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Sonipat News: एसटीपी में शुद्ध पानी का दोबारा किया जाएगा उपयोग
Thu, 14 Mar 2024 11:10 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 14 Mar 2024 11:10 PM IST
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सोनीपत। उपायुक्त डाॅ. मनोज कुमार ने जल संरक्षण के साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रभावी कदम बढ़ाये हैं। उन्होंने जल की हर एक बूंद का संरक्षण करने का संकल्प लिया है, जिसके लिए एसटीपी के माध्यम से व्यर्थ बहने वाले जल का भी शुद्धिकरण करते हुए पुन: उपयोग में लाया जाएगा। उन्होंने जिले में अधिकाधिक पौधरोपण पर बल दिया है।
व्यर्थ बहने वाले जल के शुद्धिकरण व पौधरोपण को विस्तार देने के उद्देश्य से लघु सचिवालय में उपायुक्त डॉ. मनोज कुमार ने अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने सामान्य अपशिष्ट उपचार संयंत्र (सीईटीपी) व सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापना कार्य की विस्तार से समीक्षा की। ककरोई, राठधना, बड़ी, कुंडली, खरखौदा, गोहाना, गन्नौर और राई क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले पानी की उचित निकासी पर उन्होंने मंथन किया। उन्होंने कहा कि पानी के शुद्धिकरण के लिए एसटीपी स्थापना का कार्य जल्द पूरा करें। उन्होंने कहा कि व्यर्थ पानी का खुले में न छोड़ा जाए। जमावड़ा नहीं लगना चाहिए।
उपायुक्त डाॅ. मनोज कुमार ने जिले में वन क्षेत्र के विस्तार पर भी गंभीरता से मंथन किया। उन्होंने डिग्रेडिड फोरेस्ट के रिहेबलिटेशन के कार्य की प्रगति रिपोर्ट ली। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र में ग्रीन बेल्ट विकसित करें। गांवों में पंचायती भूमि पर पौधरोपण करवाएं, जिसके लिए भूमि दिलाई जाएगी। अमृत सरोवर योजना के तहत तालाबों का सुंदरीकरण करवाया जा रहा है। तालाबों के चारों ओर पौधारोपण करें। उन्होंने कहा कि फतेहपुर, सोहटी, थाना कलां, थाना खुर्द, नकलोई, निरथान आदि गांवों में काफी भूमि है जिस पर पौधरोपण करें।
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उपायुक्त ने निर्देश दिए कि नर्सरियों के महत्वपूर्ण हिस्से का प्रयोग अब सामूहिक भूमि के लिए किया जाएगा। वे बगीची विकसित करवाने को प्राथमिकता देते हैं, जिनमें फलदार पौधे लगवाएं। हर खंड में कम से कम पांच एकड़ भूमि में एक बगीची अवश्य विकसित की जाए। उन्होंने राजकीय विद्यालयों में हर्बल पार्क विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर्बल पार्क में औषधीय पौधे लगवाएं, जिसके लिए वन विभाग को हर संभव सहयोग दिया जाएगा। एचएसआईआईडीसी परिसरों में भी पौधरोपण करवाने के निर्देश दिए। इस दौरान जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डाॅ. सुशील मलिक, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी प्रदीप सिंह, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी जितेंद्र कुमार, सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता गुलशन कुमार, संदीप, जिला शिक्षा अधिकारी नवीन गुलिया, वन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
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व्यर्थ बहने वाले जल के शुद्धिकरण व पौधरोपण को विस्तार देने के उद्देश्य से लघु सचिवालय में उपायुक्त डॉ. मनोज कुमार ने अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने सामान्य अपशिष्ट उपचार संयंत्र (सीईटीपी) व सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापना कार्य की विस्तार से समीक्षा की। ककरोई, राठधना, बड़ी, कुंडली, खरखौदा, गोहाना, गन्नौर और राई क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले पानी की उचित निकासी पर उन्होंने मंथन किया। उन्होंने कहा कि पानी के शुद्धिकरण के लिए एसटीपी स्थापना का कार्य जल्द पूरा करें। उन्होंने कहा कि व्यर्थ पानी का खुले में न छोड़ा जाए। जमावड़ा नहीं लगना चाहिए।
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उपायुक्त डाॅ. मनोज कुमार ने जिले में वन क्षेत्र के विस्तार पर भी गंभीरता से मंथन किया। उन्होंने डिग्रेडिड फोरेस्ट के रिहेबलिटेशन के कार्य की प्रगति रिपोर्ट ली। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र में ग्रीन बेल्ट विकसित करें। गांवों में पंचायती भूमि पर पौधरोपण करवाएं, जिसके लिए भूमि दिलाई जाएगी। अमृत सरोवर योजना के तहत तालाबों का सुंदरीकरण करवाया जा रहा है। तालाबों के चारों ओर पौधारोपण करें। उन्होंने कहा कि फतेहपुर, सोहटी, थाना कलां, थाना खुर्द, नकलोई, निरथान आदि गांवों में काफी भूमि है जिस पर पौधरोपण करें।
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उपायुक्त ने निर्देश दिए कि नर्सरियों के महत्वपूर्ण हिस्से का प्रयोग अब सामूहिक भूमि के लिए किया जाएगा। वे बगीची विकसित करवाने को प्राथमिकता देते हैं, जिनमें फलदार पौधे लगवाएं। हर खंड में कम से कम पांच एकड़ भूमि में एक बगीची अवश्य विकसित की जाए। उन्होंने राजकीय विद्यालयों में हर्बल पार्क विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर्बल पार्क में औषधीय पौधे लगवाएं, जिसके लिए वन विभाग को हर संभव सहयोग दिया जाएगा। एचएसआईआईडीसी परिसरों में भी पौधरोपण करवाने के निर्देश दिए। इस दौरान जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डाॅ. सुशील मलिक, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी प्रदीप सिंह, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी जितेंद्र कुमार, सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता गुलशन कुमार, संदीप, जिला शिक्षा अधिकारी नवीन गुलिया, वन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।