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Sonipat News: 24.25 लाख की ठगी में रोहतक का दंपती गिरफ्तार
Sat, 30 Mar 2024 01:22 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 30 Mar 2024 01:22 AM IST
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सोनीपत। जटवाड़ा के युवक को पहले हरियाणा पुलिस और बाद में उत्तराखंड विधानसभा में नौकरी दिलवाने के नाम पर 24.25 लाख रुपये ऐंठने के मामले में पुलिस ने आरोपी दंपती को गिरफ्तार किया है। दंपती रोहतक के गिझी का रहने वाला है। पुलिस ने दोनों को रिमांड पर लिया है। मामले में छह आरोपियों पर मुकदमा दर्ज हुआ था।
जटवाड़ा निवासी कुलदीप खत्री ने पुलिस आयुक्त कार्यालय में शिकायत दी थी कि उनकी मौसी रोहतक के गांव सांघी में है। वहीं रोहतक के गांव गिझी निवासी सुमन की बहन उनकी मौसी के पड़ोस में रहती हैं। उनके माध्यम से उनकी पहचान सुमन और उनके पति जितेंद्र से हुई थी। जितेंद्र व सुमन ने उनको मार्च, 2021 में सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा दिया था। उन्होंने उनके बेटे कुशल खत्री को हरियाणा पुलिस में नौकरी लगवाने की बात कही। इस पर उन्होंने सितंबर, 2021 में दो लाख रुपये, नवंबर 2021 में एक लाख रुपये, मार्च 2022 में तीन लाख रुपये, जून 2022 में पांच लाख रुपये जितेंद्र के बेटे व बेटी को गांव सांघी में दिए थे। सितंबर 2022 तक वह कुल 11 लाख रुपये ले चुके थे।
नौकरी नहीं मिलने पर उनको कहा गया था कि वह उत्तराखंड के रहने वाले नवनीत व विधानसभा की महिला अधिकारी को जानते हैं। उन्होंने उनके बेटे को उत्तराखंड विधानसभा में नौकरी लगवाने का झांसा दिया था। उन्हें मेल भेजकर नियुक्ति के बारे में बताया था। कुशल खत्री को उत्तराखंड बुलाया गया था। वहां पर उसकी मुलाकात महिला से कराई थी। उन्हें एक नियुक्ति पत्र सौंप दिया गया था। नवनीत के खाते में दो बार पांच-पांच लाख रुपये, फिर सवा लाख दिए गए थे। उनसे कुल 24.25 लाख रुपये ले लिए गए थे। बाद में पता लगा था कि नियुक्ति पत्र व पहचान पत्र फर्जी था। उसके बाद उन्होंने शिकायत देकर 9 अगस्त, 2023 को मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में पुलिस ने सुमन व उसके पति जितेंद्र को गिरफ्तार कर दो दिन के रिमांड पर लिया है।
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जटवाड़ा निवासी कुलदीप खत्री ने पुलिस आयुक्त कार्यालय में शिकायत दी थी कि उनकी मौसी रोहतक के गांव सांघी में है। वहीं रोहतक के गांव गिझी निवासी सुमन की बहन उनकी मौसी के पड़ोस में रहती हैं। उनके माध्यम से उनकी पहचान सुमन और उनके पति जितेंद्र से हुई थी। जितेंद्र व सुमन ने उनको मार्च, 2021 में सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा दिया था। उन्होंने उनके बेटे कुशल खत्री को हरियाणा पुलिस में नौकरी लगवाने की बात कही। इस पर उन्होंने सितंबर, 2021 में दो लाख रुपये, नवंबर 2021 में एक लाख रुपये, मार्च 2022 में तीन लाख रुपये, जून 2022 में पांच लाख रुपये जितेंद्र के बेटे व बेटी को गांव सांघी में दिए थे। सितंबर 2022 तक वह कुल 11 लाख रुपये ले चुके थे।
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नौकरी नहीं मिलने पर उनको कहा गया था कि वह उत्तराखंड के रहने वाले नवनीत व विधानसभा की महिला अधिकारी को जानते हैं। उन्होंने उनके बेटे को उत्तराखंड विधानसभा में नौकरी लगवाने का झांसा दिया था। उन्हें मेल भेजकर नियुक्ति के बारे में बताया था। कुशल खत्री को उत्तराखंड बुलाया गया था। वहां पर उसकी मुलाकात महिला से कराई थी। उन्हें एक नियुक्ति पत्र सौंप दिया गया था। नवनीत के खाते में दो बार पांच-पांच लाख रुपये, फिर सवा लाख दिए गए थे। उनसे कुल 24.25 लाख रुपये ले लिए गए थे। बाद में पता लगा था कि नियुक्ति पत्र व पहचान पत्र फर्जी था। उसके बाद उन्होंने शिकायत देकर 9 अगस्त, 2023 को मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में पुलिस ने सुमन व उसके पति जितेंद्र को गिरफ्तार कर दो दिन के रिमांड पर लिया है।
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