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किसान आंदोलन में मतभेद: गुरनाम चढ़ूनी ने कहा-पंजाब में चुनाव लड़ें किसान, पंजाब के संगठनों का जवाब-ऐसा कोई इरादा नहीं

Thu, 08 Jul 2021 10:19 AM IST
निवेदिता वर्मा अंकित चौहान, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा)
अंकित चौहान, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 08 Jul 2021 10:19 AM IST
सार

हरियाणा के किसान नेता गुरनाम चढ़ूनी का कहना है कि किसानों के लिए सत्ता में आना जरूरी है। भाजपा को हराने से किसानों का भला नहीं होगा। ऐसे में यूपी में भाजपा को हराने से पहले पंजाब के किसानों को अपनी सरकार बनानी होगी। 

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Punjab Farmer unions reject Farmer Leader Gurnam Chaduni Advice to Start Mission Punjab
गुरनाम चढ़ूनी - फोटो : फाइल

विस्तार

किसानों का मिशन यूपी और पंजाब अभी शुरू भी नहीं हुआ है और उनको लेकर संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं में मतभेद सामने आने लगा है। जहां संयुक्त किसान मोर्चा के नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने यूपी से पहले मिशन पंजाब शुरू करके किसान संगठनों के नेताओं को चुनाव लड़ने की तैयारी करने की सलाह दी है। वहीं संयुक्त किसान मोर्चा में शामिल पंजाब के संगठनों ने तुरंत आगे आकर इसका विरोध कर दिया और इसे उस नेता की निजी सोच बताते हुए चुनाव लड़ने का कोई इरादा नहीं होने की बात कही है। 

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किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कुंडली बॉर्डर पर कहा कि किसान आंदोलन पिछले साढ़े 7 महीने से चल रहा है और इसमें काफी उतार-चढ़ाव आए तो काफी किसान शहीद भी हो गए हैं। संयुक्त मोर्चा की अगली योजना मिशन उत्तर प्रदेश है, जिसमें पांच सितंबर की बड़ी रैली रखी गई है तो अन्य कार्यक्रम भी रखे गए हैं। फरवरी के आसपास चुनाव आने पर भाजपा का विरोध करके हराने की योजना है। 

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किसानों की हालत पहले से खराब है

गुरनाम चढूनी ने संयुक्त किसान मोर्चा के इस मिशन यूपी पर सवाल उठाते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा को हराने पर किसानों की बात नहीं मानी गई तो यूपी में अगर भाजपा को हरा दिया जाता है तो उसके बाद क्या गारंटी होगी कि किसानों की बात मानी जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों की हालत केवल भाजपा सरकार ने खराब नहीं की है, बल्कि किसानों की हालत पहले से खराब है और अब कुछ ज्यादा खराब हो गई है। साढ़े 7 महीने में विपक्ष का एक भी बयान नहीं आया कि उनकी सरकार आने पर कृषि कानूनों को खत्म कर देंगे और एमएसपी पर कानून बनाएंगे। 

गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि सरकार बदलती रही है, लेकिन किसानों का फायदा कभी नहीं हुआ है। इसलिए मिशन उत्तर प्रदेश की जगह मिशन पंजाब चलाना चाहिए। मिशन पंजाब का प्लान बनाना पड़ेगा और पंजाब के जितने संगठन हैं, अगर वे पंजाब में चुनाव में उतर जाएं तो वहां किसानों व मजदूरों की सरकार बनेगी। इससे वहां बदलाव करके दिखाएंगे और वहां का मॉडल अन्य सरकारों को पूरे देश में लागू करना होगा।

इस तरह मिशन यूपी भाजपा को हराने के लिए है और मिशन पंजाब एक मॉडल पेश करने के लिए। इसलिए मिशन पंजाब पहले शुरू करना चाहिए। मिशन उत्तर प्रदेश को बाद में शुरू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सर छोटूराम भी किसानों का भला इसलिए कर सके, क्योंकि सत्ता में रहते थे। उन्होंने सलाह देते हुए कहा कि इस आंदोलन में पंजाब सिरमौर है और इसलिए बदलाव की शुरुआत पंजाब से करनी होगी। 

पंजाब के संगठनों का चुनाव का कोई इरादा नहीं : दर्शनपाल
गुरनाम चढूनी के बयान के बाद संयुक्त किसान मोर्चा के नेता दर्शनपाल को तुरंत ही सफाई देने के लिए आगे आना पड़ा। दर्शनपाल ने कहा कि गुरनाम सिंह चढूनी का बयान निजी है और उससे संयुक्त मोर्चा व पंजाब के 32 संगठनों में किसी का कोई मतलब नहीं है। इसके साथ ही सफाई देते हुए कहा कि पंजाब के किसी भी संगठन के नेता का अभी चुनाव लड़ने का कोई इरादा नहीं है।
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