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Sonipat News: राहत ... शुरुआत में कुंडली सहित तीन रूटों पर चलेंगी इलेक्ट्रिक बसें
Thu, 06 Jun 2024 11:14 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 06 Jun 2024 11:14 PM IST
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सोनीपत बस अड्डे पर खड़ी बसें। संवाद
सोनीपत। जिलावासियों को बेहतर परिवहन सुविधा देने लिए प्रयासरत विभाग जल्द ही इलेक्ट्रिक बसों को सड़कों पर उतारेगा। इसके लिए रोडवेज विभाग ने सोनीपत बस अड्डे से रूट तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए वीरवार को मुख्यालय से पहुंची टीम के साथ रोडवेज अधिकारियों ने इलेक्ट्रिक बसों के रूटों का सर्वे किया। टीम में दिल्ली से पहुंचे आरके जोहरी, करनाल से सुमित राणा व सोनीपत बस अड्डे से इंस्पेक्टर कर्मबीर शामिल रहे। शुरुआती चरण में इलेक्ट्रिक बसों को सोनीपत बस अड्डे से कुंडली, फरमाणा व गन्नौर रूट पर चलाया जाएगा।
दिल्ली-एनसीआर में साल दर साल बढ़ते प्रदूषण के स्तर को देखते हुए पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया जाने लगा है। क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर बढ़ते ही राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) की तरफ से बसों के परिचालन पर भी पाबंदी लगा दी जाती है। यही कारण है कि सोनीपत से दिल्ली रूट पर चलने वाली बीएस-4 मानक की सभी बसों का परिचालन बंद किया हुआ है। जिससे रोडवेज विभाग को बसों के संचालन में परेशानी झेलनी पड़ रही है। जिसे देखते हुए रोडवेज विभाग ने सोनीपत डिपो में पर्यावरण फ्रेंडली ई-बसों को शामिल करने का निर्णय लिया है। इसके तहत सोनीपत रोडवेज डिपो में 50 इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जाएंगी।
बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया तेज
डिपो में शामिल होने वाली इलेक्ट्रिक बसों के लिए मुरथल स्थित रोडवेज चालक प्रशिक्षण संस्थान में 10 चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। इसके लिए 11केवी क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाने के लिए मुख्यालय की तरफ से बजट भी जारी किया जा चुका है। इलेक्ट्रिक बसों को जून माह के अंत तक सड़कों पर उतारने की तैयारी है, जिसके लिए बिजली कनेक्शन सहित अन्य कार्य तेजी से पूरे करवाए जा रहे हैं। इलेक्ट्रिक बसें एक बार चार्ज होने के बाद करीब 200 किलोमीटर तक फर्राटा भर सकेंगी। विभाग ने इन बसों का परिचालन शहर के अंदर सिटी बस सेवा के रूप में और साथ लगते जिलों तक चलाने की योजना तैयार की है।
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वर्जन
रोडवेज डिपो में जल्द ही 50 नई इलेक्ट्रिक बसाें को शामिल किया जाएगा। इन बसों के लिए रूट तय करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। जिसके तहत वीरवार को सोनीपत से कुंडली, फरमाणा व गन्नौर रूट पर का सर्वे पूरा किया गया है। शुरुआती चरण में इन्हीं रूटों पर बसें चलाई जाएंगी। ई-बस चलने से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्राप्त होगी।
सुरेंद्र दुग्गल, एसएस, रोडवेज डिपो, सोनीपत
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दिल्ली-एनसीआर में साल दर साल बढ़ते प्रदूषण के स्तर को देखते हुए पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया जाने लगा है। क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर बढ़ते ही राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) की तरफ से बसों के परिचालन पर भी पाबंदी लगा दी जाती है। यही कारण है कि सोनीपत से दिल्ली रूट पर चलने वाली बीएस-4 मानक की सभी बसों का परिचालन बंद किया हुआ है। जिससे रोडवेज विभाग को बसों के संचालन में परेशानी झेलनी पड़ रही है। जिसे देखते हुए रोडवेज विभाग ने सोनीपत डिपो में पर्यावरण फ्रेंडली ई-बसों को शामिल करने का निर्णय लिया है। इसके तहत सोनीपत रोडवेज डिपो में 50 इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जाएंगी।
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बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया तेज
डिपो में शामिल होने वाली इलेक्ट्रिक बसों के लिए मुरथल स्थित रोडवेज चालक प्रशिक्षण संस्थान में 10 चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। इसके लिए 11केवी क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाने के लिए मुख्यालय की तरफ से बजट भी जारी किया जा चुका है। इलेक्ट्रिक बसों को जून माह के अंत तक सड़कों पर उतारने की तैयारी है, जिसके लिए बिजली कनेक्शन सहित अन्य कार्य तेजी से पूरे करवाए जा रहे हैं। इलेक्ट्रिक बसें एक बार चार्ज होने के बाद करीब 200 किलोमीटर तक फर्राटा भर सकेंगी। विभाग ने इन बसों का परिचालन शहर के अंदर सिटी बस सेवा के रूप में और साथ लगते जिलों तक चलाने की योजना तैयार की है।
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रोडवेज डिपो में जल्द ही 50 नई इलेक्ट्रिक बसाें को शामिल किया जाएगा। इन बसों के लिए रूट तय करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। जिसके तहत वीरवार को सोनीपत से कुंडली, फरमाणा व गन्नौर रूट पर का सर्वे पूरा किया गया है। शुरुआती चरण में इन्हीं रूटों पर बसें चलाई जाएंगी। ई-बस चलने से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्राप्त होगी।
सुरेंद्र दुग्गल, एसएस, रोडवेज डिपो, सोनीपत