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बूंदाबांदी के करै, ठाढ़ा मींह बरसा दे...
Sonipat
Updated Sun, 03 Jul 2016 12:48 AM IST
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गुरूद्वारा रोड पर भरे बरसाती पानी से गुजरती कार
- फोटो : amar ujala
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शुक्रवार की रात व शनिवार की सुबह मानसून ने पहली दस्तक दी, लेकिन बदरा पूरे जिले में मात्र पांच एमएम बरसे। किसानों का जहां जोरदार बारिश का इंतजार है, वहीं शहर में पहले से बदहाल सफाई व सीवरेज व्यवस्था हल्की बारिश में ही चरमरा गई।
दो माह से गर्मी की मार झेल रहे लोग शनिवार सुबह उठे तो आसमान में बादल छाए मिले। तड़के पांच बजे से ही जिले में हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई थी। सात बजे सोनीपत शहर के आसपास अच्छी बारिश हुई। गोहाना, गन्नौर और राई इलाके में भी लोग बारिश का लुत्फ उठाते नजर आए। मौसम के विभाग के मुताबिक, सोनीपत ब्लॉक में सबसे ज्यादा 12 एमएम, गन्नौर 5, गोहाना में 3 एमएम बारिश दर्ज की गई है, जबकि खरखौदा में शनिवार को बादल नहीं बरसे।
शनिवार को मानसून की पहली बरसात झमाझम तो हुई। इस दौरान शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई। शहर में पानी में बह रही गंदगियों को लेकर नगर निगम के दावों की पोल खुल गई। सिक्का कालोनी ड्रेन नं. 6 के पास डाली गई गंदगी बारिश में बहकर सड़कों आ रही थी और टेंडर लगाए जाने के बावजूद गंदे पानी की निकासी के लिए ड्रेन की सफाई नहीं की जा रही।
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किसानों के चेहरे खिले, टारगेट 90 हजार हेक्टेयर
बारिश से धान की फसल रोपने वाले किसानों के चेहरे खिल गए। बिजली की कमी और बरसात न होने से किसान फसलों के लिए पानी की कमी महसूस कर रहे थे। किसान प्रेम सिंह, रमेश, रामगोपाल ने बताया कि अगर कुछ दिन बरसात हो जाए तो वे बिना परेशानी के धान की फसल की रोपाई करवा पाऐंगे। मौसम विभाग की ओर से जिले में 90 हजार हेक्टेयर में धान की रोपाई का टारगेट रखा गया है।
गन्नौर : पांच एमएम में भी भरा पानी
फोटो 13- बड़ी रोड पर बरसात के बाद भरा पानी।
गन्नौर। शनिवार सुबह से हो रही बूंदाबांदी से हवा में ठंडक महसूस की गई। तापमान में गिरावट आने से सुनसान सड़कों और पार्कों में रौनक दिखाई दी। हालांकि, मात्र पांच एमएम बारिश ही हुई, लेकिन शहर की कई सड़कों पर पानी जमा हो गया।
बड़ी रोड पर भरा बरसात का पानी
वार्ड-9 के अंतर्गत बड़ी रोड पर जलभराव हो गया। सड़क पर पानी जमा होने के कारण स्थानीय निवासियों के साथ-साथ राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वार्ड पार्षद अशोक सैनी ने बताया कि बड़ी रोड पर पानी निकासी का स्थायी समाधान न होने से सड़क पर नालियों का पानी जमा रहता है। बारिश में स्थिति और भी बिगड़ जाती है। उन्होंने बताया कि वार्ड वासियों ने गंदे पानी की निकासी करवाने के लिए प्रशासन के अधिकारियों से भी गुहार लगाई, लेकिन आज तक समाधान नहीं हुआ।
गोहाना। शनिवार को गोहाना खंड में तीन एमएम बारिश हुई। हालांकि, हल्की बारिश ने ही प्रशासन की पोल खोल दी। बारिश से नाले और सीवर ओवरफ्लो होने से सड़कें जलमग्न रहीं। इससे आने-जाने वालों को काफी परेशानी हुई। महमुदपुर रोड पर सीवर ब्लॉक होने से सबसे ज्यादा दिक्कत रही। बाइक चालकों को उतरकर पैदल बाहर निकलना पड़ा। गोहाना नगर परिषद सचिव पंकज जून ने कहा कि महमूदपुर रोड पर सीवर ओवरफ्लो होने के कारण नाला रुका हुआ है। पब्लिक हेल्थ विभाग के सीवर साफ करते ही नाला शुरू हो जाएगा। वहीं, शहर में सभी नालों की सफाई करवाई जाएगी।
अपनी निगरानी में कदम उठाएं अधिकारी : कविता जैन
शहरी स्थानीय निकाय, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण मंत्री कविता जैन का कहना है कि शहर के कई इलाकों में बारिश का पानी जमा हो जाता है। अधिकारियों को हिदायत दी गई है कि वे अपनी निगरानी में पानी निकासी की व्यवस्था करवाएं।
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दो माह से गर्मी की मार झेल रहे लोग शनिवार सुबह उठे तो आसमान में बादल छाए मिले। तड़के पांच बजे से ही जिले में हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई थी। सात बजे सोनीपत शहर के आसपास अच्छी बारिश हुई। गोहाना, गन्नौर और राई इलाके में भी लोग बारिश का लुत्फ उठाते नजर आए। मौसम के विभाग के मुताबिक, सोनीपत ब्लॉक में सबसे ज्यादा 12 एमएम, गन्नौर 5, गोहाना में 3 एमएम बारिश दर्ज की गई है, जबकि खरखौदा में शनिवार को बादल नहीं बरसे।
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शनिवार को मानसून की पहली बरसात झमाझम तो हुई। इस दौरान शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई। शहर में पानी में बह रही गंदगियों को लेकर नगर निगम के दावों की पोल खुल गई। सिक्का कालोनी ड्रेन नं. 6 के पास डाली गई गंदगी बारिश में बहकर सड़कों आ रही थी और टेंडर लगाए जाने के बावजूद गंदे पानी की निकासी के लिए ड्रेन की सफाई नहीं की जा रही।
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किसानों के चेहरे खिले, टारगेट 90 हजार हेक्टेयर
बारिश से धान की फसल रोपने वाले किसानों के चेहरे खिल गए। बिजली की कमी और बरसात न होने से किसान फसलों के लिए पानी की कमी महसूस कर रहे थे। किसान प्रेम सिंह, रमेश, रामगोपाल ने बताया कि अगर कुछ दिन बरसात हो जाए तो वे बिना परेशानी के धान की फसल की रोपाई करवा पाऐंगे। मौसम विभाग की ओर से जिले में 90 हजार हेक्टेयर में धान की रोपाई का टारगेट रखा गया है।
गन्नौर : पांच एमएम में भी भरा पानी
फोटो 13- बड़ी रोड पर बरसात के बाद भरा पानी।
गन्नौर। शनिवार सुबह से हो रही बूंदाबांदी से हवा में ठंडक महसूस की गई। तापमान में गिरावट आने से सुनसान सड़कों और पार्कों में रौनक दिखाई दी। हालांकि, मात्र पांच एमएम बारिश ही हुई, लेकिन शहर की कई सड़कों पर पानी जमा हो गया।
बड़ी रोड पर भरा बरसात का पानी
वार्ड-9 के अंतर्गत बड़ी रोड पर जलभराव हो गया। सड़क पर पानी जमा होने के कारण स्थानीय निवासियों के साथ-साथ राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वार्ड पार्षद अशोक सैनी ने बताया कि बड़ी रोड पर पानी निकासी का स्थायी समाधान न होने से सड़क पर नालियों का पानी जमा रहता है। बारिश में स्थिति और भी बिगड़ जाती है। उन्होंने बताया कि वार्ड वासियों ने गंदे पानी की निकासी करवाने के लिए प्रशासन के अधिकारियों से भी गुहार लगाई, लेकिन आज तक समाधान नहीं हुआ।
गोहाना। शनिवार को गोहाना खंड में तीन एमएम बारिश हुई। हालांकि, हल्की बारिश ने ही प्रशासन की पोल खोल दी। बारिश से नाले और सीवर ओवरफ्लो होने से सड़कें जलमग्न रहीं। इससे आने-जाने वालों को काफी परेशानी हुई। महमुदपुर रोड पर सीवर ब्लॉक होने से सबसे ज्यादा दिक्कत रही। बाइक चालकों को उतरकर पैदल बाहर निकलना पड़ा। गोहाना नगर परिषद सचिव पंकज जून ने कहा कि महमूदपुर रोड पर सीवर ओवरफ्लो होने के कारण नाला रुका हुआ है। पब्लिक हेल्थ विभाग के सीवर साफ करते ही नाला शुरू हो जाएगा। वहीं, शहर में सभी नालों की सफाई करवाई जाएगी।
अपनी निगरानी में कदम उठाएं अधिकारी : कविता जैन
शहरी स्थानीय निकाय, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण मंत्री कविता जैन का कहना है कि शहर के कई इलाकों में बारिश का पानी जमा हो जाता है। अधिकारियों को हिदायत दी गई है कि वे अपनी निगरानी में पानी निकासी की व्यवस्था करवाएं।