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रेलवे को 250 एकड़ जमीन देने से इनकार, कोच फैक्टरी पर संकट के बादल छाए
ब्यूरो/ अमर उजाला, सोनीपत
Updated Mon, 03 Apr 2017 12:44 AM IST
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एचएसआईआईडीसी बड़ी
- फोटो : sonipat
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बड़ी औद्योगिक क्षेत्र में रेल कोच फैक्टरी बनाए जाने पर संकट के बादल छा गए हैं। रेलवे जहां रेल कोच फैक्टरी के निर्माण के लिए 250 एकड़ जमीन की मांग कर रहा है, वहीं एचएसआईआईडीसी इतनी जमीन उपलब्ध कराने से पीछे हट गया है। एचआईआईडीसी महज 165 एकड़ जमीन देने को तैयार है। रेलवे की ओर से गांव बड़ी के पास जमीन चिह्नित कर भले ही उसे फाइनल कर दिया गया हो, लेकिन अब जमीन को लेकर इसमें फिर से पेंच फंस गया है।
कांग्रेस सरकार में सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने लाठ, जौली, कटवाल, बीधल और भैंसवाल में करीब 6600 एकड़ भूमि अधिग्रहीत की गई थी। यहां आईएमटी के साथ-साथ रेल कोच फैक्टरी भी लगाने की योजना थी। केंद्र की यूपीए सरकार में रेल बजट के दौरान तत्कालीन रेल मंत्री पवन बंसल ने रेल कोच फैक्टरी लगाने की घोषणा भी कर दी थी। पूर्व कांग्रेस सरकार सोनीपत-गोहाना-रेलवे लाइन के साथ अधिग्रहीत जमीन पर रेल कोच फैक्टरी बनाना चाहती थी, लेकिन बाद में सत्ता परिवर्तन के बाद केंद्र में आई भाजपा सरकार ने अपने रेल बजट के दौरान सोनीपत में रेल कोच अधिग्रहीत लगाने की बात रिकॉर्ड में ही नहीं होने की बात कही थी। हालांकि करीब एक साल पहले मार्च 2016 में गुरुग्राम में हुए ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट में पहुंचे केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु की ओर से रेल कोच फैक्टरी को हरियाणा में ही लगाने का आश्वासन दिया गया था। इसके बाद इस पर काम शुरू हुआ था।
250 एकड़ का प्रस्ताव देकर हटे पीछे
बड़ी एचएसआईआईडीसी में तीन हजार एकड़ जमीन खाली पड़ी है। साथ ही निजी कंपनी की ओर से राजलूगढ़ी रेलवे स्टेशन से एचएसआईआईडीसी बड़ी तक दो किलोमीटर लंबी रेल लाइन बिछाई जा रही है। ऐसे में सरकार ने सबसे पहले रेल कोच फैक्टरी के लिए 92 एकड़ जमीन रेलवे को देने का प्रस्ताव दिया था। इस पर रेल कोच फैक्टरी का बनना नामुमकिन ही था। बाद में सरकार ने प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने की पहल की और 140 एकड़ जमीन देने का प्रस्ताव दिया। इस पर दिसंबर 2016 में रेलवे बोर्ड से आए मेकेनिकल शाखा अधिकारियों ने बड़ी की जमीन का निरीक्षण कर इसे फाइनल कर दिया था।
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हालांकि, उन्होंने जमीन को अपर्याप्त बताया था। तीसरी बार एचएसआईआईडीसी ने 250 एकड़ जमीन देने का प्रस्ताव रेलवे को दिया था। इस पर जब रेलवे की टीम ने निरीक्षण का कार्यक्रम तय किया तो एचएसआईआईडीसी की तरफ से फिर अड़ंगा डाल दिया गया। एचएसआईआईडीसी अब महज 165 एकड़ जमीन देने को तैयार है। इससे यह प्रोजेक्ट फिर से बंद डब्बे में जा सकता है।
बड़ी में निरीक्षण के दौरान रेलवे को एचएसआईआईडीसी अधिकारियों ने 250 एकड़ जमीन देने का प्रस्ताव दिया था। अब एचएसआईआईडीसी 165 एकड़ जमीन देने की बात कर रहा है। इसे लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। इसके बाद आगे का फैसला किया जाएगा।
ओपी नागपाल, एसएसई, उत्तर रेलवे
रेलवे ने कोच फैक्ट्री के लिए 250 एकड़ जमीन की मांग की थी। यहां रेलवे को इतनी जमीन मुहैया नहीं करवाई जा सकती। रेलवे को 165 एकड़ जमीन दी जा सकती है। बड़ी औद्योगिक क्षेत्र के लिए जिन किसानों की जमीन का अधिग्रहण हुआ था, उन्हें प्लाट भी दिए जाने हैं। इस कारण वे रेलवे को अधिक जमीन उपलब्ध नहीं करवा पा रहे हैं।
आलोक सिंह, प्रबंधक, एचएसआईआईडीसी बड़ी
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कांग्रेस सरकार में सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने लाठ, जौली, कटवाल, बीधल और भैंसवाल में करीब 6600 एकड़ भूमि अधिग्रहीत की गई थी। यहां आईएमटी के साथ-साथ रेल कोच फैक्टरी भी लगाने की योजना थी। केंद्र की यूपीए सरकार में रेल बजट के दौरान तत्कालीन रेल मंत्री पवन बंसल ने रेल कोच फैक्टरी लगाने की घोषणा भी कर दी थी। पूर्व कांग्रेस सरकार सोनीपत-गोहाना-रेलवे लाइन के साथ अधिग्रहीत जमीन पर रेल कोच फैक्टरी बनाना चाहती थी, लेकिन बाद में सत्ता परिवर्तन के बाद केंद्र में आई भाजपा सरकार ने अपने रेल बजट के दौरान सोनीपत में रेल कोच अधिग्रहीत लगाने की बात रिकॉर्ड में ही नहीं होने की बात कही थी। हालांकि करीब एक साल पहले मार्च 2016 में गुरुग्राम में हुए ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट में पहुंचे केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु की ओर से रेल कोच फैक्टरी को हरियाणा में ही लगाने का आश्वासन दिया गया था। इसके बाद इस पर काम शुरू हुआ था।
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250 एकड़ का प्रस्ताव देकर हटे पीछे
बड़ी एचएसआईआईडीसी में तीन हजार एकड़ जमीन खाली पड़ी है। साथ ही निजी कंपनी की ओर से राजलूगढ़ी रेलवे स्टेशन से एचएसआईआईडीसी बड़ी तक दो किलोमीटर लंबी रेल लाइन बिछाई जा रही है। ऐसे में सरकार ने सबसे पहले रेल कोच फैक्टरी के लिए 92 एकड़ जमीन रेलवे को देने का प्रस्ताव दिया था। इस पर रेल कोच फैक्टरी का बनना नामुमकिन ही था। बाद में सरकार ने प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने की पहल की और 140 एकड़ जमीन देने का प्रस्ताव दिया। इस पर दिसंबर 2016 में रेलवे बोर्ड से आए मेकेनिकल शाखा अधिकारियों ने बड़ी की जमीन का निरीक्षण कर इसे फाइनल कर दिया था।
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हालांकि, उन्होंने जमीन को अपर्याप्त बताया था। तीसरी बार एचएसआईआईडीसी ने 250 एकड़ जमीन देने का प्रस्ताव रेलवे को दिया था। इस पर जब रेलवे की टीम ने निरीक्षण का कार्यक्रम तय किया तो एचएसआईआईडीसी की तरफ से फिर अड़ंगा डाल दिया गया। एचएसआईआईडीसी अब महज 165 एकड़ जमीन देने को तैयार है। इससे यह प्रोजेक्ट फिर से बंद डब्बे में जा सकता है।
बड़ी में निरीक्षण के दौरान रेलवे को एचएसआईआईडीसी अधिकारियों ने 250 एकड़ जमीन देने का प्रस्ताव दिया था। अब एचएसआईआईडीसी 165 एकड़ जमीन देने की बात कर रहा है। इसे लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। इसके बाद आगे का फैसला किया जाएगा।
ओपी नागपाल, एसएसई, उत्तर रेलवे
रेलवे ने कोच फैक्ट्री के लिए 250 एकड़ जमीन की मांग की थी। यहां रेलवे को इतनी जमीन मुहैया नहीं करवाई जा सकती। रेलवे को 165 एकड़ जमीन दी जा सकती है। बड़ी औद्योगिक क्षेत्र के लिए जिन किसानों की जमीन का अधिग्रहण हुआ था, उन्हें प्लाट भी दिए जाने हैं। इस कारण वे रेलवे को अधिक जमीन उपलब्ध नहीं करवा पा रहे हैं।
आलोक सिंह, प्रबंधक, एचएसआईआईडीसी बड़ी