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Sonipat News: राकेश कुमार गढ़ी कलां के सरपंच बने रहेंगे
Thu, 14 Sep 2023 01:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 14 Sep 2023 01:04 AM IST
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गन्नौर। गलत जाति प्रमाणपत्र के आधार पर चुनाव लड़ने के मामले में गांव गढ़ी कलां के सरपंच के खिलाफ निवर्तमान उपायुक्त के आदेशों को मंडल आयुक्त की अदालत ने अपास्त (खारिज) कर दिया है। निवर्तमान उपायुक्त ने गढ़ी कलां गांव के सरपंच राकेश कुमार को पदमुक्त कर दिया था। निवर्तमान उपायुक्त के आदेश जारी करने के बाद राकेश कुमार ने 10 मार्च को रोहतक मंडल आयुक्त की अदालत में अपील की थी। इस पर सुनवाई करते हुए मंडल आयुक्त ने उपायुक्त के सरपंच को पदमुक्त करने के आदेश पर रोक लगा दी थी। अब मंडल आयुक्त ने निवर्तमान उपायुक्त द्वारा सरपंच को पदमुक्त किए जाने को फैसले को अनुचित ठहराते हुए निवर्तमान उपायुक्त के आदेश को पास्त कर दिया है। मंडल आयुक्त की अदालत के फैसले के बाद अब अपीलकर्ता राकेश कुमार गांव गढ़ी कलां के सरपंच बने रहेंगे।
संदेह के आधार पर तैयार हुई जांच रिपोर्ट
राकेश कुमार ने 10 मार्च को मंडल आयुक्त की अदालत में अपील की थी। जिसके बाद मामले की सुनवाई करते हुए निवर्तमान उपायुक्त ललित सिवाच ने अतिरिक्त उपायुक्त से करवाई गई रिपोर्ट का गहनता से विश्लेषण करवाया। जांच के बाद मंडल आयुक्त की अदालत की तरफ से जारी आदेश में कहा गया कि जांच रिपोर्ट में तथ्यों के आधार पर न होकर संदेह के आधार पर तैयार की गई है। जांच रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सरपंच के खिलाफ पंचायती चुनाव की गुटबाजी के चलते शिकायत की गई है। साथ ही मंडल आयुक्त की अदालत ने राकेश कुमार द्वारा उसके और जाति का होने के संबंध में प्रस्तुत किए गए रिकॉर्ड को सही ठहराया है। जिसके चलते अदालत ने सरपंच को पदमुक्त करने के आदेशों को अपास्त कर दिया है।
यह था मामला
गढ़ी कलां गांव के दीपक ने सरपंच राकेश कुमार पर अनुसूचित जाति का फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करवा कर चुनाव लड़ने का आरोप लगाने की शिकायत दी गई थी। दीपक ने शिकायत में बताया था कि राकेश कुमार ने खुद ओढ़ जाति दिखाकर गलत तरीके से अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र बनवाया, जबकि वह हिंदू राजपूत हैं, जोकि अनुसूचित जाति में नहीं आते। इस झूठे प्रमाण पत्र के सहारे उसने अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित गांव के सरपंच पद के लिए नामांकन दाखिल किया और चुनाव जीत कर गांव का सरपंच भी बन गया। शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत के साथ राकेश कुमार के हिंदू राजपूत होने के प्रमाण भी संलग्न कर उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उसके निर्वाचन को निरस्त करने की मांग की थी।
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संदेह के आधार पर तैयार हुई जांच रिपोर्ट
राकेश कुमार ने 10 मार्च को मंडल आयुक्त की अदालत में अपील की थी। जिसके बाद मामले की सुनवाई करते हुए निवर्तमान उपायुक्त ललित सिवाच ने अतिरिक्त उपायुक्त से करवाई गई रिपोर्ट का गहनता से विश्लेषण करवाया। जांच के बाद मंडल आयुक्त की अदालत की तरफ से जारी आदेश में कहा गया कि जांच रिपोर्ट में तथ्यों के आधार पर न होकर संदेह के आधार पर तैयार की गई है। जांच रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सरपंच के खिलाफ पंचायती चुनाव की गुटबाजी के चलते शिकायत की गई है। साथ ही मंडल आयुक्त की अदालत ने राकेश कुमार द्वारा उसके और जाति का होने के संबंध में प्रस्तुत किए गए रिकॉर्ड को सही ठहराया है। जिसके चलते अदालत ने सरपंच को पदमुक्त करने के आदेशों को अपास्त कर दिया है।
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यह था मामला
गढ़ी कलां गांव के दीपक ने सरपंच राकेश कुमार पर अनुसूचित जाति का फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करवा कर चुनाव लड़ने का आरोप लगाने की शिकायत दी गई थी। दीपक ने शिकायत में बताया था कि राकेश कुमार ने खुद ओढ़ जाति दिखाकर गलत तरीके से अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र बनवाया, जबकि वह हिंदू राजपूत हैं, जोकि अनुसूचित जाति में नहीं आते। इस झूठे प्रमाण पत्र के सहारे उसने अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित गांव के सरपंच पद के लिए नामांकन दाखिल किया और चुनाव जीत कर गांव का सरपंच भी बन गया। शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत के साथ राकेश कुमार के हिंदू राजपूत होने के प्रमाण भी संलग्न कर उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उसके निर्वाचन को निरस्त करने की मांग की थी।
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