ठेका समाप्त होने के बाद नौकरी से हटाए गए ठेका स्वास्थ्यकर्मियों ने बुधवार को सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। हटाए गए कर्मचारी भारतीय मजदूर संघ से संबंधित स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के बैनर तले एकत्रित हुए थे। इसके बाद उन्होंने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए उप सिविल सर्जन डॉ. सीताराम को स्वास्थ्य मंत्री के नाम मांगपत्र सौंपा। साथ ही उन्होंने सरकार से मांग की कि उन्हें नौकरी पर रखा जाए, ताकि उनका रोजगार बना रहे।
हटाए गए ठेका स्वास्थ्यकर्मियों के प्रदर्शन का नेतृत्व भारतीय मजदूर संघ के राज्य प्रधान कृष्ण छिक्कारा कर रहे थे। उनका कहना है कि 77 आउटसोर्स कर्मियों को कोरोना काल में 1 सितंबर 2020 को काम पर रखा गया था। उन्होंने कोरोना महामारी में लोगों की जान बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया। अब स्वास्थ्य विभाग की ओर से ठेका नहीं बढ़ाने के कारण उनका रोजगार छीन लिया है। हटाए गए कर्मियों का कहना है कि जब वह नौकरी कर रहे थे तो उन्हें कोरोना योद्धा कहा जाता था। एक तरफ कोरोना योद्धा का सम्मान मिलना चाहिए था, लेकिन सरकार ने उनका रोजगार ही छीन लिया। जिससे हटाए गए कर्मियों में रोष है। इस दौरान आशीष, रविन, संतोष, सरिता, मंजू, श्वेता, रश्मि, प्रगति, मोनू, शिवकुमार, साहिल, ज्योति, नीतू, एकता, सोनिया व रेणू मौजूद रहे।