाद उन्होंने शिकायत देकर 9 अगस्त, 2023 को मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में पुलिस ने सुमन व उसके पति जितेंद्र को गिरफ्तार कर दो दिन के रिमांड पर लिया था। रिमांड के दौरान उनसे 1.10 लाख रुपये बरामद किए गए है। बताया गया कि उनके हिस्से आई अन्य राशि खर्च कर दी। मामले को लेकर ओल्ड चौकी प्रभारी रोहित ने बताया कि पुलिस आरोपी नवनीत की तलाश कर रही है। उसकी तलाश को दो टीम देहरादून में दबिश दे रही है।
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