सोनीपत। तिब्बत की स्वतंत्रता की मांग को लेकर धर्मशाला से नई दिल्ली तक निकाली जा रही रंगजेन पदयात्रा सोमवार को सोनीपत पहुंची। पदयात्रा के नेतृत्वकर्ता तिब्बती कार्यकर्ता तसेरिंग थारचिन का विधायक निखिल मदान के कार्यालय पहुंचने पर स्वागत किया गया। विधायक ने उनकी मांग के प्रति समर्थन जताया।
थारचिन ने 20 अगस्त 2026 को धर्मशाला से पदयात्रा शुरू की थी। यात्रा का उद्देश्य तिब्बत से जुड़े राजनीतिक, सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दों की ओर भारत समेत अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित करना है। पदयात्रा तिब्बती कार्यकर्ता लोबगा रंगजेन की स्मृति को भी समर्पित है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार रंगजेन ने 2 जुलाई को न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के बाहर आत्मदाह किया था और बाद में उनकी मौत हो गई।
पदयात्रा के दौरान थारचिन तिब्बत की स्वतंत्रता के साथ वहां की भाषा, संस्कृति और पर्यावरण से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं। उनका कहना है कि तिब्बत से जुड़े मुद्दों का संबंध हिमालयी क्षेत्र और भारत की सुरक्षा से भी है। उन्होंने भारत सरकार, विभिन्न देशों की सरकारों, संगठनों और आम लोगों से इन मुद्दों पर ध्यान देने की अपील की है।